डेथ एनिवर्सरी: जब इरफान खान ने ब...

डेथ एनिवर्सरी: जब इरफान खान ने बेटे से कहा, मैं मरनेवाला हूँ, जानें इरफान के आखिरी दिनों से जुड़ी और भी कई बातें (Death Anniversary: When Irrfan Khan Told His Son, I am Going To Die)

इरफान खान को इस दुनिया को अलविदा कहे आज एक साल हो गए. पिछले साल आज ही के दिन यानी 29 अप्रैल को इरफान कैंसर से ज़िंदगी की जंग हार गए थे और एक बेहतरीन एक्टर हमसे हमेशा हमेशा के लिए दूर हो गया था. इरफान की मौत के बाद से ही उनके बेटे बाबिल अक्सर अपने पिता के बारे में कई इमोशनल बातें शेयर करते रहते हैं. हाल ही में बाबिल ने एक इंटरव्यू में इरफान के आखिरी दिनों की कुछ इमोशनल बातें भी शेयर की हैं. आइये जानते हैं बाबिल ने क्या कहा.

वो थे तो एक अलग सी सिक्युरिटी थी आसपास

Irrfan Khan

इस इंटरव्यू में बाब‍िल ने बताया कि पिता को खोने के बाद उन्हें कैसा महसूस होता है, उन्होंने कहा- ‘वो थे तो आसपास एक अलग सी सिक्युरिटी थी. मैं उस सुरक्ष‍ित घेरे में जी रहा था, इरफान खान का बेटा बनकर. लेकिन अचानक वो घेरा टूट गया. मेरे पास कोई ऑप्शन ही नहीं बचा. ज़िंदगी में कई बार कोई ऑप्शन नहीं बचता. आपको वो करना पड़ता है जो जिंदगी चाहती है.”

जब इरफान ने बाबिल से कहा ‘मैं मरनेवाला हूँ’

Irrfan Khan

इरफान के आखिरी दिनों की बातें शेयर करते हुए उन्हें बाबिल ने बताया, उन्हें पता चल गया था कि अब वो नहीं बच पाएंगे. ”उनकी डेथ से दो तीन दिन पहले मैं उनके पास ही था हॉस्पिटल में. उन्होंने मुझे पास बुलाया और कहा, मैं मरनेवाला हूँ. वो धीरे धीरे होश खो रहे थे. मैंने उनसे कहा, ऐसा कुछ नहीं होगा, आप ठीक हो जाओगे. मेरी बात पर वो मुस्कुराए और फिर आंखें बंद कर लीं.”

मौत से उन्हें एक अलग तरह ही अटैचमेंट थी

Irrfan Khan

इरफान खान की वाइफ, जो अक्सर ही इमोशनल नोट्स लिखकर उन्हें याद करती रहती हैं, ने बताया कि इरफान, मौत और उसके बाद की जिंदगी के लिए कितने उत्सुक रहते थे. “मौत से उन्हें एक अलग तरह ही अटैचमेंट थी, वो हमेशा जानना चाहते थे कि मौत के बाद क्या होगा. आखिरी दिनों में उन्होंने खुद को जिंदगी की अन‍िश्च‍ितता और जीवन बनाने वाले के प्रति खुद को समर्प‍ित कर दिया था.”

इरफान के साथ जीना ज़िंदगी को जीना था-सुतापा

Irrfan Khan

सुतापा ने बताया कि इरफान घन्टों मेडिटेशन किया करते थे. “इरफान टिपिकल मुस्लिम फैमिली से आते थे, लेकिन उन्होंने मुझे कभी नहीं कहा कन्वर्ट हो जाओ. इरफान को स्पिरिचुअलिटी में गहरी दिलचस्पी थी. वो सिर्फ इस्लाम ही नहीं, बल्कि बाकी धर्मो के बारे में भी जानने की कोशिश करते थे. उन्हें रिचुअल्स से नफरत थी, लेकिन रिलीजन से प्यार करते थे वो. सच पूछो तो इरफान के साथ जीना ज़िंदगी को जीना था.”

इरफान को झूठ पसन्द नहीं था

Irrfan Khan

सुतापा ने बताया कि इरफान कभी झूठ नहीं बोलते थे. वे कहती हैं- ‘मुझे उनकी सबसे अच्छी बात यही थी कि वे कभी झूठ नहीं बोलते थे. खुद को कभी जाह‍िर भी नहीं करते थे. चाहे वे नाराज हों या फिर आपसे प्यार करते हों, बहुत ज़्यादा बताते नहीं थे वो. उनका कहना था जब तक किसी बात के मायने न हों, तब तक उस बात को जाहिर क्यों करना.”

Irrfan Khan

बता दें कि 29 अप्रैल 2020 को मुम्बई के कोकिलाबेन अस्पताल, में कैंसर के इलाज के दौरान कोलन इन्फेक्शन से इरफ़ान की मौत हो गई थी. बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले इरफ़ान खान ने इंडियन सिनेमा को एक अलग ऊंचाई और मुकाम दिया. पठान परिवार में जन्म लेने के बाद भी इरफान खान शुद्ध शाकाहारी थे, जिसके चलते उनके पिता अक्सर उनका मजाक उड़ाते हुए कहते थे कि ये तो पठान परिवार में ब्राह्मण पैदा हो गया.’

×