
आज भी जब गीत बजता है एक चतुर नार बड़ी होशियार... या हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं... बरबस महमूद का चेहरा आंखों के सामने आ जाता है. वे एक ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अपने लाजवाब कॉमेडी से हर किसी का दिल जीता था.

महमूद के बारे में ऐसी बहुत सी बातें हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान होने के साथ ताज्जुब भी करेंगे. जी हां, मेरी सहेली के इस पॉडकास्ट में जानें महमूद से जुड़ी कई अनकही बातें. पूरा पॉडकास्ट सुनने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
भला कौन भूल सकता है ‘प्यार किए जा’ मूवी का वो सीन जब वे ओमप्रकाश को भूतहा सीन के बारे में अपने अनोखे अंदाज़ में बयां करते हैं. सच इस मूवी का वो आइकॉनिक सीन था, जहां दो मंजे हुए हास्य कलाकार अपने अभिनय के शिखर को मनोरंजन के बेहतरीन अंदाज़ में ले जा रहे थे.

महमूद के होम प्रोडक्शन की फिल्म ‘पड़ोसन’ भी एवरग्रीन कॉमेडी फिल्मों में से एक रही है. किशोर कुमार के साथ उनकी जुगलबंदी ख़ासकर एक चतुर नार... गाने में तो इस कदर अपने चरम पर थी कि आज भी वो सीन देख हंसी से हर कोई लोटपोट हो जाता हैं.

वैसे यह भी कुछ कम दिलचस्प वाकया नहीं है कि जब अपने शुरुआती दिनों में महमूद ने काम के लिए किशोर कुमार से अनुरोध किया था. तब उनका भी कुछ कम दिलचस्प जवाब नहीं था कि मैं तुम्हें काम देकर अपना नुक़सान क्यों कराऊंगा... क्योंकि उस दौर में किशोर कुमार नायक के साथ हास्य कलाकार के रूप में भी बेहद मशहूर थे. महमूद की बहुमुखी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें अपना अस्तित्व डांवाडोल सा लगता था. लेकिन इसे महमूद की दरियादिली ही कहेंगे कि उन्होंने काम न देने पर किशोर कुमार से कहा था कि मैं एक दिन आपको अपनी फिल्म में काम दूंगा... और उन्होंने अपना वादा पूरा किया और अपनी फिल्म ‘पड़ोसन’ में उन्हें लिया.
यूं तो महमूद की ख़्वाहिश अभिनेता बनने की थी, परंतु उनकी दाल नही गली. पर गुमनाम, प्यार किए जा जैसी फिल्मों में उनके परफॉर्मेंस ने लोगों का दिल ज़रूर जीता. बॉम्बे टू गोवा, भूत बंगला, कुंवारा बाप जैसी बेहतरीन फिल्मों के लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है.
बहुत कम लोग जानते हैं कि अभिनेत्री मीना कुमारी महमूद की साली थीं. दरअसल, उन्होंने उनकी बहन मुध से शादी की थी. लेकिन बाद में उनका तलाक़ हो गया था. यह भी कुछ कम दिलचस्प नहीं था कि वे मीना कुमारी को टेबल टेनिस सीखाने उनके घर आया करते थे. और कब बहन मधु से आंखें चार हो गईं, वे ख़ुद ही नहीं जान पाए.
एक ज़माना था जब टॉप के कॉमेडियन में महमूद की गिनती होती थी. उस दौर में तो ख़ासतौर पर हास्य कलाकारों के लिए सिचुएशन और गीत लिखे जाते थे. आज जैसा नहीं कि हीरो ही कॉमेडी से लेकर विलेन तक के रोल ख़ुद ही निभा लेते हैं.
महमूद ने दो शादी की थी. उनके आठ बच्चे थे, जिनमें से विशेषकर लकी अली ही मशहूर हुए. जिन्होंने एक से एक बढ़िया गीत गाए. सिंगर लकी अली का ‘कहो ना प्यार है’ फिल्म का गाना क्यों चलती है पवन... तो सदाबहार रहा है.
महमूद सेल्फ मेड आर्टिस्ट थे. उन्होंने ज़िंदगीभर ख़ूब काम किया, पर संघर्ष भी बेहद रहा. दर्शकों को उनका हैदराबादी टोन विशेषकर पसंद आता था. इसलिए कई फिल्मों में उन्होंने उसी सुर-ताल में सभी का भरपूर मनोरंजन किया.
ऐसे बहुत कम कलाकार होते हैं जो जाने के बाद भी हमेशा दिलों में ख़ूबसूरत याद व प्यारी मुस्कान के साथ याद किए जाते हैं, ऐसे ही कलाकार थे महमूद.
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