स्टार किड्स (Star Kids) की हर हरक़त पर नज़र रखी जाती है. और बात जब शाहरुख ख़ान (Shahrukh Khan) के बच्चों की हो तो मामला और भी स्पेशल हो जाता है. जी हां हम बात कर रहे हैं शाहरुख ख़ान की बेटी (Shahrukh Khan’s daughter) सुहाना ख़ान (Suhana Khan) की. हाल ही में मीडियावालों को सुहाना के फोन की पिक्चर क्लिक करने का मौक़ा मिल गया. अब आप सोच रहे होंगे कि अन्य यंगस्टर्स की तरह ही सुहाना के फोन पर उनकी ख़ुद की, किसी ख़ास फ्रेंड की या किसी फेवरेट सेलिब्रिटी की पिक्चर होगी. लेकिन आप ग़लत हैं. जी हां, सुहाना ने अपने मोबाइल के फ्रंट स्क्रीन पर अपने छोटे भाई अबराम की पिक्चर लगा रखी है. इससे ही साफ हो जाता है कि सुहाना और अपने भाई से कितना लगाव है.


हाल ही में एक इंटरव्यू में सुहाना ने बताया कि था कि शाहरुख की बेटी होने का स्टेटस व सोशल मीडिया के तीखे प्रहारों को वे कैसे झेलती हैं. स्टार किड होने के अनुभव के बारे में बताते हुए सुहाना ने कहा,”मुझे बहुत जल्दी ही समझ में आ गया था कि हमारी सिचुएशन अन्य बच्चों से अलग है. मैं जब पांच साल की थी और जब मेरे पापा मुझे स्कूल छोड़ने आते थे तो लोग हमें घूरा करते थे. मैं हमेशा चाहती थी कि वे फ्रेंड्स उन्हें सुहाना के डैडी कहकर पुकारे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ. जिसके कारण मुझे गुस्सा आता था. डैड मुझे गले लगाना चाहते थे तो मैं उन्हें कार में ठकेल देती थी. मुझे लोगों के अटेँशन से नफरत होती थी, क्योंकि उसके कारण मैं सेल्फ कॉन्सियस हो गई थी.”


सोशल मीडिया पर मिलने वाले भद्दे कमेंट्स पर सुहाना ने कहा कि घर के अंदर सबकुछ बहुत नॉर्मल रहता है, लेकिन असली चुनौती तो बाहर होती है. मुझे तो अभी भी यह बात स्वीकार करने में परेशानी होती है कि लोगों को लगता है कि स्टार कि़ड होने के कारण उन्हें हमें जज करने का अधिकार है. ख़ासतौर पर सोशल मीडिया पर. मेरे प्राइवेट इंस्टाग्राम अकाउंट की पिक्चर्स लीक हो जाती हैं. हजारों लोग हमारे बारे में बात करते हैं. वे हमें नहीं जानते. वे बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल देते हैं. जिसके कारण हमारे आत्मविश्वास पर भी असर पड़ता है. मैं ख़ुद को समझाती रहती हूं कि लोगों का काम बोलना है, लेकिन उनके खराब कमेंट का असर कहीं न कहीं तो पड़ता ही है. मैं ख़ुद को समझाती हूं कि मेरी परेशानी तो कुछ भी नहीं है. दूसरी की समस्या मुझसे बड़ी है.
