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पहला अफेयर- तेरा इंतज़ार आज भी है… (Pahla Affair- Tera Intezaar Aaj Bhi Hai…)

राजीव के कहे तीन जुमलों ने मेरी दुनिया ही बदल डाली. पहली बार मैंने जाना कि प्यार का एहसास क्या होता है. सीमा की शादी की तैयारियों के साथ-साथ हमारा प्यार भी परवान चढ़ता गया.

वो बेहद ही ख़ूबसूरत दिन थे, जब मैं सपनीली दुनिया के प्रथम सोपान पर थी. ज़िंदगी कॉलेज, किताबों व अपनी सबसे प्यारी सहेली सीमा के साथ बड़े मज़े से गुज़र रही थी कि सीमा के घरवालों ने सीमा का चट मंगनी पट ब्याह वाली स्टाइल में विवाह तय कर दिया. और सीमा की शादी की तैयारियां शुरू हो गई.

जिस दिन लड़के वाले सीमा की सगाई की रस्म पूरी करने आ रहे थे, उसी दिन सीमा की बुआ का बेटा राजीव भी आ रहा था. वह मिलिट्री में ऑफिसर था.

मां ने मुझे अपना काला जरदोजी का लहंगा व चुन्नी पहनाकर उस पर हल्का सा मोतियों का सेट पहनाकर ढीला सा जूड़ा बना दिया. मैं सीमा के घर पहुंची तो सीमा मुझसे लिपट गई और बोली, "लगता है आज कहीं बिजली गिरेगी. तू तो सचमुच बहुत प्यारी लग रही है." और उसने मुझे पकड़कर घुमा दिया, जिससे मेरा जूड़ा खुल गया और मेरे घने काले, रेशमी बाल बिखर गए और पीछे से आवाज़ आई, "ब्यूटीफुल."

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मैंने आवाज़ की दिशा में घूम कर देखा तो लगा, मेरी पलकें झपकना ही भूल गई हैं, छह फीट लंबा ख़ूबसूरत वह शख़्स, जिसकी गहरी आंखें लगातार मुझे निहार रही थीं, यक़ीनन राजीव ही था.

सीमा की आवाज़ ने मेरी तन्द्रा भंग की, "यह मेरे राजीव भैया हैं और भैया यह काजल, मेरी सबसे प्यारी सहेली." मैं जल्दी से 'हेलो' करके अन्दर भाग गई. शायद एक लम्हे में ही मेरी दुनिया बदल गई थी और मेरे साथ ही किसी और की भी.

राजीव ने सगाई व शादी का सारा काम एक बड़े भाई की तरह बख़ूबी संभाल लिया था. वे मुझे भी कुछ न कुछ काम बताकर हर पल अपने पास रखने की कोशिश कर रहे थे. मुझे भी ये सब अच्छा लग रहा था, सो मैं उनका हर काम करती रही.

सगाई की रस्म ख़त्म होते ही गाने-बजाने का कार्यक्रम रखा गया. हम सब गोलाई में बैठे हुए थे. राजीव बिल्कुल मेरे पास आकर बैठ गए और फुसफुसाकर मेरे कानों में कहा, "आई लव यू काजल. मुझे तुम्हारा जवाब चाहिए."

राजीव द्वारा अचानक ही किए गए मुहब्बत के इस इज़हार से मैं शरमा गई और मेरी निगाहें झुक गईं. राजीव को उनका जवाब मिल गया. राजीव के कहे तीन जुमलों ने मेरी दुनिया ही बदल डाली. पहली बार मैंने जाना कि प्यार का एहसास क्या होता है. सीमा की शादी की तैयारियों के साथ-साथ हमारा प्यार भी परवान चढ़ता गया.

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फिर राजीव ने न जाने कब अपने घरवालों को बुलाया और किस तरह मेरे घरवालों से बातचीत की. मुझे पता भी नहीं चला और सीमा की शादी से एक दिन पहले राजीव ने मेरी उंगली में सगाई की अंगूठी पहना दी. मुझे यक़ीन भी नहीं हुआ और मेरा पहला प्यार ख़्वाबों से हक़ीक़त में बदल गया. मैं ख़ुश ही नहीं थी, बल्कि दीवानगी की हद तक ख़ुश थी. पर शायद मेरी ख़ुशियों को मेरी ही नज़र लग गई.

राजीव के हेडक्वार्टर से तार आ गया कि श्रीलंका भेजी जाने वाली शांति सैनिकों की एक टुकड़ी का प्रमुख उन्हें बनाया गया है और राजीव को अगले ही दिन जाना होगा. सुनकर मैं रो पड़ी. राजीव पूरे दिन मुझे समझाते रहे, पर मेरे आंसू नहीं रुके. उनकी गाड़ी का वक़्त हो गया. उनकी फ़रमाइश पर मैंने वही काला लहंगा, मोती का सेट पहना व ढीला-सा जूड़ा बनाया. तभी पीछे से राजीव ने एकदम से कहा, 'ब्यूटीफुल!' और मैं रोते-रोते मुस्कुरा दी.

हम सब उन्हें स्टेशन तक छोड़ने गए. गाड़ी छूटने में चंद मिनट ही बाकी थे. सब लोग नीचे उतर गए. डिब्बे में हम दोनों ही थे. मैंने एक बार फिर डबडबाई आंखों से उन्हें देखा और उन्होंने अपनी गर्म हथेलियों में मेरे हाथों को लेकर हल्के से दबा दिया और बोले, "मैं जल्दी ही आऊंगा. तुम इंतज़ार करना."

तब से आज तक राजीव का इंतज़ार कर रही हूं. शायद प्रतीक्षा ही मेरी नियति बन गई है. खोए हुए शांति सैनिकों में राजीव भी शुमार हैं.

हर वक़्त इसी इंतज़ार में रहती हूं कि कभी किसी दिन कोई पीछे से एकदम बोलेगा, "ब्यूटीफुल!" और मैं लिपट जाऊंगी उससे कसकर, उसे कहीं भी न जाने दूंगी!..

- काजल मेहतानी

पहला अफेयर

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Photo Courtesy: Freepik

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