कविता- शब्दों से परे प्यार…...

कविता- शब्दों से परे प्यार… (Kavita- Shabdo Se Pare Pyar…)

इस से पहले कि
मैं तुम्हें
आई लव यू
कहने का साहस जुटा सकूं
डरता हूं
कहीं ये तीन शब्द
डिक्शनरी से
डिलीट न हो जाएं
वजह इतनी आसान होती
तो बता देता
न जाने क्यों
वे सारे शब्द डिक्शनरी में हैं
जो बोले और कहे जा सकते हैं
और मुझे अपना प्यार
उन शब्दों से परे लगता है
जो बोले कहे लिखे जा सकें
या इस जहां में कहीं भी
किसी भी डिक्शनरी में मौजूद हों…

– शिखर प्रयाग

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