Close

और रूसी ग़ायब… (And Dandruff Disappears, Useful Remedies

अक्सर बालों के झड़ने को हम मौसम का बदलाव या शारीरिक कमज़ोरी का नाम देकर अनदेखा कर देते हैं और जब समस्या गंभीर रूप ले लेती है, तब ख़्याल आता है कि दरअसल ये तो रूसी की समस्या है.

कई लोग तो रूसी के हानिकारक प्रभावों के बारे में जानते हुए भी लापरवाही कर जाते हैं और जब नौबत गंजेपन तक आ जाती है, तब डॉक्टर के चक्कर लगाते फिरते हैं. अब यदि उचित समय पर सही देखभाल कर ली जाए, तो ऐसी समस्याओं का सामना ही क्यों करना पड़े.

दरअसल, जब बालों में ज़्यादा रूसी हो जाए या वह लंबे समय तक रहे तो बाल झड़ने के साथ-साथ चेहरे पर दाने निकल आते हैं. तैलीय त्वचा वालों को तो गर्दन, कंधे व पीठ पर भी फुंसियां व मुंहासों की समस्या हो जाती है और उपचार के अभाव में दाग़-धब्बों का रूप ले लेती है. तो क्यों न ऐसी कोशिश की जाए कि इतने सारे नुक़सान उठाने की नौबत ही न आए.

यह भी पढ़ें: इंद्रधनुषी रंगों से आगे: इस सीजन अपनाएं फ्रेश ब्राइडल मेकअप ट्रेंड्स (Beyond Rainbow Colors: Embrace Fresh Bridal Makeup Trends This Season)

- सबसे पहले तो बालों की नियमित सफ़ाई पर ध्यान दें, क्योंकि सफ़ाई के अभाव से बालों में रूसी हो जाती है.

- मुलायम दांतो वाले ब्रश या कंघी से बालों की मांग निकालते हुए कंघी करें, ताकि जड़ों से रूसी बाहर आ जाए.

- रूई के फाहे से आयुर्वेदिक तेल जिसमें नीम, तुलसी, कैलुण्डला, मेथी आदि का सम्मिश्रण हो, बालों की जड़ों में लगाएं.

- पूरे बालों में अच्छी तरह कंघी करें, ताकि एण्टीसेप्टिकल तेल बालों में समा जाए.

- गर्म पानी में तौलिया भिगोकर निचोड़ लें और बालों को भाप दें.

- एक कप मेहंदी में एक-एक टी स्पून शिकाकाई, रीठा, आंवला व आधा-आधा टी स्पून नीम, मेथी, तुलसी डालकर मिलाएं. फिर इस मिश्रण को दही में डालकर ऊपर से आधा नींबू निचोड़ें. अच्छी तरह मिलाकर इस लेप को एक घंटे तक बालों में लगा रहने दें. (सर्दी, अस्थमा व साइनस के रोगी डॉक्टर की सलाह अवश्य लें.)

- फिर आयुर्वेदिक शैम्पू से बाल धो लें.

है ना बिल्कुल आसान सा तरीका. भई, ख़ूबसूरती पानी है तो कुछ मेहनत तो ज़रूर करनी पड़ेगी. और ढेर सी तारीफ़ भी तो मिलेंगी साथ-साथ.

- डॉ. जे. चंद्रा

यह भी पढ़ें: बालों के लिए भी उपयोगी ग्रीन टी (Green tea is also beneficial for hair)

Photo Courtesy: Freepik

Share this article