जानें कौन-सी दवा का सेक्स लाइफ पर क्या साइड इफेक्ट होता है (Side Effects of Medicines on Sex Life)

माना कि दवाएं दर्द-तकली़फें दूर करने के लिए होती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ दवाएं आपकी सेक्स लाइफ़ को भी प्रभावित करती हैं. कैसे? आइए जानें.

 

sex life

कहते हैं प्यार के इज़हार का सबसे अच्छा ज़रिया होता है- सेक्स. पति-पत्नी के रिश्ते की गहराई और मज़बूती काफ़ी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उनकी सेक्स लाइफ़ कैसी है? लेकिन, बहुत बार कई कारणों से आपसी रिश्ते अच्छे होते हुए भी सेक्स लाइफ़ प्रभावित होने लगती है. जिसका असर रिश्तों पर पड़ने लगता है. अचानक या धीरे-धीरे आपके पार्टनर की सेक्स में रुचि कम होने लगती है और आप बस कारण ढूंढ़ते रह जाते हैं और अक्सर ग़लत नतीज़े पर पहुंचकर अपने संबंध ख़राब कर लेते हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि सही कारणों को जानें और एक्सपर्ट की सलाह से अपने रिश्तों को मज़बूूत बनाएं.
आपको जानकर हैरानी होगी, मगर विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी कई दवाइयां हैं, जिनके सेवन से सेक्स लाइफ़ पर असर होता है, लेकिन कई बार शर्म या झिझक के कारण लोग डॉक्टर से संपर्क नहीं करते.

 

ब्लडप्रेशर

ब्लडप्रेशर के लिए इस्तेमाल की जाने वाली क्लोनीडीन, अल्फा मिथाइल डोपर (एंडोमेंट), रेसर्पिन, ग्वानेथिडीन जैसी औषधियां कामेच्छा में कमी लाती हैं. ये औषधियां शरीर में प्रोलॅक्टीन नामक हारमोन की मात्रा बढ़ा देती हैं, जिससे पुरुष नपुंसकता का शिकार हो जाता है. इसके अलावा इंडोरॉल, बीटास्पैन, बीटा ब्लॉकर, एल्फाडोपा, डोपाजिट, आर्कामिन, केटाप्रेस आदि औषधियां लिंग के उत्थापन मेें बाधा पहुंचाती हैं, जिससे सेक्स लाइफ़ प्रभावित होती है.

 

एंटी-हाइपरटेंशन-   हाई ब्लडप्रेशर यानी उच्च रक्तचाप की दवाइयां सेक्स लाइफ़ को प्रभावित कर सकती हैं.
एंटी-डिप्रेसेंट- अवसाद यानी डिप्रेशन की दवाइयां.
एंटी-सायकॉटिक- अगर आप किसी मानसिक समस्या की दवा ले रहे हैं, तो हो सकता है आपकी सेक्स लाइफ़ उनसे प्रभावित हो रही हो.
अब सवाल ये उठता है कि ये दवाएं भला सेक्स लाइफ़ को कैसे प्रभावित करती हैं?
दरअसल सेक्स के लिए ज़रूरी हार्मोंस, न्यूरोट्रान्समीटर्स यानी शरीर की ज़रूरतों व संदेशों को मस्तिष्क तक पहुंचाने वाले तत्व, जैसे- डोपामाइन, सेरोटोनिन और सेक्स के अंगों के बीच तालमेल ज़रूरी होता है. मुख्यतः डोपामाइन सेक्स क्रिया को बढ़ाने में और सेरोटोनिन उसे कम करने की भूमिका निभाते हैं, वहीं टेस्टोस्टेरॉन हार्मोंस रक्त धमनियों के ज़रिए उत्तेजना उत्पन्न करने का काम करते हैं.
ऐसे में ये दवाएं हार्मोंस के स्तर में बदलाव लाकर, सेक्स की क्षमता और सेक्स में रुचि को भी कम कर देती हैं. एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं मस्तिष्क में केमिकल्स के स्तर को बढ़ा देती हैं. कुछ दवाएं सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ा देती है, जिससे सेक्स क्रिया प्रभावित होती है.
हालांकि हर दवा का असर अलग-अलग होता है, ऐसे में ये ज़रूरी नहीं कि स़िर्फ दवाएं ही ज़िम्मेदार हो, लेकिन यदि आपको अपनी सेक्स लाइफ़ में बदलाव महसूस हो रहा है, तो दवा बंद न करें, पहले डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह से आगे बढ़ें.
ध्यान रहे आपकी ज़िंदगी और ज़िंदगी को बेहतर बनाना ही आपका और आपके डॉक्टर का उद्देश्य है, ऐसे में झिझक छोड़कर अपनी परेशानी डॉक्टर को बताना ज़रूरी है.

 

ये दवाएं भी हो सकती हैं सेक्स की दुश्मन

 

एंटी-डिप्रेसेंट, एंटी-सायकॉटिक और एंटी-हाइपरटेंशन के अलावा एंटी-एपिलेप्टिक और कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएं भी ज़िम्मेदार हो सकती हैं. साथ ही घबराहट और अनिद्रा के लिए बेंजोडायज़ेपाइन्स पेप्टिक अल्सर, एसिडिटी, प्रोस्टेट कैंसर, नशा छुड़ाने के लिए प्रयुक्त दवाएं, मितली और उल्टी, हृदय संबंधी दवाएं भी आपकी सेक्स लाइफ़ को प्रभावित कर सकती हैं.
कुछ पेनकिलर्स भी इसकी ज़िम्मेदार हो सकती है. ऐसे में ङ्गसेल्फ़ मेडिकेशनफ या सेक्स क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं ख़ुद से न लेकर डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि सेक्स क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं, इन दवाओं के साथ मिलकर कई अन्य साइड इ़फेक्ट्स उत्पन्न कर सकती हैं, जो बेहद घातक हो सकता है.

 

इरेक्शन फ्रेंड्ली दवाओं का भी उपयोग किया जा सकता है-

– वॉटर टेबलेट्स या बीटा ब्लॉकर्स के बजाय उच्च रक्तचाप में यदि कैल्शियम चैनल और एल्फा ब्लॉकर्स का प्रयोग किया जाए तो सेक्स समस्याएं कम होंगी.
– एसीएफ इंहिबिटई भी बेहतर विकल्प है.
– ट्रायसायक्लिक एंटी-डिप्रेसेंट के मुक़ाबले SSRIs और उसके बाद MAQIs (मोनो-अमाइन ऑक्सिडेस इंहिबिटर्स) सेक्स संबंधी परेशानियां ज़्यादा पैदा करते हैं.
– कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए फाइब्रेट्स की जगह स्टैटिन्स कम समस्या देंगे.
यह ध्यान रहे कि डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवाई न खाएं और ये भी ज़रूरी नहीं कि हर कोई जो ये दवाएं ले रहा है उसे वे सेक्स संबंधी परेशानियां हों ही या अगर हो रही हों तो उनकी अन्य वजहें भी हो सकती हैं.

 

– विजयलक्ष्मी

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.