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भूलकर भी न पूछें दूसरों से ऐसे सवाल (Do Not Ask Others Such Questions)

हम चाहे कितने भी बुद्धिमान और होशियार क्यों न हों, लेकिन महिलाओं से उनकी उम्र और पुरुषों से उनकी सैलेरी कभी नहीं पूछनी चाहिए. सिर्फ यही नहीं और भी बहुत से ऐसे सवाल हैं, जो हमें दूसरों से नहीं पूछने चाहिए. चलिए हम आपको बताते हैं ऐसे बेतुके और बेवकूफी भरे सवालों के बारे में, जो भूल से भी दूसरों से नहीं पूछने चाहिए.

असल में हम जाने-अनजाने में कई बार लोगों से ऐसे बेतुके सवाल पूछ लेते हैं, जिसे सुनकर सामने वाला व्यक्ति बुरी तरह से हर्ट, परेशान हो जाता है या चिढ़ जाता है. इसलिए किसी से भी कुछ भी सवाल पूछने से पहले ये बात अच्छी तरह
सोच लें कि आप जो पूछ रहे हैं, उससे सामने वाले को हर्ट तो नहीं होगा. दरअसल इस तरह के सवाल हमारी सेंसिविटी यानि संवेदनशीलता से जुड़े हुए होते हैं. और जब हम जाने-अनजाने में इस तरह के बिना बेसिर-पैर के सवाल लोगों से पूछते हैं, तो कहीं-न-कहीं भीतर तक उसकी संवेदनशीलता को चोट पहुंचती है और वह बुरी तरह से चिढ़ या सकपका जाता है.

हमारे शब्दकोष में केयर नाम का एक शब्द है. इस शब्द की आड़ में अक्सर लोग भावनात्मक रूप से ऐसे असंवेदनशील सवाल पूछ बैठते हैं, जिनका उनसे कोई मतलब नहीं होता, लेकिन वे सवाल सामने वाले के दिल को लग जाते हैं. न चाहते हुए भी उसे लोगों से न कुछ कहते हुए बनता है और न ही लोगों की फालतू बातें सुनने का मन होता है. इस तरह के बेतुके सवाल सामने वाले के मानसिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं.

सवाल

कुछ ऐसे सवाल, जो सिर्फ बड़े ही नहीं, बच्चे भी पूछने या बोलने से बचें- किसी के वज़न पर कमेंट करना

  • उम्र के साथ आदमी और औरतों का वज़न बढ़ना
  • कुछ बीमारियों में खाई जानी दवाओं के कारण
  • ज़्यादा खाना खा लेने पर वज़न बढ़ना
  • वर्कआउट न करने पर
  • प्रेग्नेंसी के दौरान वज़न बढ़ना
  • प्रेग्नेंसी के बाद भी जब तक महिला बच्चे को दूध पिलाती है
  • प्रेग्नेंसी के बाद भी कुछ महिलाओं का वज़न लगातार बढ़ता रहता है
    ये प्रमुख कारण हैं, जिनकी वजह से वज़न बढ़ता है. वर्कआउट और डायट फॉलो
    करने पर हालांकि वज़न नियंत्रित हो सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में वज़न
    कंट्रोल करना महिलाओं के लिए मुश्किल होता है.

ये प्रमुख कारण हैं, जिनकी वजह से वज़न बढ़ता है. वर्कआउट और डायट फॉलो करने पर हालांकि वज़न नियंत्रित हो सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में वज़न कंट्रोल करना महिलाओं के लिए मुश्किल होता है.

अक्सर लोग जाने-अनजाने में ये सवाल करते हैं कि अरे तुम तो बहुत मोटी हो गई. चाहे उन्हें उनके वज़न बढ़ने के पीछे छिपे कारण का पता हो या ना हो. फिर भी लोग ये सवाल पूछने में पीछे नहीं रहते हैं. यहां तक कि हर बार मिलने पर उनसे इस तरह का बेतुका सवाल करते हैं. किसी के बढ़े हुए वज़न पर कमेंट करने पर उन्हें न सिर्फ बुरा लग सकता है, बल्कि उनके बढ़े हुए वज़न के बारे में उनसे सवाल पूछना उनकी मेंटल हेल्थ के लिए नुकसानदायक भी होता है.

शादी कब कर रहे हो?
उफ़! ये तो ऐसा जगत सवाल है, जिसे पूछने में पड़ोसी, रिश्तेदार यहां तक कि दोस्त भी पीछे नहीं रहते हैं. सुपर स्टार सलमान खान तक लोगों को इस सवाल का जवाब देते-देते परेशान हो गए हैं, तो बाकी लोगों के बारे में क्या कहा जाए. 99% लोग इस सवाल का जवाब देने से बचते हैं या फिर हंसकर टाल देते हैं. शादी हर आदमी का निजी विषय है. शादी करना, नहीं करना, देर से करना या जल्दी करना- ये उनका पर्सनल निर्णय है. निजी विषय होने के कारण इस बारे में ऐसा बेतुका सवाल नहीं पूछना चाहिए.

सवाल

डायट पर हो? देखकर तो लगता नहीं
बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए अधिकतर लोग डायट फॉलो करते हैं, लेकिन बढ़ा हुआ वज़न कम करने में समय तो लगता ही है. ऐसी स्थिति में बार-बार उस व्यक्ति को डायट के लिए टोकना या बार-बार यह सवाल पूछना कि डायट पर हो? ठीक नहीं है. और उसे ये एहसास करना कि डायट से कुछ भी फर्क नहीं हो रहा है, ये बहुत असंवेदनशील है. लोगों के इस सवाल से उस व्यक्ति का मनोबल टूट सकता है.

तुम्हारे पैरेंट्स तो गोरे हैं पर तुम इतने काले कैसे?
हमारे समाज में आज भी रंग भेद है. अक्सर लोग शादी के बाज़ार में खड़े लड़के- लड़कियों के कलर पर कमेंट करने से नहीं चूकते हैं, जैसे मम्मी-पापा तो फेयर हैं, पर तुम्हारा कलर इतना काला कैसे? या तुम्हारे सारे भाई-बहन का रंग साफ है, तुम्हारा रंग सांवला है… कलर कॉम्प्लेक्शन पर कमेंट करना लोगों के लिए बहुत आसान होता है, लेकिन बचपन से लेकर बड़े होने तक लगातार ऐसी बातें सुनना बच्चों और बड़ों के लिए बहुत कष्टदायक होता है. इस तरह की बातें उनके मन में बहुत गहरा असर डालती हैं.

तुम ये सारा खाना खा लोगे?
कुछ लोगों की ये बुरी आदत होती है कि पब्लिक प्लेस पर खाना खाते वक्त दूसरे की थाली देखकर उन्हें टोकते हैं कि तुम इतना सारा खा लोगे? या तुम कितना खाना खाते हो? ये बात सुनने में बिलकुल भी अच्छी नहीं लगती है. हर किसी की डायट अलग-अलग होती है. हर कोई अपने पेट और टेस्ट के अनुसार खाना खाता है, इसलिए किसी को उसके खाने के लिए टोकना बहुत ही गलत बात है.

किसी की सैलरी के बारे में पूछना
अधिकतर लोगों की ये आदत होती है कि वे लोगों से उनकी सैलरी और पैकेज से जुड़े सवाल करते हैं, जो कि ठीक नहीं है. ग़लती से भी कभी भी किसी महिला या पुरुष से उनकी सैलरी नहीं पूछनी चाहिए

  • पूनम नागेंद्र शर्मा

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