शरीर में कुछ अब्नॉर्मल तो नहीं, कहीं कोई बीमारी तो नहीं पनप रही, शरीर में कुछ कम या ज़्यादा तो नहीं, इसके लिए डॉक्टर्स ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं, ताकि समय रहते पता चल जाए और ज़रूरी इलाज हो सके. लेकिन अगर ब्लड टेस्ट से पहले कुछ बातों का ध्यान न रखा जाए या कुछ ग़लतियां हो जाएं, तो ब्लड रिपोर्ट्स गड़बड़ हो सकती है और ऐसे में सही इलाज करना भी मुश्किल हो जाता है. इसलिए ज़रूरी है कि ब्लड टेस्ट से पहले कुछ बातों का ध्यान रखा जाए.
फास्टिंग से जुड़ी इन ग़लतियों से बचें

फास्टिंग ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल, लिवर फंक्शन टेस्ट और कुछ किडनी टेस्ट के लिए आमतौर पर 8-12 घंटे खाली पेट रहना ज़रूरी होता है. इस दौरान इन बातों का ध्यान रखें.
– फास्टिंग के दौरान सादा पानी पी सकते हैं. इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और नस से ब्लड सैंपल लेना भी आसान होता है.
– पानी में चीनी, नमक, नींबू या कोई फ्लेवर मिलाकर ना पीएं.
– अगर किसी ब्लड टेस्ट के लिए फास्टिंग की सलाह दी गई है, तो चाय, कॉफी, जूस, दूध, सॉफ्ट ड्रिंक या कोई भी कैलोरी वाला पेय भी नहीं पीना चाहिए. ये ब्लड शुगर, इंसुलिन और कुछ अन्य टेस्ट के रिज़ल्ट को प्रभावित कर सकते हैं.
ब्लड टेस्ट से पहले क्या करें?

– डॉक्टर या लैब के निर्देशों का पालन करें.
– जिस टेस्ट के लिए जितने घंटे की फास्टिंग ज़रूरी हो, उतने समय तक खाली पेट रहें.
– सादा पानी पर्याप्त मात्रा में पीते रहें.
– टेस्ट से एक रात पहले अच्छी नींद लें. अच्छी नींद न सोने से भी टेस्ट के रिज़ल्ट प्रभावित होते हैं.
– आप जो भी दवाएं ले रहे हैं, उन सभी दवाओं और सप्लीमेंट्स की जानकारी डॉक्टर या लैब को दें.
– यदि डॉक्टर ने कहा हो, तो कुछ दवाएं सैंपल देने के बाद ही खाएं.
ब्लड टेस्ट से पहले क्या न करें?

स्टिंग के दौरान चाय, कॉफी, जूस या अन्य कैलोरी वाले पेय लेने से बचें.
– टेस्ट से 24 घंटे पहले शराब या सिगरेट न पीएं.
– ब्लड सैंपल देने से पहले भारी एक्सरसाइज़ या जिम न करें.
– डॉक्टर की सलाह के बिना विटामिन, हर्बल या अन्य सप्लीमेंट्स न लें.
– एक रात पहले लंबा सफर न करें, ना ही रात भर जागें.
टेस्ट से पहले न लें ये दवाएं
– स्टेरॉइड न लें. इससेे ब्लड शुगर, थइउ (व्हाइट ब्लड सेल्स) और अन्य पैरामीटर बदल सकते हैं.
– थायरॉइड की दवा. ये थायरॉइड फंक्शन टेस्ट प्रभावित कर सकता है.
– आयरन सप्लीमेंट. इससे आयरन प्रोफाइल रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है.
– बायोटिन (हेयर-स्किन-नेल सप्लीमेंट). इससे थायरॉइड, कई इम्यूनो टेस्ट की रिपोर्ट ग़लत आ सकती है.
– विटामिन बी 12 और विटामिन डी सप्लीमेंट लेने से स्तर की जांच प्रभावित हो सकती है.
– डायबिटीज़ की दवाएं और इंसुलिन से ब्लड शुगर की रिपोर्ट बदल सकती है.
– ब्लड थिनर लेने से खून क्लॉटिंग से जुड़े टेस्ट प्रभावित हो सकते हैं.
सैंपल देने से पहले जिम या एक्सरसाइज़ करने से बचें

टेस्ट के पहले जिम जाने या एक्सरसाइज़ करने से ब्लड रिपोर्ट्स में ये बदलाव आ सकते हैं.
– ब्लड शुगर लेवल में बदलाव आ सकता है.
– क्रिएटिनिन बढ़ सकता है.
– लैक्टेट लेवल बढ़ सकता है.
– लिवर एंजाइम अस्थाई रूप से बढ़ सकते हैं.
– व्हाइट ब्लड सेल की संख्या भी बढ़ सकती है.
– शरीर में पानी की कमी होने से कुछ रिपोर्ट प्रभावित हो सकती हैं.
– इसलिए बेहतर होगा कि ब्लड टेस्ट से कम से कम 24 घंटे पहले भारी वर्कआउट से बचें.
स्मोकिंग और अल्कोहल से दूर रहें
– शराब लिवर एंजाइम को कई घंटों तक बढ़ा सकता है. भले ही लिवर स्वस्थ हो.
– ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा या घटा सकता है.
– ट्राइग्लिसराइड्स या यूरिक एसिड का स्तर को भी बढ़ा सकता है.
– कुछ मामलों में इलेक्ट्रोलाइट्स का लेवल भी प्रभावित हो सकता है.
– इसी तरह टेस्ट से पहले स्मोकिंग ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा सकता है.
– ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट अस्थाई रूप से बढ़ सकते हैं.
– व्हाइट ब्लड सेल और हीमोग्लोबिन का पैरामीटर प्रभावित हो सकता है.
– कुछ मामलों में लिपिड प्रोफाइल की रिपोर्ट भी प्रभावित हो सकती है.
– बेहतर होगा कि ब्लड सैंपल देने से 24-48 घंटे पहले शराब न पीएं. टेस्ट वाले दिन स्मोकिंग से पूरी तरह परहेज करें.
स्ट्रेस न लें और पूरी नींद सोएं
स्ट्रेस लेने या पूरी नींद न लेने से कुछ ब्लड टेस्ट के नतीजों पर असर पड़ सकता है-
– तनाव व अधूरी नींद स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल औ ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं, जिसका सीधा असर ब्लड शुगर का स्तर पर सकता है.
– इन्फ्लेमेशन से जुड़े कुछ मार्कर प्रभावित हो सकते हैं.
– व्हाइट ब्लड सेल की संख्या में बदलाव आ सकता है.
– बेहतर होगा कि सटीक रिपोर्ट के लिए ब्लड टेस्ट से पहले 7-8 घंटे अच्छी नींद लेने की कोशिश करें और स्ट्रेस से दूर रहें.
ब्लड टेस्ट से पहले महिलाएं ध्यान दें
महिलाएं पीरियड्स के दौरान ब्लड टेस्ट से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें.
– कुछ हार्मोनल टेस्ट (ऋडक, ङक, झीेसशीींशीेपश) पीरियड्स के किस दिन कराए जा रहे हैं, ये बहुत ज़रूरी है. डॉक्टर अक्सर साइकिल के दूसरे या तीसरे दिल टेस्ट कराने की सलाह देते हैं.
– अगर ब्लीडिंग ज़्यादा हो, तो हीमोग्लोबिन लेवल हल्का कम आ सकता है.
– आयरन और फेरिटिन का स्तर प्रभावित हो सकता है. ईएसआर सामान्य से थोड़ा ज़्यादा आ सकता है.
– बेहतर होगा कि डॉक्टर से पूछ लें कि कब कौन सा टेस्ट कराना सही होगा.
सुबह या दोपहर कब कराएं ब्लड टेस्ट?

– यह टेस्ट पर निर्भर करता है. हर ब्लड टेस्ट सुबह कराना जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ टेस्ट सुबह और तय समय पर कराने से ज्यादा सटीक रिजल्ट मिलता है.
– फास्टिंग ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल सुबह फास्टिंग के बाद कराएं.
– कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन टेस्ट सुबह ही कराए जाते हैं.
– जिन टेस्ट के लिए फास्टिंग ज़रूरी नहीं है, वे दिन में किसी भी समय कराए जा सकते हैं.
– कोई टेस्ट बार-बार करा रहे हों, तो हर बार लगभग एक ही समय पर जांच कराना बेहतर होता हैे.
– टेस्ट से पहले अपने डॉक्टर से सारे निर्देश अच्छी तरह समझ लें.
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