टीवी शो ‘मैं ना भूलूँगी’, ‘सास बिना ससुराल’ और ‘हैलो कौन, पहचान कौन ‘ से अपनी पहचान बना चुकी मॉडल और ऐश्वर्या सखुजा एक इनर चाइल्ड थेरेपिस्ट भी हैं. मेरी सहेली के पॉडकास्ट में आई ऐश्वर्या सखूजा ने अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ से जुड़ी कई बातें शेयर की.

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टीवी शो से ओटीटी की तरफ बढ़ते हुए इंडस्ट्री काफी बदल चुकी है. एक एक्टर के तौर पर एक्ट्रेस ऐश्वर्या सखुजा कहती हैं – टाइम के साथ बदलना जरूरी है. जो लोग अपने को बदल नहीं रहे हैं, उनके लिए ये मुश्किल दौर है. पर जो लोग अपने को रीइवेंट कर रहे हैं उनके लिए ये बदलाव बहुत इंटरेस्टिंग दौर है.

पॉडकास्ट में ऐश्वर्या ने पर्सनल और लाइफ चैलेंजेस के बारे में बात करते हुए कहा – उतार और चढ़ाव मेरी लाइफ में भी रहे हैं. कई बार लाइफ से जो एक्सपेक्स किया और वो नहीं मिला. पर कब लाइफ से निराश रहती, आगे तो बढ़ना पड़ेगा. जहां तक लाइफ चैलेंज की बात है तो, वे सबके लिए अलग होते हैं. थेरेपिस्ट के तौर पर मेरे पास 15 से 50- 60 साल तक के लोग आते हैं. सभी के चैलेंज अलग होते हैं. मैं उनके चैलेंज को समझकर उनको डील करने का तरीका बताती हूं.

आजकल मेरे पास 16-17 साल की उम्र के बच्चे बहुत आ रहे है. जब मैं इन जेन जी को देखती हूं तो लगता है कि उन्हें मालूम है कि उनको क्या चाहिए. पैरेंट्स और हर चाइल्ड में जेनरेशन गैप होता है. इस गैप की वजह से बच्चे कंफ्यूज रहते हैं कि क्या मैं बहुत अच्छा हूं.

ऐश्वर्या कहती हैं – बच्चें को पायलट बनना है, लेकिन पैरेंट्स बच्चे को डॉक्टर बनाना चाहते है, उनको बच्चों में पोटेंशियल दिखता है, तो बच्चे अपने को उस कैटेगिरी में पाते हैं कि 95% भी कम है. क्या मैं 95% लाऊँगा तब ही enough होगा. इसके पीछे सोशल मीडिया के कमेंट्स और लाइक भी जिम्मेदार है. मेरा दोस्त कॉन्टेंट क्रिएटर बन रहा और कमा रहा है और में इतनी पढ़ाई करके भी क्या कर रहा हूं. डॉक्टरी के लिए इतने साल पढ़ाई करनी है. मुझे पता है कि मैं अच्छा हूं , क्या सच में इतना अच्छा हूं. जेन जी में ये कनफ्यूजन है.
