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Mobile Hacking Signs: इन संकेतों से जानें आपका स्मार्ट फोन हैक हो गया है? (Indication To Know If Your Smartphone Is Hacked?)

स्मार्ट फोन हमारी लाइफ का अट्टू हिस्सा बन चुके हैं. इसके जरिए हम अपने रोज़मर्रा के जीवन की अनेक इंफॉर्मेशन एक-दूसरे को शेयर करते हैं. ये सारी सेंसिटिव इंफॉर्मेशन आपके डिवाइस में ऑटोमेटिकली स्टोर हो जाती है. जिस पर होती है हैकर्स की पैनी नज़र. इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आप जान सकते हैं कि आपका स्मार्ट फोन हैक हुआ है?

1. बैटरी जल्दी खत्म होना: फोन के हैक होने का सबसे पहला संकेत है बैटरी का तेजी से खत्म होना. अगर आपके फोन की बैटरी ज़्यादा तेज़ी से खत्म हो रही है, तो हो सकता है कि बैकग्राउंड में स्पाइवेयर और मैलवेयर चल रहे हों, जो बैटरी को तेजी से ख़त्म कर रहे हों.

क्या करें: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर बैटरी के जल्दी और तेज़ी से खत्म होने की वजह चेक करें. जल्दी और तेज़ी से बैटरी ख़त्म होने की वजह मैलवेयर या हार्डवेयर की कोई समस्या हो.

2. जब फोन पर इंडिकेटर लाइट ऑन होने लगे: आजकल सभी फोन में इंडिकेटर लाइट होती है. ये इंडिकेटर लाइट तब जलती है जब कैमरे या माइक्रोफोन का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अगर आप कैमरे या माइक्रोफोन का यूज नहीं कर रहे हैं और ये इंडिकेटर लाइट अपने आप ही ऑन हो जाए तो समझ जाएं कि हैकर ने आपके फोन को हैक किया है. कोई आपके फोन की जासूसी कर रहा है.

photo source: freepik

क्या करें: एडवांस स्पाइवेयर को अपने फोन में इंस्टाल करें. इन्हें एक्सेस किए बिना कोई भी आपके फोन के कैमरे और माइक की इंडिकेटर लाइट को चालू नहीं कर सकता है.

3. अनजान नंबरों से लगातार मैसेज या कॉल आना: कई बार फोन हैक होने पर आपके नंबर से फैमिली और फ्रेंड्स को अजीब मैसेज या कॉल जाने लगते हैं और आपको भी अनजान नंबरों से संदिग्ध मैसेज या कॉल आने लगते हैं, जिनमें किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है, तो हो सकता है कि आपके फोन या फोन नंबर को हैक किया हो. यह फिशिंग का तरीका होता है जो आपके फोन और डेटा को खतरे में डाल सकता है.

क्या करें: अनवांटेड कॉल न उठाएं और न ही अनवांटेड टेक्स्ट का रिप्लाई करें.

4. अनवांटेड वेरिफिकेशन कोड्स: यदि आपको अपने उन खातों के लिए एसएमएस या ईमेल वेरिफिकेशन कोड्स आने लगे, जिन्हें आपने एक्सेस ही नहीं किया है, तो इसका मतलब है कि हैकर आपके फोन नंबर या ईमेल एड्रेस का यूज करके आपके ऑनलाइन बैंकिंग एकाउंट्स में सेंध लगाने का प्रयास कर रहा है. इस टेकनीक को 'स्पूफिंग' कहते हैं.

क्या करें: तुरंत बैंक को इंफॉर्म करें.

5. संदिग्ध अकाउंट एक्टिविटी/लॉकआउट: अगर आपको अपने ऑनलाइन बैंक अकाउंट पर अजीब गतिविधि दिखती है या आप अपने अकाउंट से लॉकआउट हो जाते हैं, तो समझ जाएं कि आपका फोन हैक हुआ है.

क्या करें: अपना पासवर्ड रीसेट करें या फिर सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर फोन हैकर से निपट सकते हैं.

6. फोन का ओवरहीट होना: बहुत अधिक यूज करने और बहुत अधिक गर्मी के कारण फोन गरम हो सकता है. लेकिन बिना यूज किए अगर फोन अधिक गरम होता है. ये हैकिंग का संकेत हो सकता है. क्योंकि बैकराउंड में चल रहे प्रोसेस से डिवाइस पर प्रेशर पड़ता है.

क्या करें: लिमिट में फोन यूज करें. फोन का यूज करने के बाद बैकराउंड में चल रहे ऐप्स को क्लोज कर दें.

7. स्टोरेज स्पेस खत्म होना: मैलवेयर आपके फोन पर नई फाइल्स इंस्टॉल करके या मौजूदा फाइल्स की कॉपी बनाकर काफ़ी जगह घेर लेते हैं, जिसके कारण फोन का स्टोरेज स्पेस उम्मीद से ज़्यादा जल्दी खत्म हो जाता है.

क्या करें: नियमित रूप से अपने स्टोरेज चेक करें.

8. अनएक्सपेक्टेड पॉप-अप: फोन के हैक होने का एक और बड़ा संकेत है अनचाहे पॉप-अप्स और एड, जो आपके वेब ब्राउज़र के बाहर दिखाई देते हैं, आपके फोन में आपकी अनुमति के बिना इंस्टॉल किए गए एडवेयर का संकेत हो सकते हैं. ये पॉप-अप्स और एड फोन में रुकावट पैदा कर सकते हैं.

क्या करें: अगर आपको ये पॉप-अप आपको बार-बार दिखाई देने लगें तो अलर्ट हो जाएं.

9. डेटा का ज़्यादा इस्तेमाल: अगर आपको ऐसा महसूस होता है कि कोई अनजान ऐप आपके मोबाइल डेटा का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि आप ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर रहे हों, तो यह खतरे की घंटी है. हैकर अक्सर आपके फोन से डेटा चोरी करके बाहर के सर्वर पर भेजते हैं.

क्या करें? अपने डेटा पैकेज पर नज़र रखें और अपने फोन की डेटा सेटिंग्स चेक कर लें.

10. फोन अचानक से स्लो होने लगे: यदि आपका फोन अचानक से स्लो चलने लगे तो समझ जाएं कि फोन हैक हो गया है. फोन खोलने में समय लगता है, बार-बार हैंग होता है या खुद ही रीस्टार्ट हो जाता है, तो इसमें मैलवेयर हो सकता है. मैलवेयर फोन की प्रोसेसिंग पावर और मेमोरी का इस्तेमाल करता है.

क्या करें: अपने मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर उन ऐप्स को अनइंस्टाल करें, जिन्हें आप यूज नहीं करते.

11. सेटिंग्स में बदलाव होना: आपके फोन में सबसे खतरनाक संकेत तब होता है जब आपके फोन की सेटिंग्स अपने आप बदलने लगे. जैसे ब्राउज़र का होमपेज बदल जाना, सिक्योरिटी सेटिंग्स कमजोर हो जाना या नए एक्सटेंशन अपने आप एक्टिव हो जाना. अगर फोन में ऐसा हो रहा है तो समझ जाएं कि आपका फोन किसी ने हैक कर दिया है.

क्या करें: सेटिंग्स पर नज़र रखें और चेक करते रहें.

बॉक्स मैटर

इन तरीक़ों से होते हैं फोन हैक

फिशिंग: फिशिंग सिर्फ़ ईमेल और टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए ही नहीं, बल्कि स्कैम फोन के कॉल्स के ज़रिए भी हो सकती है. अगर आपको किसी अनजान व्यक्ति से कोई अजीबोगरीब टेक्स्ट या ईमेल मिले, तो उस पर क्लिक न करें.

ब्रूट-फोर्स अटैक: मोबाइल हैक करने की सबसे पुरानी तकनीक में हैकर तब तक पासवर्ड का अनुमान लगाते हैं जब तक वे सही लॉगिन इन नहीं कर लेते.

मैन-इन-द-मिडल अटैक:  इस टेकनीक में हैकर डेटा पैकेट को तब फोकस करते हैं जब वे सेंडर और रिसीवर के बीच लॉगिन करने की बात सुनते हैं.

फिजिकल एक्सेस: यदि फोन खो या चोरी हो जाए और उसमें पासकोड नहीं है, तो  फोन को हैक करना बहुत आसान होता है.

प्रोग्राम बेस हैकिंग: प्रोग्राम बेस हैकिंग के लिए सबसे ज्यादा तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है. हैकर सिस्टम में जाकर उस पासवर्ड को क्रैक करने के लिए जी तोड़ कोशिश करते हैं.

फोन हैक होने पर क्या करें?

- हैक होने के बाद उस फोन में अपना पर्सनल डेटा (बैंकिंग पासवर्ड और वेरिफिकेशन कोड) एंटर न करें, जब तक कि आपका फोन सिक्योर नहीं हो जाता.

- अपना पासवर्ड बदलें. क्योंकि हैकर फोन को हैक करने के बाद सबसे पहले आपके फोन में सेव किए गए लॉगिन पासवर्ड को हासिल करेगा.

- पासवर्ड चेंज करने के बाद किसी दूसरे डिवाइस का इस्तेमाल करें.

- स्ट्रांग पासवर्ड बनाने और उन्हें सेव करने के लिए पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें.

- एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें. एंटीवायरस सॉफ्टवेयर को सिर्फ़ अपने हैक किए फोन पर ही नहीं, बल्कि दूसरे डिवाइस पर भी यूज करें.

- फोन हैक होने के बाद सबसे पहले अपनी बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस (डेबिट और क्रेडिट कार्ड आदि) को लॉक करें. लॉक करना तब और भी जरूरी जाता है, जब किसी पेमेंट ऐप का यूज  करते हैं.

- अगर फोन की इंडिकेटर लाइट ऑन है, तो कैमरे को कवर करके रखें. ऐसा करने से हैकर आपको देख नहीं पाएगा.

- अपने फोन को एयर प्लेन मोड पर रखें ताकि हैकर इंटरनेट से डिस्कनेक्ट हो जाए और मैलवेयर को डेटा ट्रांसफर करने या बाहरी सर्वरों के साथ कनेक्ट होने से रोका जा सके.

- ज़रूरी डेटा का बैकअप क्लाउड बैकअप सर्विस या अन्य विश्वसनीय वेब ब्राउज़र पर लें.

- इंफेक्टेड कंटेंट को अन्य डिवाइस पर ट्रांसफर करने से पहले उसे स्कैन कर लें. ताकि मैलवेयर से बचा सके.

स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति को हैकिंग के बारे में जानकारी होना ज़रूरी है. अपनी थोड़ी-सी समझदारी और बुद्धिमानी से आप हैकिंग के अटैक से खुद को बचा सकते हैं. बशर्त कि आपको सही सेटिंग्स और सही तरीकों की जानकारी हो.

- देवांश शर्मा

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