विश्वास तो मुझे नहीं हो रहा था उसे देखकर. इतना बदलाव? कहां हज़ार रुपए की तनख्वाह पर दिनभर विद्यालय में पढ़ाने वाली लड़की और आज ये जलवे!
इस तरह पूनम को कभी देखूंगी, सोचा नहीं था! आलीशान कार से उतरी, ड्राइवर को कुछ निर्देश देकर एक रेस्तरां में घुस गई.
"पूनम... कहां गायब हो गई थी? कोई खोज-ख़बर नहीं!" मैंने उसे चौंका दिया.
"अरे, तुम यहां?.. मुझे तो विश्वास नहीं हो रहा है!"
विश्वास तो मुझे नहीं हो रहा था उसे देखकर. इतना बदलाव? कहां हज़ार रुपए की तनख्वाह पर दिनभर विद्यालय में पढ़ाने वाली लड़की और आज ये जलवे!
यह भी पढ़ें: अटेंशन पाने की चाहत आपको बना सकती है बीमार! (10 Signs Of Attention Seekers: How To Deal With Them)
"और बता पूनम. रवि कैसा है?.. अभी-भी प्यार बाकी है या शादी के बाद छू-मंतर हो गया."
"... रवि से शादी नहीं हुई यार. प्राइमरी विद्यालय में पढ़ाने लगा था. इतना कहा नौकरी बदल लो, लेकिन नहीं, वही कोरे सिद्धांत!.. तुम्हें वो राघव कपूर याद है?" वो नज़रें चुराते हुए बोली.
"... राघव कपूर?.. अच्छा हां, वो राघव ना जिसके पापा के स्कूल में तुम पढ़ाती थी?.. गज़ब लुच्चा था यार! एक बार कितना हड़काया था लड़कियों ने उस रईसज़ादे को..."
यह भी पढ़ें: क्या है आपकी ख़ुशी का पासवर्ड? (Art Of Living: How To Find Happiness?)
मेरी बात सुनकर उसे हंसी नहीं आई. कलाई में बंधी हीरे की घड़ी को घुमाते हुए धीरे से बोली, "मेरी शादी उन्हीं से हुई है!"
- लकी राजीव

अधिक कहानियां/शॉर्ट स्टोरीज़ के लिए यहां क्लिक करें – SHORT STORIES
Photo Courtesy: Freepik
