जीवन बीमा पॉलिसी लेते समय न करें...

जीवन बीमा पॉलिसी लेते समय न करें ये ग़लतियां (Do Not Make These Mistakes When Buying Life Insurance Policy)

आज के समय में शायद ही कोई ऐसा होगा, जिसने जीवन बीमा पॉलिसी न ख़रीदी हो. अक्सर लोग बीमा पॉलिसी ख़रीदते समय ऐसी छोटी-छोटी, लेकिन महत्वपूर्ण ग़लतियां कर बैठते हैं, जिनका ख़ामियाजा परिवारवालों को बाद में भुगतना पड़ता है.

1. पॉलिसी लेने के निर्णय को टालना

जीवन अनिश्‍चित है. इसके बावजूद ऐसे लोगों की कमी नहीं हैं जो बीमा पॉलिसी लेने से बचते हैं या फिर बीमा पॉलिसी ख़रीदने के निर्णय को टालते रहते हैं. ख़ासतौर से आजकल की यंग जनरेशन, जो बचत और निवेश पर कम फोकस करती है और फ़िजूलख़र्च पर ज़्यादा. यहां पर ध्यान देनेवाली बात ये है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ पॉलिसी का प्रीमियम भी बढ़ता जाता है. ऐसे में कम उम्र में ही पॉलिसी लेना बेहतर है.

2. अहम जानकारियों को छिपाना

आज भी बहुत से लोग ऐसे हैं, जिन्हें इस बात का पता ही नहीं होता है कि लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ख़रीदते समय किस बात की जानकारी देनी चाहिए और किस बात की जानकारी नहीं देनी चाहिए. पॉलिसी का फॉर्म भरते समय बीमाकर्ता अपने परिवार की मेडिकल कंडीशन, फैमिली मेडिकल हिस्ट्री के बारे जानकारी नहीं देते हैं, जिसकी वजह से पॉलिसी क्लेम करने के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए ज़रूरी है कि इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय अपने बारे में सारी जानकारी सही दें. नहीं तो ग़लत जानकारी की वजह से आपका परिवार इंश्योरेंस कंपनी के चक्कर ही काटते रह जाएगा और एक छोटी-से ग़लत जानकारी के आधार पर आपका क्लेम रद्द भी सकता है.

3. ग़लत बीमा पॉलिसी का चुनाव

आजकल मार्केट में तरह-तरह की बीमा पॉलिसी मिलती हैं, जैसे- टर्म इंश्योरेंस, रिटर्न ऑफ प्रीमियम टर्म प्लान, यूलिप इत्यादि. पॉलिसी ख़रीदने से पहले सारी जानकारी हासिल कर लें कि आपके लिए कौन-सी बीमा पॉलिसी सही है? मार्केट में कौन-कौन-सी लेटेस्ट बीमा पॉलिसी आई हैं, जिनमें ज़्यादा फ़ायदा मिल रहा है? उसमें कब और कितनी रकम जमा करनी पड़ेगी आदि. पॉलिसी लेने से पहले इन सभी प्रश्‍नों के जवाब एजेंट से लें. नहीं तो ग़लत बीमा पॉलिसी लेने पर आपको बाद में पछताना पड़ सकता है.

4. पत्नी के नाम पर कोई पॉलिसी न लेना

आज भी ज़्यादातर पुरुषों को लगता है कि उनकी पत्नी वर्किंग नहीं हैं. वह सिर्फ़ घर-परिवार की देखभाल करती हैं. उन पर किसी तरह की कोई ज़िम्मेदारी नहीं है, इसलिए उन्हें बीमा की ज़रूरत नहीं है. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंश्योरेंस कंपनी वाइफ को तभी कवर देती है, जब हसबैंड का बीमा हुआ हो, इसलिए अगर आप अपने लिए बीमा पॉलिसी लेने की सोच रहे हैं, तो साथ में अपनी पत्नी के लिए भी सोचें.

5. परिवारवालों को बीमा पॉलिसी की जानकारी न देना

हमारा समाज पुरुष प्रधान है और आज भी अधिकतर पुरुष अपनी पत्नियों को अपनी वित्तीय स्थिति से अवगत नहीं कराते हैं. यहां तक कि बीमा पॉलिसी लेने की बात तक अपने परिवार को नहीं बताते. ऐसा करने से अच्छा है कि आप लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी न लें. बीमा पॉलिसी इसलिए ही ली जाती है कि दुर्भाग्यवश यदि आपके साथ किसी तरह की दुर्घटना घट जाती है या आपको कुछ हो जाता है, तो आपकी फैमिली को बीमा कंपनी से आर्थिक सहायता मिल सके. पर यदि आपके परिवार को आपकी पॉलिसी के बारे में मालूम ही नहीं होगा, तो वे लोग क्लेम नहीं कर पाएंगे, इसलिए ज़रूरी है कि कोई भी पॉलिसी लेते समय अपने परिवार को उससे जुड़ी सारी जानकारी दें.

6. लॉन्ग टर्म पॉलिसी का विकल्प चुनना

ज़्यादातर लोग लंबी अवधि की पॉलिसी लेते हैं. लेकिन बहुत अधिक लंबी अवधि की पॉलिसी लेने पर उसका प्रीमियम भी अधिक समय तक भरना पड़ता है. बाज़ार में कई ऐसी बीमा कंपनियां ऐसी हैं, जो लंबी अवधि के लिए बीमाकर्ता को योजनाएं और सुविधाएं प्रदान करती हैं. इन योजनाओं और सुविधाओं का उद्देश्य जीवनभर के लिए बीमाकर्ता के परिवार को सुरक्षा प्रदान करना होता है. जीवन अनिश्‍चित होता है, इसलिए बहुत अधिक लंबी अवधि की पॉलिसी लेने से बचें.

7. छोटी अवधि की पॉलिसी से लेने से बचें

छोटी अवधि का जीवन बीमा लेना भी एक बड़ी ग़लती है. छोटी अवधि की पॉलिसी लेने पर उसमें प्रीमियम कम होने के साथ ही लाइफ रिस्क भी कम होता है. ज़्यादातर लोग इसी कारण से शॉर्ट टर्म पॉलिसी लेते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि पॉलिसी ऐसी होनी चाहिए, जो न बहुत कम अवधि की हो और न ही बहुत लंबी अवधि की. पॉलिसी लेते समय बीमाकर्ता को इस बात का ख़ास ख़्याल रखना चाहिए कि पॉलिसी उतने ही साल की ही लें, जितने सालों में आप अपने परिवार की सभी वित्तीय ज़रूरतों को पूरा न कर दें. यानी जब तक आप अपने बच्चों की पढ़ाई, शादी और घर ख़रीदने के लिए एक अच्छी ख़ासी रक़म न जुटा लें.

8. नॉमिनेशन की जगह खाली छोड़ना

कुछ लोग पॉलिसी का फॉर्म भरते समय नॉमिनेशन का कॉलम जानबूझकर नहीं भरते हैं या फिर बाद में देखगें यह सोचकर नॉमिनेशन का कॉलम खाली छोड़ देते हैं, जो कि बहुत बड़ी ग़लती है. फॉर्म भरते वक्त ही घर के किसी मेंबर का नाम नॉमिनेशन में लिख देंगे, तो भविष्य में पॉलिसी क्लेम करने में घरवालों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. अगर बीमाकर्ता अविवाहित है, तो वह नॉमिनेशन बॉक्स में अपने पैरेंट्स  का नाम लिख सकता है और शादी होने के बाद इस कॉलम को अपडेट कर सकता है.

9. टर्म इंश्योरेंस नहीं ख़रीदना

बीमा पॉलिसी लेते समय लोग यह सोचते हैं कि इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ इन्वेस्ट की हुई रक़म भी वापस मिल जाए. ऐसे लोग टर्म इंश्योरेंस ना लेकर कोई सेविंग कम लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने पर ज़ोर देते हैं, जो कि एक बड़ी ग़लती है.

10. जानकारियां हासिल करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल न करना

आमतौर पर लोग फ्रेंड्स, फैमिली मेंबर्स और बीमा एजेंट की बातों पर विश्‍वास करके बीमा पॉलिसी लेते हैं. लेकिन इनके अलावा इंटरनेट भी एक बढ़िया सोर्स है, जहां से आप और भी बहुत सारी जानकारियां हासिल कर सकते हैं. यहां आपके कन्फ्यूजन भी दूर हो जाएंगे.

– देवांश शर्मा

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