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‘हनुमान अंश’ के मुरीद हुए सेलेब्स, जानें फिल्म से जुड़ी कही-अनकही बातें…

हनुमान जी की महिमा और कृपा से भला कौन नहीं है वाकिफ़. चाहें आम हो या ख़ास हर किसी ने इसका अनुभव किया है. संतों  से लेकर आध्यात्मिक गुरुओं तक ने उनकी भक्ति, शक्ति, चमत्कार और आशीर्वाद को महिमामंडित किया है. न जाने कितनी घटनाएं और कथाएं हमने सुनी और जानी है. अब जब हाल ही में पिछले महीने यानी सात अगस्त को प्रदर्शित हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ की बात करते हैं तो इसी तरह की अनुभूतियों से दो-चार होते हैं.

शुरुआत में धीमी रही इस फिल्म ने धीरे-धीरे जो रफ़्तार पकड़ी की, हर कोई अंचभित है. क़रीब दो करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने सौ करोड़ का आंकड़ा पार करने के साथ ही इतिहास रच दिया. और जैसे जैसे समय गुज़रता जा रहा है हर दिन एक नई अनुभूति और कीर्तिमान के साथ सुर्ख़ियां बटोर रही है. क्या नेता, क्या अभिनेता या मशहूर शख़्सियत हर कोई फिल्म का मुरीद हो गया है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने तो इसे अपने राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है. क्यों न हो, आख़िरकार नीम करौली बाबा, कैंची धाम से जुड़ी घटनाओं और व्यक्तित्व के बारे में प्रभावशाली तरी़के से बताया जो गया है.
‘धुरंधर’ फेम निर्देशक आदित्य धर भी इससे बेहद प्रभावित हुए और पूरी टीम को बधाई दी है. एक्टर वरुण धवन तो अपनी मां के साथ इस फिल्म को देखने के बाद इससे इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम स्टोरी पर वीडियो डालते हुए हर किसी को इस फिल्म देखने की गुज़ारिश तक कर दी.
उनका कहना है कि ‘हनुमान अंश’ को इस कदर प्यार से बनाया गया है कि फिल्म दिल को छूती है. साथ ही वे यह भी कहने से नहीं चूकते कि उन्हें किसी ने या मूवी की टीम ने फिल्म का प्रमोशन करने नहीं कहा कि वे इसके बारे में कहें या वीडियो बनाएं.

वरुण जी कहते हैं- बस, मेरे दिल ने कहा कि मुझे लोगों को इसके बारे में बताना चाहिए. दरअसल, मेरा हनुमान जी के साथ बचपन से ही कनेक्शन रहा है. मैं चाहूंगा कि इसे हर कोई अपने माता-पिता, परिवार, दोस्तों के साथ ज़रूर देखें. दिल से बनाई गई एक प्योर फिल्म, नहीं डिवाइन अनुभूति है. जय सीताराम…
सच, इससे पता चलता है कि वरुण धवन को फिल्म ने किस कदर प्रभावित किया है. ‘हनुमान अंश‘ को अब दुनियाभर में प्रदर्शित करने का ज़िम्मा होम्बले फिल्म्स ने लिया है. जल्द ही फिल्म वर्ल्डवाइड रिलीज़ की जाएगी.
फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी का कहना है कि इस फिल्म को हमने पूरी पवित्रता और आस्था के साथ बनाया है. इसी कारण यह धीरे-धीरे ही सही आगे बढ़ते हुए सफलता की बुलंदियों को छूते हुए शिखर को छू रही है.
उनका कहना था कि शूटिंग के समय हम पूरी सात्विकता का पालन करते थे. सकारात्मता के साथ शाकाहारी भोजन लेने के साथ धूम्रपान, अल्कोहल यहां तक की अपशब्द या गाली-गलौज तक की जगह नहीं थी शूटिंग के समय. उनकी बातों को सुनकर रामानंद सागर की ‘रामायण’ सीरियल की याद आ जाती है. ऐसा ही सोच, व्यवहार और माहौल उन दिनों भी था. राम की भूमिका में अरुण गोविल ने भी इसी प्रक्रिया को अपनाया था.
विशाल जी की ये बातें उन निर्माताओं व निर्देशकों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो अश्‍लीलता व गालियों को हिट का फॉर्मूला समझते हैं.

इसके गीत-संगीत ने भी लोगों को बेहद प्रभावित किया है. क्या आप जानते हैं कि भजन मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान… के सिंगर सुनील लोधी बचपन से ही दृष्टिबाधित हैं. मध्य प्रदेश के सागर जिले के इस युवा बुंदेली लोक गायक की गीत से प्रभावित होकर एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने न केवल उन्हें एक लाख रुपए से सम्मानित किया, बल्कि उनका इलाज कराने की भी बात कही. दरअसल, सुनील जी का गाया मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डाल दई… काफ़ी मशहूर हुआ है और बहुत पसंद किया जा रहा है. साथ ही इससे श्रेयस धर्म अधिकारी, ऋषि पाठक, साधू तिवारी जैसे गायक-संगीतकार भी जुड़े हुए हैं. ‘हनुमान अंश’ महाराज जी यानी नीम करोली बाबा के जीवन, उनके बचपन व आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है.
फिल्म की शूटिंग जब चित्रकूट के गांव में हो रही थी तब वहां पर एक ऐसा लंगूर बंदर प्रकट हुआ, जो पिछले पंद्रह सालों से नहीं देखा गया था. वह वहां पर पूरी शूटिंग के दरमियान रहा.
आमतौर पर फिल्म के प्रमोशन के लिए कलाकार तमाम जगहों पर जाते हैं और प्रचार-प्रसार करते हैं. लेकिन इसके निर्माताओं ने कई जगहों पर भंडारे करके फिल्म का अनोखा प्रमोशन किया. निर्देशक का कहना था कि हमने सभी को प्रेम पूर्वक भोजन कराए, पर किसी से भी फिल्म के बारे में कुछ नहीं कहा. कह सकते हैं कि हनुमान जी की ही कृपा रही कि लोग फिल्म देखने आते चले गए. हनुमान जी को शिव जी के ग्यारहवें रुद्र अवतार रूप में माना जाता है.
फिल्म के कलाकारों की बात करें तो हर किसी ने सशक्त ढंग से अपनी भूमिका के साथ न्याय किया है. जहां लक्ष्मण दास (नीम करोली बाबा) की भूमिका को शोभिनव सत्या ने आत्मसात किया है, वहीं डॉ. राम नंदन भोसले के क़िरदार में चंदन आनंद ख़ूब जंचे हैं. रामबेटी शर्मा के रोल में पूर्णिमा तिवारी ने भी प्रभावित किया. इनके अलावा महंत जी बने अनिल रस्तोगी, महाराज जी के बचपन की भूमिका में विहान शेडगे, निखिल दुबे, गुलशन पांडे आदि ने भी अच्छा काम किया है. यूं तो इसके कहानीकार व निर्देशक विशाल चतुर्वेदी हैं, लेकिन वे निर्माता के तौर पर भी पिक्चर से जुड़े हैं. उन्हीं के साथ अनुप्रिया नागर, रागिनी सोना व नम्रता जी सिंह भी हैं. स्वयंभू मीडिया नेटवर्क के बैनर तले बनी ‘हनुमान अंश’ अपने माउथ पब्लिसिटी के बलबूते कामयाबी के झंडे गाड़ रही है. विशाल बावा की सिनेमैटोग्राफी काबिल-ए-तारीफ़ है. ढाई घंटे की यह फिल्म नीम करोली बाबा की ज़िंदगी के हर पहलू, उतार-चढ़ाव को साफ़गोई के साथ पर्दे पर जीवंत करती है.
– ऊषा गुप्ता

Photo Courtesy: Social Media

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