इन दिनों कहीं गंभीर, मनोरंजक तो कहीं मारधाड़ से भरपूर फिल्में अधिक देखने मिल रही थीं. लेकिन इन सब के बीच ‘पति पत्नी और वो दो’ उमस भरे फिल्मी मौसम में रिमझिम ठंडी फुहार लेकर आई है.

आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह, वामिका गब्बी अभिनीत यह फिल्म पूरी तरह से फैमिली एंटरटेनमेंट से भरपूर है. हर कलाकार ने अपनी भूमिका को दिल से निभाया है फिर चाहे वो पुलिस बने विजय राज ही क्यों न हो.

निर्देशक मुदस्सर अज़ीज़ अपने मज़ेदार कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. साथ ही उनकी फिल्मों के टाइटल भी कुछ कम दिलचस्प नहीं रहते, जैसे- मेरे हसबैंड की बीवी, हैप्पी भाग जाएगी, पति पत्नी और वो... अब भी उन्होंने अपने उसी पुराने फिल्मी मसाले को नए फ्लेवर के मनोरंजन के साथ पेश किया है.

प्रजापति, आयुष्मान खुराना प्रयागराज में वन विभाग अधिकारी हैं, लेकिन उनका जानवरों को पकड़ने का अंदाज़ रोचक और हसीन क़ातिलाना कह सकते हैं. वहीं रकुल प्रीत उनकी सहयोगी साथी होने के साथ पत्नी वामिका गब्बी की सहेली भी हैं. परंतु कहानी में गोलमाल की शुरुआत होती है प्रजापति की क्लासमेट चंचल, सारा अली खान की इंट्री के साथ.
किस तरह अपनी फ्रेंड को परेशानियों से बचाने के चक्कर में प्रजापति भी उलझते चले जाते हैं, देखते-देखते आप हंसी से लोटपोट हो जाएंगे. हर सिचुएशन में एक नए ढंग की फनी कॉमेडी देखने को मिलती है, फिर वो होटल का रूम हो, बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन एरिया हो या फिर बच्चे की बर्थडे पार्टी... हर सीन अपना अलग रंग जमाती है.

नेता बने तिंग्माशु धूलिया के दो गुर्गों का हरदम प्रजापति-चंचल का पीछा किया जाना कि यह जानने के लिए उनके बेटे सन्नी को चंचल अपने प्रेमजाल में फंसा रही है, दिलचस्प है. उस पर उसी चंचल का पर्दाफाश करने की चुनौति को लेकर निकली हैं प्रजापति की पत्नी अर्पणा, जिसका सपना है अपना ख़ुद का चैनल खोलने का. और इसका वादा नेताजी ने उन्हें किया बर्शेंते वो उनके बेटे सन्नी की प्रेमिका का पता कर उन्हें बताएं.

कहानी में एक से एक अजब-गजब मोड़ आते-जाते हैं. प्रजापति का चंचल को बचाने से लेकर इसके लिए चंचल के सुझाए गए नए-नए आइडियाज़ गुदगुदाने पर मजबूर कर देते हैं. उस पर रही सही कसर इंस्पेक्टर बने विजय राज निकाल देते हैं.

चूंकि फिल्म की पूरी शूटिंग उत्तर प्रदेश के प्रयागराज व बनारस में हुई है तो लेखक-निर्देशक वहां की कुछ बोली, स्थितियां-परिस्थितियों पर भी चुटीला व्यंग्य करने से बाज नहीं आए. फिर वो नेताजी पर हो, आम आदमी पर हो या फिर बगीचे में रोमांस कर रहे जोड़ो की धर-पकड़ करते, रिश्वत लेते दरोगा हो.
हर क़िरदार ने अपने रोल को मज़ेदार ढंग से प्रस्तुत किया है. लेकिन मध्यांतर के बाद क्लाइमेक्स के समय पूरी वाहवाही लूट लेती हैं बुआजी बनी आयशा रज़ा. उनके कहने के लहज़े के साथ भाव-भंगिमाएं मुस्कुराने के साथ ठहाका लगाने पर मजबूर कर देती हैं.

आयुष्मान खुराना शुरू से लेकर अंत तक अपने अजीबोगरीब हरकतों व जानलेवा अंदाज़ में विशुद्ध मनोरंजन करते नज़र आते हैं. इस सफ़र में उनका बख़ूबी साथ निभाती हैं रकुल प्रीत सिंह, सारा अली खान और वामिका गब्बी. इसके अलावा दुर्गेश कुमार, गुनीत सिंह, शिरीष शर्मा, दीपिका अमीन, विशाल वशिष्ठ भी हंसी का ज़बर्दस्त तड़का देते नज़र आते हैं. आयुष्मान ने अपनी मां के साथ तस्वीर साझा करते हुए कहा-
माँ ने आशीर्वाद दे दिया। कहती हैं की तेरी फिल्म बहुत अच्छी है। कह रही थीं अगर पापा होते तो उन्हें बहुत अच्छा लगता। She laughed a lot after a long time after watching #PatiPatniAurWohDo ❤️ In cinemas now!

टी सीरीज के बैनर तले संगीतकारों की लंबी फ़ेहरिस्त है, जिसमें राजेश रोशन से लेकर रोचक कोहली, तनीष्क बागची, टोनी कक्कर, बादशाह तक शामिल हैं. कई पुराने हिट गानों को रिक्रिएट किया गया, जो अखरता ज़रूर है, पर सुनने-देखने में अच्छा भी लगता है. क्या हमारे यहां गीतकार-संगीतकारों की कमी हो गई है या फिर नया और कुछ क्रिएटिव करने का रिस्क फिल्ममेकर लेना नहीं चाहते. अब इस तरह करने की वजहें क्या है, यह तो वे ही बता सकते हैं.

जीशगू भटाचर्जी की सिनेमोटोग्राफी ख़ूबसूरत है. कथा-संवाद मुदस्सर अज़ीज़ के हैं, हां पटकथा निर्देशक ने रवि कुमार के साथ मिलकर लिखी है. कह सकते हैं कि रेनू रवि चोपड़ा, जूनो चोपड़ा, भूषण कुमार, कृष्ण कुमार निर्मित ‘पति पत्नी और वो दो’ दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने में कामयाब रही है.
- ऊषा गुप्ता

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