मनी मैनेजमेंट: बढ़ती महंगाई में ...

मनी मैनेजमेंट: बढ़ती महंगाई में कैसे सम्भालें घर का बजट? (Money Management: How To Plan And Manage Your Home Budget In Times Of Rising Prices)

रसोई गैस से लेकर हर चीज़ के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में घर का बजट तो बिगड़ेगा ही. आमदनी सीमित हो और खर्चे बेहिसाब तोज़रूरी है कि बैठकर करें खर्च का हिसाब… लेकिन हम में से अधिकांश लोग न तो बजट बनाते हैं और न ही उसे ज़रूरी मानते हैं. लेकिनबजट बनाकर ही आप अपने ख़र्चों को कम कर सकते हैं. 

अगर अब तक बजट नहीं बनाया तो शुरू कर दें क्योंकि बजट बनाना है बहुत ज़रूरी

इसका सबसे बड़ा फ़ायदा ये है कि आपको अपनी आमदनी और खर्च का अंदाज़ा हो जाएगा. साथ ही आपको ये भी पता चल पाएगाकि अब तक आप कितनी फ़िज़ूलखर्ची करते आ रहे हैं. आपको ये भी अंदाज़ा हो जाता है कि कब, कहां, कितना और कैसे खर्च करनाहै.

बजट प्लान करते समय करें ये स्टेप्स फ़ॉलो…

  • एक डायरी या नोट पैड लें और उस पर नोट करें कि महीने की इंकम कितनी है.
  • अपने गोल्स सेट करें, जैसे- इस महीने कितनी बचत करनी है, कितना इन्वेस्ट करना है और ज़रूरी खर्चे क्या-क्या हैं? ये गोल्सछोटे-छोटे ही हों लेकिन फ़ायदा ज़्यादा पहुंचाएंगे.
  • शुरुआत में मन्थली बजट की बजाय वीकली बजट बनाएं.
  • अपनी प्राथमिकताएं तय करें.
  • ज़रूरी व ग़ैर ज़रूरी ख़र्चों की लिस्ट बनाएं.
  • ज़रूरत व शौक़ के बीच के फर्क को पहचानें.
  • हर महीने कितने पैसे खर्च होते हैं उसे नोट करें और कितने बचत की गुंजाइश है वो भी सोचें.
  • कुछ बचत होती है या नहीं- वो भी लिखें.
  • घर के सभी सदस्य मिलकर बजट प्लान करें और अपने-अपने गोल्स सेट करें. 
  • एक-दूसरे को चैलेंज करें कि इस हफ़्ते कौन सबसे ज़्यादा बचत करके दिखाता है. 
  • इन सबके बीच ज़रूरी ख़र्चों की लिस्ट बना लें, गैस, पानी, बिजली, राशन, बच्चों के स्कूल की फीस, अगर कोई लोन है तोउसकी ईएम आई आदि.
  • कुछ खर्चे ऐसे होते हैं जिनको आप टाल नहीं सकते और कुछ ऐसे खर्च भी आ जाते हैं जो अचानक आपका बजट बिगड़ सकते हैं- जैसे, घर में कोई इमर्जेन्सी, परिवार में किसी की शादी, एक्सिडेंट या बीमारी आदि तो इसके लिए इमर्जेन्सी फ़ंड्स का ऑप्शनअलग से रखें.
  • लाइफ़ व मेडिकल इंश्योरेंस के महत्व को भी समझें.
  • घर में कोई शादी-ब्याह या पार्टी जैसे फ़ंक्शन आ जाएं तो वहां फ़िज़ूलखर्ची से बचें, जैसे- शादी में महंगी और हैवी साड़ीख़रीदेंगी तो ज़ाहिर है वो सिर्फ़ एक बार ही यूज़ में आएगी, इसकी बजाय सस्ता और बेहतर विकल्प खोजें, जैसे- आप 5-10हज़ार की साड़ी या लहंगा-चोली ख़रीदने की बजाय दो हज़ार का स्टाइलिश ब्लाउज़ ख़रीदें या सिलवा लें. ब्लैक शियर याशिमर ब्लाउज़ हर साड़ी के साथ जाएगा और वो आपकी सिम्पल सी साड़ी को इंस्टेंट पार्टी या फ़ेस्टिवल लुक दे देगा और ये आगेभी कई बार काम में आएगा. 
  • एक अन्य विकल्प है रेंट पर यानी किराए पर कपड़े लेना. आजकल अधिकतर लोग यही करते हैं. पुरुष भी महंगा सूट या कपड़ेख़रीदने की बजाय रेंट पर ले सकते हैं. वन टाइम यूज़ वाले कपड़ों के लिए ये ऑप्शन बेहतर व सस्ता है.
  • ऐसे आउटफ़िट्स ख़रीदें जिनको आप मिक्स-मैच करके स्टाइलिंग कर सकें.
  • अपने फ़िज़ूलख़र्चों की भी लिस्ट बनाएं और देखें कि इन पर लगाम कैसे लगाई जा सकती है. 
  • किराने और शॉपिंग से जुड़े कुछ खर्च कम-ज़्यादा हो सकते हैं क्या? ज़रूरी राशन अपनी जगह है, लेकिन इनमें भी कई ग़ैरज़रूरी सामान हम ले आते हैं, जैसे- पैक्ड स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक्स, अनहेल्दी स्नैक्स आदि को कम कर दें ताकि सबको हेल्दी खाने कीआदत पड़े. 
  • ज़रूरत के अनुसार ही पैसे हाथ में रखें और सभी ख़र्चों के लिए अलग-अलग पैकेट्स बनाकर उसमें हिसाब से सीमित पैसे ही रखें.
  • गोल सेट करें कि आपके पैकेट में जितने पैसे हैं, आपको उसी में काम चलाना है. 
  • बचत करें. अपने बिल्स कम करें.  चाहे बिजली हो या गैस दोनों की बचत करें. बेवजह बिजली, फ़ैन या एसी न चलाएं.
  • इसी तरह खाना बनाते समय भी ध्यान रहे कि गैस बेवज न जल रही हो. आंच मीडीयम हो, खाना ढककर पकाएं. नियमित सर्विसिंग करवाते रहें.
  • कुछ हिस्सा भले ही छोटा ही हो लेकिन निवेश के लिए ज़रूर रखें. 
  • अगर घर में बेवजह गोल्ड या ज्वेलरी यूं ही पड़ी हुई है तो रेट्स बढ़ने पर उनको बेचकर कहीं पैसा इन्वेस्ट कर दें, क्योंकि पैसे तोवक्त के साथ बढ़ेंगे ही. आप उन पैसों से अपना लोन या कोई अन्य क़र्ज़ भी चुकता कर सकते हैं.
  • बिट्टु शर्मा 
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