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नेपाल बाढ़ त्रासदी पर मनीषा कोईराला की इमोशनल अपील… (Manisha Koirala’s emotional appeal on Nepal flood tragedy…)

नेपाल में जब से बाढ़ जैसी भीषण आपदा हुई है, इसकी भयंकर त्रासदी ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. नेपाल-तिब्बत के समीप ग्लेशियर के टूटने से आया प्रचंड जल सैलाब हर किसी को अपने बहाव में लेता चला गया, फिर क्या मिट्टी, कीचड़, पेड़-पौधे, घर, वाहन, इंसान… सब कुछ इसके चपेट में आते चले गए. अब तक क़रीब हज़ार लोगों की मृत्यु हो चुकी है. साथ ही तक़रीबन सवा चार हज़ार लापता हैं.

 

नेपाल के इस संकट की घड़ी में कई मदद और सहयोग के हाथ बढ़ा रहे हैं. इसी के तहत आध्यात्मिक गुरु सद्भुरु जी ने भी मुहिम चलाई है. उनके नेपाल के लिए एकजुटता कार्यक्रम में आमंत्रित मनीषा कोईराला ने नेपाल को लेकर अपना दर्द बयां किया.

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मनीषा नेपाल की रहनेवाली हैं. जब से यह ट्रेजडी हुई है, तब से वे अपने सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी घटना को साझा कर रही हैं. साथ ही सभी से मदद करने की गुहार भी लगा रही हैं. कुछ ऐसा ही उन्होंने सद्भुरु के ‘इन सॉलिडैरिटी विद नेपाल’ में एकजुटता को लेकर इकट्ठे हुए लोगों से अपने मन की बात कही. उन्होंने भावुक होकर कई ऐसी‌ बातें कहीं, जिस पर हम सभी को ज़रूर सोचना चाहिए, ख़ासकर ग्लोबल वॉर्मिंग को लेकर.

मनीषा का कहना है कि उनके देश नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में सभी पड़ोसी देश, विशेषकर भारत और चीन जितना हो सके सहायता करें. उनसेे नेपाल की जनता का दुख-दर्द देखा नहीं जा रहा. उन्होंने नेपाल के पर्यटन को लेकर भी बड़ी सटीक और अचूक बात कही. उनका कहना था कि नेपाल का सबसे बड़ा इनकम का सोर्स टूरिज़्म है. भले ही नेपाल-तिब्बत के सीमा पर बाढ़ का कहर है, लेकिन नेपाल के अन्य स्थान सुरक्षित हैं. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे नेपाल ज़रूर आएं. इसकी प्राकृतिक ख़ूबसूरती, हिमालय के शिखर, संस्कृति और परंपराओं को देखने-जानने का अनुभव लें. आज नेपाल को इसकी बेहद ज़रूरत भी है. उन्होंने भारत-चीन व अन्य देशों को ग्लोबल वॉर्मिंग को लेकर अलर्ट भी किया. आज इस पर सभी देशों को गंभीरता से काम करने की ज़रूरत है, वरना वो दिन दूर नहीं जब हर छोटा-बड़ा देश इसका कोप भाजन बन जाएगा.

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वैसे देखा जाए तो नेपाल बाढ़ त्रासदी में फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी अपने-अपने तरी़के से सहयोग दे रहे हैं. कोई धन से तो कोई संदेश देकर, तो कोई तन-मन-धन तीनों ही तरह से सहायता कर रहे हैं. इसमें विशेषकर सोनू सूद भी बढ़-चढ़कर मदद कर रहे हैं. अनुपम खेर, कंगना रनौत, रश्मिका मंदाना, अनन्या पांडे, अरुण गोविल, सोनू निगम, शेफाली शाह, चित्रांगदा सिंह आदि के साथ कई यूटयूबर भी शामिल हैं.

जब 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत के बॉर्डर पर ग्लेशियर ढहा था और जो अपने साथ ब़र्फ, चट्टानों का मलबा बहाकर लाया था, तब किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि देखते ही देखते दिनोंदिन यह इस कदर भयंकर रूप ले लेगा. बाढ़ ने उत्तर व मध्य नेपाल के गांव-कस्बों में इस कदर तबाही मचाई कि जिसे देख आंखें नम हो गईं. बचाव व लापता लोगों को खोजने का अभियान बदस्तूर जारी है. लेकिन कुदरत के कहर के आगे भला कहां कोई बच पाता है. इसमें सबसे अधिक तिब्बत सीमा के क़रीब के रसुवा व नुवाकोट प्रभावित हुए हैं.

हम सभी प्रार्थना करते हैं कि नेपाल इस भीषण आपदा की स्थिति से जल्द से जल्द उबरें. जिस तरह मनीषा कोईराला ख़ुद एक योद्धा की तरह अपने कैंसर के दौर से निकलकर नई ज़िंदगी की ओर बढ़ी हैं, उसी तरह नेपाल भी सभी मुश्किलों को पार कर फिर एक नए सिरे से आगे बढ़े यही दुआ करते हैं.

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Photo Courtesy: Social Media

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