करीपत्ता के लाजवाब औषधीय गु...

करीपत्ता के लाजवाब औषधीय गुण (Excellent Medicinal Properties Of Curry Leaves)

करीपत्ते को भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. लेकिन इसके सेहत से जुड़े अनगिनत फ़ायदे भी हैं. पौष्टिक तत्वों से भरपूर करीपत्ते में प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और फास्फोरस होता है. इसे मीठी नीम भी कहते हैं. इसमें कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स व फेनोल्स पाए जाते हैं, जिससे कैंसर जैसी ख़तरनाक बीमारी से भी बचने में मदद भी मिलती है. करीपत्ते में मौजूद ख़ास तत्व प्रोस्टेट, ल्यूकेमिया, कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव करते हैं. इसके बेहतरीन फ़ायदे के लिए हमेशा ताज़े करीपत्ते का ही इस्तेमाल करें.

Curry Leaves Benefits

* जी मिचलाने पर 1/4 कप करीपत्ते के रस में चुटकीभर शक्कर व आधे नींबू का रस मिलाकर पीएं.

* पित्त की समस्या होने पर करीपत्ते को पीसकर इसका रस निकाल लें और इसे छाछ के साथ दिनभर में दो-तीन बार पीएं.

* चेहरे की रंगत निखारने में भी करीपत्ता उपयोगी है. करीपत्ते को सुखाकर पीसकर पाउडर बना लें. इसमें नारियल का तेल, गुलाबजल, मुलतानी मिट्टी व चंदन मिलाकर पैक तैयार कर लें. इसे चेहरे पर लगाकर आधे घंटे बाद धो लें.

* एनीमिया की तकलीफ़ हो, तो हर रोज़ सुबह खाली पेट दो करीपत्ते के साथ एक खजूर खाएं.

* यदि डायरिया की प्रॉब्लम हो, तो करीपत्ते के पाउडर को छाछ में मिलाकर दिन में दो बार पीएं. इससे जल्द ही आराम मिल जाएगा.

* यदि आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं, तो अपने डायट में करीपत्ते को ज़रूर शामिल करें. तीन महीने तक लगातार हर रोज़ सुबह खाली पेट करीपत्ता खाने से इसके चमत्कारिक लाभ मिलेंगे.

* यदि स़़फेद बालों की समस्य हो, बाल टूटते व गिरते हों, तो 10-12 करीपत्ते में रातभर भिगोए हुए 5-6 बादाम मिलाकर पेस्ट बना लें. इससे बालों व स्काल्प की मालिश करें. फिर माइल्ड शैंपू से बाल धो लें. ऐसा तीन-चार हफ़्ते तक करने से बाल मज़बूत, चमकदार व काले होते हैं.

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* नियमित रूप से 7-8 करीपत्ते का सेवन करना शरीर के लिए बेहद फ़ायदेमंद होता है. इससे वज़न कम होने, आंखों की रोशनी बढ़ने, बालों के काले होने में मदद मिलती है.

* पीरियड में दर्द की समस्या होने पर करीपत्ते का सेवन करना फ़ायदेमंद रहता है. इससे माहवारी में होनेवाले असहनीय दर्द में काफ़ी आराम मिलता है.

* करीपत्ते में एंटीबैक्टीरियल व एंटीफंगल गुण होने के कारण यह सूखी खांसी, कफ़ आदि में बलगम निकालने में मददगार साबित होता है.

* बवासीर की समस्या होने पर करीपत्ते का जूस पीएं. जूस के लिए करीपत्ते को पानी के साथ पीसकर उसका रस निकाल लें और इसे पीएं.

* वज़न कम करने के लिए करीपत्ते की चाय पीएं. इसके लिए पानी में करीपत्ता उबालकर उसमें नींबू का रस और शहद मिलाएं.

* अपच की परेशानी हो, तो एक टीस्पून घी को गर्म करके उसमें पांच-छह करीपत्ता, थोड़ा-सा सोंठ, जीरा, शहद व पानी मिलाकर उबाल लें. फिर इसे ठंडा करके पीएं.

* ब्लड प्रेशर से राहत के लिए सुबह लौकी के रस के साथ करीपत्ते का रस लें.

* खांसी-ज़ुकाम होने पर करीपत्ते के पाउडर में शहद मिलाकर लें.

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* चेहरे के जले-कटे निशान को दूर करने में भी करीपत्ता फ़ायदेमंद है. इसके लिए एक कप दूध को गर्म करके उसमें 5-6 करीपत्ते मिलाकर उबालें. जब यह गाढ़ा हो जाए, तब इसे आंच पर से उतारकर ठंडा कर लें. फिर इसे जले-कटे हुए जगहों पर लगाएं.

हमेशा चुस्त-दुरुस्त व सेहतमंद रहने के लिए अपने भोजन में नियमित रूप से करीपत्ते को ज़रूर शामिल करें.

सुपर टिप: उल्टी व घबराहट होने पर करीपत्ते के जूस में नींबू का रस व शक्कर मिलाकर पीएं.

– ऊषा गुप्ता

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