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संबंधों से निकलने की नई तस्वीर- फंबलिंग (New image of getting out of relationships- fumbling)

आज की डेटिंग कल्चर में फंबलिंग एक बेहद लोकप्रिय शब्द है, जो अमेरिकी फुटबॉल से आया है. वहां जब कोई खिलाड़ी हाथ में आए हुए गेंद को लापरवाही या तनाव में नीचे गिरा देता है तो उसे फंबलिंग कहा जाता है. यानी उसके पास गोल बनाने का पूरा अवसर होने के बावजूद वह उसे खो देता है.

संबंधों में भी कई बार सब कुछ सही होने के बावजूद एक व्यक्ति बिना कोई स्पष्ट कारण बताए दूसरे व्यक्ति को अपने जीवन से दूर कर देता है. यानी एक अच्छा पार्टनर केवल अपनी असुरक्षा और अपरिपक्वता के कारण छोड़ दिया जाता है, इसी घटना को फंबलिंग कहा जाता है.

आजकल अनेक युवा रिलेशनशिप में दिखाई देते हैं. दोनों पार्टनरों के बीच सब कुछ ठीक चल रहा होता है. अचानक एक दिन पता चलता है कि लड़की ने लड़के को बिना कोई क्लोजर दिए रिश्ता तोड़ दिया. शुरुआत में संदेशों का जवाब न देना, फोन न उठाना और फिर अचानक मिलना बंद कर देना या एक छोटा सा संदेश छोड़कर सामने वाले को उलझन में डालकर गायब हो जाना, यह सब फम्बलिंग के उदाहरण हैं.

साथ जीने और आगे बढ़ने के सपने देखे गए हों, पार्टनर में कोई कमी भी न हो, फिर भी ऐसा क्यों होता है? पहली नज़र में यह पागलपन या निर्णय न ले पाने जैसी बात लगती है, लेकिन वास्तव में यह बीते अनुभवों और मानसिक संघर्षों का परिणाम भी हो सकता है.

फंबलिंग का पहला मनोवैज्ञानिक कारण- आत्मघाती व्यवहार

जब किसी व्यक्ति को यह महसूस होता है कि वह अपने पार्टनर के प्रेम के योग्य नहीं है, तब वह अनजाने में ऐसा व्यवहार करने लगता है, जिससे रिश्ता टूट जाए. यदि पार्टनर उससे अधिक सक्षम और प्रभावशाली हो तो वह हीनभावना महसूस करता है. हीनभावना से मन में शंका और शंका से असुरक्षा जन्म लेती है.

उसे लगता है कि संबंध बहुत आगे बढ़ जाए और बाद में दुख सहना पड़े, उससे अच्छा है पहले ही दूर हो जाना. ऐसे लोग अपनी कमज़ोरी और डर को सामने लाना नहीं चाहते, इसलिए कोई स्पष्टता भी नहीं देते.

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उदाहरण के तौर पर ग्रंथ और रुचिका दो वर्षों से डेटिंग कर रहे थे. ग्रंथ सरल स्वभाव का था और रुचिका तेज एवं प्रतिभाशाली. दोनों एक-दूसरे के पूरक भी थे. दो वर्षों में रुचिका करियर में ग्रंथ से बहुत आगे निकल गई. अब ग्रंथ को लगने लगा कि वह रुचिका के योग्य नहीं है. वह उसकी आवश्यकताएं पूरी नहीं कर पाएगा और उसे ख़ुश नहीं रख सकेगा. इसलिए उसने अपना ट्रांसफर करवाकर रुचिका से बातचीत बंद कर दी और रिश्ता समाप्त कर दिया.

यहां ग्रंथ ने यह भी नहीं सोचा कि यदि रुचिका ख़ुश नहीं थी तो वह दो साल तक रिश्ते में क्यों रहती? हर व्यक्ति अपने जैसा ही साथी नहीं खोजता. कई लोग अपने भीतर जो नहीं होता, वही गुण साथी में ढूंढ़ते हैं. महत्वाकांक्षी व्यक्ति को सरल साथी पसंद आता है, बुद्धिमान व्यक्ति को भावुक व्यक्ति आकर्षित करता है और अत्यधिक स्मार्ट व्यक्ति को साधारण इंसान में जीवन और संबंधों की स्थिरता दिखाई देती है, लेकिन फंबलिंग करने वाला व्यक्ति यह बात भूल जाता है.

प्रेम तो चाहिए, लेकिन गहराई से डर

कुछ लोग प्रेम, स्नेह और अपनापन तो चाहते हैं, लेकिन संबंधों की गहराई उन्हें असहज करती है. उन्हें लगता है कि उनकी आज़ादी छीनी जा रही है. संबंधों के साथ आने वाली ज़िम्मेदारियां उन्हें स्वीकार नहीं होतीं.

ऐसे लोग अक्सर स्वकेंद्रित होते हैं. प्रेम में समर्पण, सहनशीलता और दूसरे की भावनाओं को महत्व देना उन्हें कठिन लगता है. उनमें प्रतिबद्धता की कमी होती है. प्रेम निभाने की क्षमता कम होने के कारण उन्हें रिश्ते से भाग जाना ही बेहतर लगता है.

बेहतर विकल्प के भ्रम में जीने वाले लोग

तीसरे प्रकार के लोग हमेशा इस भ्रम में जीते हैं कि उन्हें इससे भी बेहतर व्यक्ति मिल सकता है. सामने वाला व्यक्ति अच्छा होने पर भी वे वर्तमान रिश्ते की कद्र नहीं कर पाते. 'Fear of Missing Out' यानी कुछ बेहतर छूट जाने के डर में वे अच्छे संबंध भी तोड़ देते हैं.

वास्तव में एक स्वस्थ और गहरे रिश्ते के लिए प्रयास, ज़िम्मेदारी और सच्ची बातचीत आवश्यक होती है. भावनात्मक रूप से अपरिपक्व लोग इस ज़िम्मेदारी से भागते हैं. वे शुरुआत में प्रेम का प्रदर्शन करते हैं, लेकिन जब रिश्ता निभाने की बात आती है तो गायब हो जाते हैं.

आश्चर्य की बात यह है कि फंबलिंग करने वाले व्यक्ति को कुछ समय बाद अपनी ग़लती का एहसास भी होता है.

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ऐसे व्यक्ति की पहचान

ऐसे लोग अक्सर अहंकारी होते हैं. दूसरों की परवाह नहीं करते. प्रेम संबंधों को गंभीरता से नहीं लेते. रिश्तों में आने वाली चुनौतियों से डरते हैं. हीनभावना महसूस करते हैं.

फंबलिंग करने वाले व्यक्ति को हमेशा याद रखना चाहिए-

यदि सामने वाला व्यक्ति अच्छा है, तो उसे छोड़ने की बजाय उससे कुछ अच्छा सीखना चाहिए. अपनी कमियों पर काम करना चाहिए. अच्छे लोग किसी का लंबे समय तक इंतज़ार नहीं करते. यदि आप किसी अच्छे संबंध को अलविदा कहेंगे तो वह व्यक्ति हमेशा आपकी प्रतीक्षा नहीं करेगा. उसका भी आत्मसम्मान होता है. आप उसी व्यक्ति को खो देते हैं, जो आपके लिए सबसे बेहतर था. जब तक अपनी ग़लती समझ आती है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है.

Photo Courtesy: freepik

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