रियो ओलिंपिक- देश की शान पी...

रियो ओलिंपिक- देश की शान पी. वी. सिंधु ( Rio Olympics- country’s Shan p. V. Indus)

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मुबारक!… बधाई!… शाबाश सिंधु…

देश में हर जगह सिंधु की कामयाबी की सराहना हो रही है. आख़िरकार पी. वी. यानी पुसारला वेंकट सिंधु ने ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया. हर भारतीय उनकी इस उपलब्धि से गौरवान्वित महसूस कर रहा है. वैलडन सिंधु!!

रियो ओलिंपिक में बैडमिंटन के फाइनल में भले ही स्पेन की कैरोलिना मारिन को पी. वी. सिंधु हरा न पाईं, लेकिन पहले गेम जीतने के बाद भी गेम के अंत तक संघर्ष और अपने जीत के जज़्बे को उन्होंने बरकरार रखा. उनकी मेहनत-लगन, बरसों की तपस्या और सकारात्मक खेल भावना को हमारा सलाम!

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आइए, सिंधु के बारे में जानें…

सिंधु ने साल 2009 (जूनियर) और 2012 (सीनियर) में अपना इंटरनेशनल करियर शुरू किया.
सिंधु के माता-पिता विजया व पीवी रमन्ना वॉलीबॉल के खिलाड़ी रहे हैं.
जब साल 2001 में पुलेला गोपीचंद ने ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप जीता था, तब उनसे प्रेरित होकर सिंधु ने बैडमिंटन को करियर के रूप में चुना.
और आज राइट हैंड बैडमिंटन प्लेयर सिंधु के कोच पुलेला गोपीचंद ही हैं.
सिंधु ने महबूब अली से बैडमिंटन के बेसिक्स सीखे और महज आठ साल की उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया.
वे पिछले बारह साल से सतत ट्रेनिंग कैंप अटेंड करती रहीं हैं, इसे कभी मिस नहीं किया.

बेहतरीन परफॉर्मेंस…

सिंधु वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में मेडल जीतनेवाली पहली भारतीय बैडमिंटन प्लेयर हैं.
उन्होंने गिमचियोन में गर्ल्स सिंगल्स में गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा किया.
कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स, डगलस (इज्ले ऑफ मेन) गर्ल्स सिंगल्स में साल 2011 गोल्ड मेडल जीता.
2016 के साउथ एशियन गेम्स, गुवाहाटी में विमिंस सिंगल्स में सिल्वर और विमिंस टीम में गोल्ड मेडल जीता.
2012 में गुआंगझू में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.
कोपेनहेगन के वर्ल्ड चैंपियनशिप में साल 2014 में भी ब्रॉन्ज़ जीतने में सफल रहीं.
साल 2014 में ही नई दिल्ली में हुए ऊबेर कप में ब्रॉन्ज़ जीता और यही कारनामा अभी हाल ही में कुंशान (चीन) में भी दोहराया.
2014 में इंचियोन में हुए एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.
कॉमनवेल्थ में भी अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखते हुए साल 2014 में ही ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया.
गिमचियोन के एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ जीता.
एशियन जूनियर चैंपियनशिप में साल 2011 में लखनऊ (भारत) में गर्ल्स सिंगल्स और मिक्स्ड टीम में ब्रॉन्ज़ जीता.

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अवॉर्ड्स

सिंधु को 18 साल की उम्र में अर्जुन अवॉर्ड नवाज़ा गया.
साल 2015 में पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित की गई.

– ऊषा गुप्ता