हैप्पी रोज़ डे: गुलाब से गुलाबी होता प्यार और फिल्मी सफ़र… (Happy Rose Day: Rose Journey In Hindi Movies…)

प्यारभरे वैलेंटाइन वीक की शुरुआत रोज़ डे हो गई है. आज रोज़ डे है, हर चाहनेवालों के लिए गुलाब के फूल द्वारा अपनी मोहब्बत का इज़हार करने का दिन. फिल्मों में तो गुलाब के फूलों का अच्छा-ख़ासा महत्व रहा है. कभी कोई फिल्म, तो कोई सीन इन ख़ूबसूरत गुलाबों के ज़रिए लव एक्सप्रेस करने का बहाना बन जाती है.

Rose Journey In Hindi Movies

अस्सी के दशक में सुपरस्टार राजेश खन्ना की एक फिल्म आई थी रेड रोज़. प्यार, मिलन-जुदाई, सस्पेंस का लाजवाब मिश्रण था फिल्म में. इसमें राजेश खन्ना के निगेटिव शेड को भी लोगों ने ख़ूब पसंद किया.

मनमोहन देसाई की सुपर-डुपर हिट मूवी अमर अकबर एंथोनी को दर्शकों को बेहद प्यार मिला था. इसके हर सीन, गाने, संवाद आडियंस के जुबां पर थे. इसी फिल्म का एक ख़ास दृश्य जब अमिताभ बच्चन परवीन बॉबी को देखते हैं और गुलाब का फूल देते हुए हिचकिचाते-घबराते हुए अपने वन साइड लव को दर्शाते हैं.

यश चोपड़ा की फिल्मों में फूलों को बेहतरीन तरी़के से दिखाया जाता रहा है, ख़ासकर सूर्ख़ गुलाब के फूलों को. उनकी हर फिल्म में गुलाब के फूल किसी-न-किसी रूप में दिखाई देते हैं. लोगों के ज़ेहन में फिल्म सिलसिला का अमिताभ बच्चन और रेखा के प्रेम को ऊंचाइयां देता गुलाब के फूलों का गुलदस्ता न जाने कितनी ही कहानियों को बयां करता है. फिर तो चांदनी, विजय, डर, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, वीर-ज़ारा, जब तक है जान… यशजी के हर फिल्म में गुलाब के फूलों का सिलसिला चलता ही रहा.

गुलाब के फूलों को फिल्मों ने एक नई परंपरा और नया अंदाज़ दिया है इसमें कोई दो राय नहीं है. दिल तो पागल है फिल्म में शाहरुख ख़ान और माधुरी दीक्षित हो या अक्षय कुमार व करिश्मा कपूर हर एक दिल का धड़कन को बढ़ाता रहा रोज़.

ऐसे न जाने कितने मज़ेदार दृश्य, सीन और गाने रहे हैं, जो गुलाब के फूलों के बिना अधूरे हैं. तो क्यों न गुलाब के इस यात्रा का लुत्फ़ उठाया जाए…

 

 

 

 

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