हम सभी की चाह रहती है कि तनावमुक्त रहें और अच्छी व सुकूनभरी नींद भी आए. तो क्यों न इसके लिए इन स्मार्ट होममेड ट्रिक्स को अपनाया जाए.
* रात को सोने से पहले एक ग्लास गर्म दूध में चुटकीभर जायफल पाउडर या हल्दी मिलाकर पीएं. इससे स्ट्रेस दूर होने के साथ-साथ अच्छी नींद भी आती है.
* कैमोमाइल चाय पीना लाभदायक होता है. यह न केवल मसल्स को आराम देता है, बल्कि स्लीप क्वालिटी को भी इम्प्रूव करता है. रात को सोने से आधे घंटे पहले इस टी को लेना फ़ायदेमंद है. दरअसल, कैमोमाइल टी जड़ी-बूटी वाली चाय है, जो मांसपेशियों को आराम देती है और जल्दी नींद लाने में मदद करती है.
* आयुर्वेद के अनुसार, अश्वगंधा का सेवन तनाव पैदा करनेवाले हार्मोन कोर्टिसोल को कम करने के साथ-साथ गहरी नींद लाने में मदद करता है.
* बादाम, कद्दू के बीज व हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, जिनमें मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होते हैं, खाने से तनाव कम होता है. क्योंकि मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देने के साथ-साथ स्ट्रेस को भी दूर करता है.
* सोने से आधा घंटा पहले एक ग्लास गर्म पानी में एक टीस्पून घी मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है.
* बैलेंस फूड लेना अच्छी जीवनशैली के साथ सेहत और नींद पर भी प्रभावशाली असर डालती है. इसमें फल, हरी सब्ज़ियां और अंकुरित चीज़ों को शामिल करें.
* एक ग्लास गर्म दूध में एक टीस्पून शहद मिलाकर पीने से मानसिक शांति मिलने के साथ नींद अच्छी आती है.
* रात को सोने से पूर्व कोई भी मीठी चीज खाने से अच्छी नींद आती है.
* जायफल को घी में घिसकर पलकों पर लगाने से शीघ्र ही नींद आ जाती है.
* पीपलामूल का चूर्ण 5-6 ग्राम गुड़ में मिलाकर खाने से मात्र एक सप्ताह के प्रयोग से पुरानी अनिद्रा की शिकायत दूर हो जाती है.
* अनिद्रा की अवस्था में सिर पर ठंडे तेल की मालिश करने से अच्छी नींद आती है.
* रात में अंगूर या मिश्री का सेवन करने से सहज नींद आने लगती है.
* रात को कुनकुना दूध पीने या दूध से भली प्रकार बनाई गई खीर खाने के बाद भी अच्छी नींद आती है.
* सोने से पूर्व एक चम्मच शहद एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से नींद आ जाती है.
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स्ट्रेस दूर करने के लिए इन उपयोगी जड़ी-बूटियां को भी अपनाएं
तनाव भी वज़न बढ़ने की एक बड़ी वजह है. तनाव में अक्सर हम ज़्यादा खाते हैं और तनाव के समय मीठा खाने का मन करता है, जिससे मोठापा ज़्यादा बढ़ता है.
- तनाव व थकान कम करने के साथ एनर्जी लेवल बूस्ट करता है अश्वगंधा.
- मन-मस्तिष्क को शांत करने के साथ एकाग्रता व स्फूर्ति बढ़ाता है ब्राह्मी और जटामांसी.
- शंखपुष्पी चिंता-बेचैनी कम करने के साथ नींद को बेहतर करता है.
- तुलसी नेचुरल एंटी-स्ट्रेस हर्ब है.
इन्हें भी आज़माना न भूलें...
* सोने से पहले पैरों के तलवों व कनपटियों पर जैतून के तेल या नारियल तेल से मसाज करें.
* दूध या शहद के साथ एक सेब खाने से मूड़ अच्छा होता है.
* 2 छोटी इलायची को पीस कर पाउडर बना लें, एक कप गुनगुने पानी में चीनी के साथ मिलाकर दिन मेंे दो बार पीएं.
* मुट्ठी भर ताज़ी गुलाब की पत्तियों को पानी मेें डालकर उबालें. डिप्रेशन महसूस होने पर चीनी डाल कर इसे पीएं.
* जिन्हें मानसिक तनाव बना रहता है, उन्हें प्याज़ का सेवन करना चाहिए, क्योंकि प्याज़ में मौजूद एक विशेष रसायन मानसिक तनाव कम करने में सहायक है.
* चावल, फ़िश, बीन्स और अनाज में विटामिन बी होता है, जो दिमाग़ी बीमारियों और डिप्रेशन को दूर रखने में सहायक है.
* हरी पत्तेवाली सब्ज़ियों, गेहूं, सोयाबीन, मूंगफली, आम और केले में मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है, जो हमारे शरीर को तनाव से लड़ने में सहायता करती है.
* ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ करें, जिसमें 4-7-8 की टेकनीक इस्तेमाल करें यानी चार सेकंड सांस लेने के बाद सात सेकंड रुकें, फिर आठ सेकंड छोड़ें. इससे स्ट्रेस को तुरंत कम करने में मदद मिलती है.
* योग-प्राणायाम, एक्सरसाइज़ को अपने रेगुलर रूटीन में शामिल करें. चाइल्ड पोज़, मेडिटेशन, हठ योग तनाव को दूर करने के साथ स्लीपिंग पैटर्न ठीक करता है. अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम करने से टेंशन व बेचैनी कम होती है.
* यदि आप सोने से पहले अपने टेंशन व विचारों को लिख देते हैं, तो मानसिक रूप से टेंशन फ्री होने के साथ मन शांत होने लगता है और तनाव भी दूर होता है. इसलिए प्रतिदिन डायरी लिखने की आदत डालें.
* सोने से कम से कम घंटेभर पहले अपने सभी गैजेट्स को बंद कर दें, फिर चाहे वो मोबाइल फोन, टीवी, लैपटॉप ही क्यों न हो. दरअसल, इनसे निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है और इससे नींद भी डिस्टर्ब होती है.
* दिनभर में थोड़ा समय प्रकृति के साथ ज़रूर बिताएं, जैसे- सुबह की सैर, पेड़-पौधे, बगीचे-नेचर के साथ समय बिताना.
* सोने और उठने का टाइम टेबल बनाएं यानी हर दिन एक ही समय पर सोने-उठने की आदत डालें. इससे शरीर सेहतमंद रहने के साथ नींद भी सही होती है.
* सोने से पहले गुनगुने पानी से स्नान करें. कोई अच्छी किताब पढ़ें या हल्की स्ट्रेचिंग करें.
* दिन में नियमित रूप से कम से कम 15-20 मिनट तेज़-तेज़ ज़रूर चलें.
* रोज़ाना 10-15 मिनट गहरी-गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस करें.
* प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन की विधि भी कारगर साबित होती है. इसमें पैर के पंजों से लेकर सिर तक मांसपेशियों को 5 सेकंड के लिए सिकोड़ें और फिर छोड़ें.
* दूसरी टेकनीक में लेट जाएं और शरीर के हर हिस्से को ढीला छोड़ दें. गहरी सांस लेते हुए किसी शांत दृश्य की कल्पना करें. गहरी सांस लेने से बॉडी में ऑक्सीजन लेवल ठीक होता है व दिलोदिमाग़ शांत होता है.
* तनाव कम करने के लिए सोने से पहले पैरों के तलवों पर गुनगुने तिल के तेल या सरसों के तेल से मसाज करें, इससे वात शांत होता है और नींद जल्दी आती है.
* ध्यान रहे कि आपके बेडरूम का माहौल शांत रहने के साथ अंधेरा व ठंडा भी रहे, ताकि सुकून भरी नींद आ सके.
* हर रोज़ 10-15 मिनट मौन में बैठें, एकदम शांत व चुपचाप अपने आप में एकाग्र होकर. इससे एनर्जी लेवल बढ़ने के साथ-साथ स्लीप पैटर्न भी दुरुस्त होता है.
इनसे बचें...
- शाम के बाद चाय, कॉफी या अल्कोहल का सेवन न करें, क्योंकि ये नींद में बाधा डालते हैं.
- रात में हैवी भोजन न करें. ज़्यादा भारी या तला-भुना खाना स्लीप डिस्टर्ब करने के साथ स्ट्रेस भी बढ़ाता है.
- बिस्तर पर बैठकर काम न करें और न ही फोन यूज़ करें. बिस्तर का इस्तेमाल केवल सोने के लिए करने से दिमाग़ को संकेत मिलता है कि अब आराम का समय है.
- सोने से ठीक पहले कोई भी हैवी वर्कआउट न करें.
- ऊषा गुप्ता

