जब से अक्षय कुमार की फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ बन रही थी तब से तमाम कयास लगाए जा रहे थे, ख़ासकर फिल्म में सितारों की भरमार को लेकर. जी हां, दो-चार नहीं, बल्कि 32-34 स्टार्स से सजी है फिल्म. लेकिन दाद देनी होगी निर्देशक अहमद खान की उन्होंने हर कलाकार को स्पेस दिया और उनसे कुछ न कुछ ऐसा ज़रूर करवाया, जो दर्शकों के दिलोदिमाग़ में रह जाए.

कैसे एक बिज़नेसमैन गाजा, जाकिर हुसैन अपनी काली कमाई यानी ब्लैक मनी को व्हाइट कराने के चक्कर में एक फ्लॉप फिल्म बनाने का आइडिया मिलने पर मैनजर दुबे, जॉनी लीवर और अपनी बेटी जैकलीन फर्नांडिस को काम पर लगा देता है. फिर सीन द सीन मज़ेदार कॉमेडी की शुरुआत होती चली जाती है.
सबसे पहले तो फ्लॉप बेरोज़गार डायरेक्टर्स के रूप में देव-दास, परेश रावल और राजपाल यादव जुड़ते हैं और उनके साथ स्टेपनी के तौर पर आधा अंधा यानी काना ही समझ लीजिए नयनसुख, श्रेयस तलपड़े कैमरामैन के रूप में हुड़दंग मचाते हैं.

आगे इनकी खोज हीरो के तौर पर राजीव, अक्षय कुमार पर जाकर पूरी होती है और उनके सेक्रेटरी के क़िरदार में तुषार कपूर भी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहें. खिलाड़ी कुमार की इंट्री पहले से ही मशहूर हो चुका भोजपुरी गाना ‘घिस घिस...’ से होता है. इसमें भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ अक्षय टिपिकल उत्तर भारतीय नायक की तरह जमकर अफलातून अजीबोग़रीब हरकतें करते हैं, जो हंसाती है तो गुदगुदाती भी है. कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने बोल्डनेस के साथ थोड़ी अश्लीलता दिखाने में भी कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी.

राजीव की कहानी बताई जा ही रही थी कि एक गाना ख़त्म होता नहीं कि उसकी प्रेमिका रही एक्ट्रेस दिशा पाटनी के साथ हंगामेदार पॉप म्यूज़िक के साथ दूसरे गाने का आगाज़ हो जाता है. यहां पर देसी-विदेशी का क्या ख़ूब ख़्याल रखा गया है. अक्षरा सिंह के साथ देसी लटके-झटके रहे तो वहीं दिशा के साथ अक्षय कुमार का अलग ही स्वैग देखते बनता है.
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चूंकि कलाकारों की पलटन होने के कारण फिल्म की कहानी पटकथा के रूप में बताते हुए तेजी से चलती है. अक्षय का उर्वशी रोतैला के कारण दिशा के साथ एक ग़लतफ़हमी के चलते ब्रेकअप हो चुका है. ‘वेलकम’ फिल्म के असल नायक रहे नाना पाटेकर और अनिल कपूर के कजन के रूप में सुनील शेट्टी और अरशद वारसी भी फिल्म के अंदर बन रही फ्लॉप फिल्म में विलेन के तौर पर जुड़ जाते हैं.
सभी कलाकारों को ट्रेनिंग देने के लिए मोहतरमा लारा दत्ता का भी एक्शन के साथ आना होता है. किस तरह जंगल में मंगल करते हुए सभी आनन-फानन में हंसी के हंगामे से भरपूर ट्रेनिंग लेते हैं वो सब देखते हुए हंसते-हंसते आप लोटपोट हो जाएंगे.

कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब जाकिर हुसैन के यहां इनकम टैक्स की रेड पड़ जाती है और अब वो कंगाल हो चुका है और उसे फ्लॉप की जगह फिल्म को हिट करवाना है. जॉनी लीवर, परेश रावल व राजपाल यादव की टीम नए सिरे से सोचने पर मजबूर होती है कि कैसे एक दिन में बिना बजट के फिल्म की शूटिंग की जाए और हिट भी. उन्हें सलाह मिलती है जंगल के उस पार एक ऐसे गांव की जहां पर असली लोग, विलेन सब का इंतज़ाम हो जाएगा.

गांव में सभी सितारों का आगमन और रवीना टंडन, आफताब शिवदासानी, फरीदा जलाल, किरण कुमार से लेकर जैकी श्रॉफ, विंदू दारा सिंह सभी की छोटे-छोटे दृश्यों के साथ दिलचस्प इंट्री होती है. इन सब अफरा-तफरी में महाभारत के त्रिदेव रहे कर्ण, अर्जुन और दुर्योधन यानी पंकज धीर, फिरोज खान और पुनीत इस्सर का दिलचस्प आगमन. साथ में अक्षय कुमार का डबल रोल भी हास्य का कहर बरसाता है. फिल्म में दिवगंत अभिनेता पंकज धीर को भी श्रद्धांजलि दी गई है.

फिल्म का मध्यांतर भी कुछ कम रोचक नहीं. जब अक्षय कुमार दर्शकों से बाहर जाने या सीट न छोड़ने गुज़ारिश करते हुए कहते हैं कि फिल्म में यह गाना नहीं दे पाए, इसलिए इसे इंटरवल में दिखा रहे हैं. सच, यह कॉन्सेप्ट भी दर्शकों में उत्सुकता पैदा कर देता है.
लेकिन कहते हैं ना अंत भला तो सब भला इतने सारे स्टार्स के साथ सब को लेकर चलते हुए डायरेक्टर अहमद खान सभी को जस्टिफाई करने के साथ-साथ लोगों के साथ भी न्याय करते हैं, जो फुल इंटरटेन करते हैं, पैसा वसूल वाला हिसाब. शायद इसलिए अंत में अक्षय कुमार और अन्य सिंगर्स की आवाज़ में तेरा पैसा मेरा पैसा... गाना भी रंग जमाने में कामयाब रहा. वन के वनमानुष भी कॉमेडी करने का मौक़ा नहीं छोड़ते. गोरिल्ला का वो अंदाज़ भी प्यारा लगता है.

‘वेलकम टू द जंगल’ में सितारों की फौज में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, रवीना टंडन, अरशद वारसी, परेश रावल, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, आफताब शिवदासानी, लारा दत्ता, जैकी श्रॉफ, उर्वशी रौतेला, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, बृजेन्द्र काला, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, आदित्या सिंह, भाग्य भानुशाली, वृहि कोडवारा हर किसी ने अपनी भूमिका के साथ न्याय किया है. सिनेमैटोग्राफर कबीर लाल का काम इंप्रेसिव है.
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संगीतकार विक्रम मोंट्रोस की म्यूज़िक फ़रहाद भीवंडीवाला, रुबाई की गाए गीत गुल खिलाते हैं. टाइम्स म्यूज़िक सब के तले आनंद राज आनंद का संगीत भी लाजवाब है. कहानी नीरज वोरा और संवाद फरहाद सामंती का है. ए. ए. नाडियाडवाला, कैप ऑफ गुड फिल्म्स व स्टार स्टूडियो18 द्वारा सीता फिल्म्स व राकेश डांग के सहयोग से बनी है यह फिल्म. ‘वेलकम टू द जंगल’ में बेस इंडस्ट्रीज़ ग्रुप प्रोडक्शन के बैनर तले निर्माता फिरोज ए. नाडियाडवाला, राकेश डांग व वेदांत विकास बाली जुड़े हुए हैं.

एडिटर नितिन पौने तीन घंटे की इस फिल्म को थोड़ा छोटा किया जा सकता था, पर इतने सितारों की वजह से शायद संभव न होता. फिर भी बीच-बीच में थोड़ी-बहुत बोरियत को छोड़ दिया जाए तो पूरी फिल्म भरपूर मनोरंजन करती है. वेलकम थ्री यानी ‘वेलकम टू द जंगल’ ‘वेलकम’ और ‘वेलकम बैक’ की तरह यक़ीनन कामयाबी के झंड़े लहराएगी.
- ऊषा गुप्ता

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