मां से मॉम तक: ये हैं बॉलीवुड की मॉडर्न मॉम (Bollywood Actress And Most Stylish Mom In Real Life)

मां से मॉम बनने तक के सफ़र में औरत की ज़िंदगी में कई बदलाव आए हैं. घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर उसने अपनी एक अलग पहचान बनाई है. इससे उसके मातृत्व में तो कोई कमी नहीं आई, लेकिन उसने मदरहुड की परिभाषा ज़रूर बदल दी है. मदर्स डे के ख़ास मौ़के पर आइए, जानते हैं मां से मॉम तक कितनी बदली है भारतीय महिलाओं की तस्वीर.

गया वो ज़माना जब मां अपने बच्चों को दुवाओं के सिवाय कुछ नहीं दे पाती थी. घर-परिवार व बच्चों की देखभाल करने में ही वो अपनी पूरी ज़िंदगी गुज़ार देती थी. अपने बारे में कभी कुछ नहीं सोचती थी. आज की मॉडर्न मॉम मदरहुड की तमाम ज़िम्मेदारियां निभाते हुए अपने वुमनहुड को भी बख़ूबी एंजॉय कर रही है. आज की मां पहले की तरह लाचार-असहाय नहीं, वो अपने बच्चों की भौतिक ज़रूरतें भी पूरी कर सकती है और भावनात्मक, बौद्धिक, सामाजिक ज़रूरतें भी. आज की मॉम स्मार्ट है, सफल है और अपनी हर ज़िम्मेदारी निभाने में सक्षम भी. जी हां, मदरहुड की परिभाषा बदल रही है और इस बदलाव से औरत की ज़िंदगी और भी ख़ूबसूरत हो गई है. आइए, जानें नए ज़माने की न्यू मॉम को.

मॉम या सुपर मॉम
पहले ज़्यादातर वर्किंग वुमन सुपर मॉम बनने के चक्कर में हर काम ख़ुद ही करने की कोशिश में इतनी थक जाती थी कि इससे या तो उन्हें कई हेल्थ प्रॉब्लस हो जाती थीं या फिर वो चिड़चिड़ी हो जाती थी. इससे उनकी हेल्थ और घर का माहौल दोनों बिगड़ जाते थे, लेकिन आज की मॉडर्न मॉम ऐसा नहीं करती. वो ये बात अच्छी तरह जानती है कि वो हर काम अकेले नहीं कर सकती, इसलिए वो घर के सभी सदस्यों से थोड़ी-थोड़ी मदद लेकर स्मार्टली सारा काम मैनेज कर लेती है. वो परिवार के साथ-साथ अपनी हेल्थ का भी पूरा ख़्याल रखती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम करीना कपूर ख़ान
बोल्ड एंड ब्यूटीफुल बेबो उर्फ करीना कपूर ख़ान कहती हैं, “मां का हेल्दी रहना, अपना ध्यान रखना, अपने करियर को आगे बढ़ाना, ये सब बच्चे के लिए भी ज़रूरी है. जो बच्चा अपनी मां को हेल्दी और हैप्पी देखते हुए बड़ा होता है, उसे समाज के लिए कुछ करते देखता है, एक बेहतर ज़िंदगी जीते देखता है, वो अपनी मां से ये तमाम गुण सीखकर ख़ुद भी ऐसी ही ज़िंदगी जीता है. बच्चे को ख़ुश और स्वस्थ रखने के लिए पहले आपका हैप्पी और हेल्दी होना ज़रूरी है.”

छोटी-छोटी ख़ुशियां
पहले महिलाएं अपनी छोटी-छोटी ख़ुशियों पर ध्यान नहीं देती थी. वो त्याग की मूर्ति बनकर स़िर्फ परिवार की ज़रूरतें पूरी करती रहती थी, लेकिन आज की मॉम ज़िंदगी की छोटी-छोटी ख़ुशियों को ज़रूरी मानती है. वो सेलिब्रेशन का कोई मौका नहीं गंवाती. वो हर ख़ुशी का पासवर्ड जानती है और उसे सेलिब्रेट करना भी उसे आता है. इसीलिए वो बर्थडे, एनिवर्सरी, न्यू ईयर… हर स्पेशल डे सेलिब्रेट करती है और अपनी फैमिली को देती है ख़ुशी का तोहफा.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम ऐश्‍वर्या राय बच्चन
दुनिया की बेहद ख़ूबसूरत लेडी और बॉलिवुड सुपरस्टार ऐश्‍वर्या राय बच्चन कहती हैं, “मां बनना किसी भी औरत के लिए ईश्‍वर का सबसे बड़ा आशीर्वाद है. आप चाहे कितनी भी बिज़ी क्यों न हों, अपने मदरहुड को पूरी तरह एंजॉय करें. अच्छी प्लानिंग करके इस स्वीट टाइम का पूरा लुत्फ़ उठाया जा सकता है.” ऐश्‍वर्या राय अपनी बेठी आराध्या को ख़ुद स्कूल छोड़ने जाती हैं और शूटिंग के बीच में से टाइम निकालकर उसे स्कूल से घर लाने भी जाती हैं. अपने करियर और मदरहुड को ऐश्‍वर्या बहुत अच्छी तरह बैलेंस कर रही हैं.

क्वालिटी टाइम
कई महिलाएं दिनभर घर में रहकर भी अपने बच्चे से थोड़ी देर भी ठीक से बात नहीं करतीं. वो दिनभर या तो फ्रेंड के साथ फोन पर बात करती रहती हैं या फिर टीवी देखती रहती हैं, जबकि स्मार्ट वर्किंग मॉम ऑफिस से लौटकर अपने बच्चे के साथ क्वालिटी टाइम बिताती है, उससे दिनभर की बातें पूछती है, उसका होमवर्क कराती है. इसके साथ ही पति और परिवार के लिए भी थोड़ा-थोड़ा क्वालिटी टाइम ज़रूर निकालती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम माधुरी दीक्षित नेने
धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित नेने ने भले ही अमेरिका में बसे डॉक्टर नेने से विवाह किया और उनके बच्चों के शुरुआती वर्ष विदेश में बीते, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को भारतीय संस्कार सिखाने में कहीं कोई कमी नहीं रखी. माधुरी कहती हैं, “मैंने अपने बच्चों को गायत्री मंत्र सिखाया है और घर में मैैं अपने बच्चों के साथ मराठी में ही बात करती हूं. मैं अपने दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने जाती हूं, उन्हें साथ बिठाकर होमवर्क करवाती हूं, उनकी हेल्थ और हाईजीन का ध्यान रखती हूं… वो सारे काम करती हूं जो एक आम मां अपने बच्चों के लिए करती है.”

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बच्चे का भविष्य
पहले की मॉम बच्चे के भविष्य की पूरी ज़िम्मेदारी पति पर छोड़ देती थी और बच्चे को डॉक्टर, इंजीनियर… जैसे रटे-रटाए करियर को ही चुनने की सलाह देती थी, लेकिन आज की ग्लोबल मॉम ये बात जानती है कि रटे-रटाए करियर के अलावा भी अलग फील्ड में करियर बनाया जा सकता है और उसमें कामयाबी हासिल की जा सकती है इसीलिए वो अपने बच्चे के टैलेंट को जानते हुए उसे उसकी पसंद के फील्ड में आगे बढ़ने को प्रोत्साहित करती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम काजोल देवगन 
सुपर टैलेंटेड काजोल देवगन जितनी परफेक्शनिस्ट ऐक्टिंग में नज़र आती हैं, उतना ही परफेक्ट है उनका पैरेंटिंग स्टाइल. काजोल ये मानती हैं कि बच्चों को सही आदतें और अनुशासन सिखाने के लिए यदि थोड़ी सख़्ती भी दिखाई जाए तो इसमें कोई बुराई नहीं है. काजोल के अनुसार, “ये हर माता-पिता का कर्त्तव्य है कि वे अपने बच्चों को सही और ग़लत का फर्क़ सिखाएं.” काजोल हंसते हुए कहती हैं, “मां कहती हैं कि मैंने जो कह दिया वो पत्थर की लकीर होती है. वाकई मेरे घर में ऐसा है. मुझे इस बात का फख़्र है कि मेरे बच्चे मेरी 70% बातें सुन लेते हैं और बाक़ी 30% बातों पर या तो हम झगड़ लेते हैं या मिल बैठकर उनका हल निकाल लेते हैं. मेरे ख़्याल से ये रेशियो बुरा नहीं है.”

मी टाइम
ये बात तो हम सभी जानते हैं कि यदि आप ख़ुद ख़ुश नहीं हैं तो आप दूसरों को कभी ख़ुश नहीं रख सकते, इसलिए सबसे पहले आपका ख़ुश होना ज़रूरी है. आज की मॉडर्न मॉम ये बात अच्छी तरह जानती है इसलिए वो मी टाइम के लिए व़क्त ज़रूर निकालती है. घर-परिवार, बच्चों की तमाम ज़िम्मेदारियां निभाते हुए वो अपने लिए भी अलग से व़क्त निकालती है और वो टाइम स़िर्फ उसका होता है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम शिल्पा शेट्टी कुंद्रा 
फिटनेस फ्रीक मॉम शिल्पा शेट्टी कुंद्रा के अनुसार, “हर औरत को अपनी सेहत और फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए. एक हेल्दी मां ही हेल्दी बच्चे को जन्म से सकती है.” वर्किंग मदर्स के लिए शिल्पा कहती हैं, “चाहे आप कितनी ही बिज़ी क्यों न हों, अपनी ज़िम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत के साथ कभी समझौता न करें. अपने लिए, ख़ासकर अपनी सेहत के लिए समय ज़रूर निकालें.”

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टाइम मैनेजमेंट
हम सभी के पास एक दिन में स़िर्फ 24 घंटे होते हैं. अब ये हम पर निर्भर करता है कि हम उस टाइम को किस तरह बिताते हैं. कई लोग टाइम की वैल्यू नहीं जानते और उसे यूं ही बर्बाद कर देते हैं, लेकिन आज की मॉडर्न मॉम सही टाइम मैनेजमेंट जानती है और अपने टाइम का सही इस्तेमाल करके घर और करियर में सही बैलेंस बनाकर रखती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम सोनाली बेंद्रे
सेलिब्रिटी मॉम सोनाली बेंद्रे कहती हैं, “आज की मॉम और बच्चे दोनों बिज़ी हैं. ऐसे में सही टाइम मैनेजमेंट बहुत ज़रूरी है. आज के बच्चों को मटीरियलिस्टिक चीज़ें ही नहीं, नॉलेज भी ज़्यादा मिल रहा है, और ये इंफ़ॉर्मेशन उन्हें जितनी आसानी से मिल रही है, उतनी ही तेज़ी से वे उसे पिकअप भी कर रहे हैं. ऐसे में इस बात पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है कि बच्चों को किस समय कितना एक्सपोज़र मिले. अपने बेटे की ख़ातिर मैं ज़्यादा काम नहीं करती. मैं कल इस बात पर अफ़सोस नहीं करना चाहती कि काश, मैंने अपने बच्चे को थोड़ा और वक़्त दिया होता.”

मां या बेस्ट फ्रेंड
आज की मॉडर्न मॉम बच्चे की अभिभावक ही नहीं, उसकी बेस्ट फ्रेंड भी होती है. वो अपने बच्चे की हर भावना को जानती-समझती है, उसकी भावनाओं की कद्र करती है. वो एक दोस्त की तरह अपने बच्चे की हर बात सुनती है, उसे सही-गलत के बारे में बताती है. उसके साथ हंसती-खेलती है और उसे हमेशा ख़ुश रखने की कोशिश करती है.
क्या कहती हैं सेलिब्रिटी मॉम जूही चावला
सेलिब्रिटी मॉम जूही चावला के अनुसार, “पहले के मुक़ाबले आज की मॉम अपने बच्चों के साथ ज़्यादा इंवॉल्व रहती है. बच्चा क्या कर रहा है, क्या सोच रहा है, क्या बनना चाहता है… इन सभी बातों की उसे जानकारी होती है. पहले की माएं बच्चों के बारे में इतना सब नहीं सोचती थीं. यदि मैं अपने बचपन की बात करूं, तो मुझे नहीं लगता कि मेरी मां को इस बात से कोई मतलब था कि मैं क्या पढ़ती हूं या पढ़ती भी हूं या नहीं?”

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वर्किंग मदर होने का गिल्ट नहीं
आज की मॉडर्न वुमन मां बनने के बाद भी अपना करियर जारी रखती है और उसे इस बात का कोई गिल्ट नहीं, क्योंकि वो जानती है कि वो अपने बच्चे को क्वालिटी टाइम दे रही है. बल्कि वर्किंग मॉम को बाहर की दुनिया का ज़्यादा अनुभव होता है इसलिए वो अपने बच्चे की परवरिश बदलते समय की ज़रूरतों के हिसाब से करती है.

वो जानती है रिश्ते निभाना
रिश्ते प्यार से सींचे जाते हैं. यदि आपके पास बहुत समय नहीं है, लेकिन आप फोन करके या कुछ समय साथ बिताकर यदि अपना प्यार जताते हैं, तो वो भी बहुत मायने रखता है. आज के सोशल नेटवर्किंग के दौर में मॉडर्न मॉम देश-विदेश में बसे अपने सभी रिश्तेदारों के टच में रहती हैं और उनके सुख-दुख में हमेशा उनके साथ देती हैं.

– कमला बडोनी