जीवन जीना सहज न जानो
बहुत बड़ी फनकारी है
ख़ुद को भी ख़ुश रखना
ख़ुद की ही ज़िम्मेदारी है
रंग बदलना, ढंग बदलना
देख के मौक़ा संग बदलना
चेहरे के भोलेपन पर मत जाना
सबके दिल में बसी हुई अय्यारी है
दौड़ रहे हैं भाग रहे हैं
एक ही ताल पर नाच रहे हैं
किसकी ये कलाकारी है
जाने कौन इनका मदारी है
फ़ुर्सत नहीं किसी को भी
रुकने को दो पल की भी
आज को खोकर हर कोई
करता कल की तैयारी है
हालात की चौसर बिछी हुई है
सबकी चालें सधी हुई हैं
इच्छाएं सब लगी दांव पर
वक़्त ही सबसे बड़ा जुआरी है
ख़ुशियों की तू भीख न मांग
हर कोई यहां भिखारी है
हंसते चेहरे पर मत जाना
बहुत बड़ी अदाकारी है
वैसे तो सब सुख है जीवन में
दुख नहीं है कोई मन में
पर एक तुम्हारा साथ ना होना
सब ख़ुशियों पर भारी है!..
- प्रज्ञा पांडेय मनु

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