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भारती सिंह- एक बेटी की चाह अब भी है… (Bharti Singh- Ek beti ki chah ab bhi hai…)

- राजीव खंडेलवाल पर मेरा बचपन से क्रश रहा है. ‘कहीं तो होगा’ सीरियल में उनका सुजल का क़िरदार मुझे इस कदर पसंद था कि मैं ख़्वाब भी उनके देखा करती थी. आमना शरीफ के साथ उनकी केमेस्ट्री बेइंतहा पसंद थी.

Bharti Singh

- मैं अपने बच्चे की जुदाई बर्दाश्त नहीं कर सकती. जब गोले (बेटा लक्ष्य) ने मुझे धमकी दी कि घर छोेड़कर चला जाएगा तब मैं काफ़ी परेशान और दुखी हो गई थी. सोचती हूं यदि मेरी बेटी होती तो मेरा दिल ही निकल जाता. गोले को मैं अक्सर समझाती रहती हूं कि मैं उसे काजू (दूसरा बेटा यशवीर) से भी अधिक प्यार करती हूं. काजू हमेशा दूसरे नंबर पर ही रहेगा. सच दो बच्चों में बैलेंस करके चलना कभी-कभी बहुत कठिन हो जाता है.

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 - मैं आज तक यह नहीं समझ पाई कि आख़िर कैसे लोग अपने माता-पिता को अपने से दूर कर देते हैं, उन्हें घर से निकाल देते हैं. ये बहुत ही ग़लत बात है. ये सब देख-सुन कर बहुत बुरा लगता है.

Bharti Singh

- काजू के जन्म के एक दिन पहले मेरी तबीयत बहुत ख़राब थी, परंतु मैंने हर्ष (पति) को नहीं बताया, क्योंकि हमारे शूट के लिए उसने काफ़ी तैयारी की थी और कई कलाकारों को बुलाया था, जो हमारे एक बार कहने पर शूट पर आ रहे थे. कह सकती हूं कि दूसरे बच्चे की मेरी प्रेग्नेसी काफ़ी मुश्किलों भरी रही.

Bharti Singh's Son

- काजू के जन्म के बाद जब मैंने पहला कदम रखा तो मुझे ऐसा लगा जैसे पहला वो बंदा जिसने अंतरिक्ष पर क़दम रखा था, बिल्कुल उसी तरह की फीलिंग हो रही थी. उठते हुए यूं लग रहा था जैसे दुश्मन से लड़ाई करके उठी हूंू और यह मेरा पहला क़दम बच्चे के पैदा होने के बाद धरती पर है.  

- दूसरा बेटा होने के बाद मुझे डॉक्टर ने कहा था कि गर्भ न ठहरे, इसके लिए अपनी टयूब्स बंधवाना चाहेंेगी, पर मैंने इसके लिए मना कर दिया. क्या कहूं, एक बेटी की चाह अब भी है.

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- जब मैं बच्चा होने के बाद हॉस्पिटल से घर आई थी तब मुझे ना जाने क्यों बेहद रोना आ रहा था, जिसे मैं समझ नहीं पा रही थी. घर में सब कुछ है, हर कामकाज करने वाले लोग हैं, फिर भी आंसू रुक नहीं रहे थे. यह पोस्टपार्टम इफेक्ट क्या होता है? यही होता है क्या... सच भगवान ने इतनी ख़ुशियां दी हैं कि पूछो मत.

- ऊषा गुप्ता

Bharti Singh's Family

Photo Courtesy: Social Media

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