इंटीरियर डेकोरेशन: एक क्रिएटिव करियर (Interior Decoration: A Creative Career)

Interior Decoration Career
अगर आप क्रिएटिव हैं और घर सजाने में आपकी ख़ास दिलचस्पी है, तो इंटीरियर डेकोरेशन आपके लिए अच्छा करियर (Interior Decoration Career) ऑप्शन है. देश ही नहीं, आजकल विदेशों में भी प्रोफेशनल इंटीरियर डिज़ाइनर्स की बहुत डिमांड है. अत: इस फील्ड में अपनी क्रिएटिविटी का इस्तेमाल करके आप अच्छी ख़ासी कमाई कर सकते हैं.

क्यों चुनें यह करियर?
घर, ऑफिस, मॉल, शोरूम आदि को सजाने-संवारने में इंटीरियर डिज़ाइनर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. वो ईंट पत्थर के मकान को ख़ूबसूरत घर बनाता है. आजकल फ्लैट ख़रीदने के साथ ही लोग उसे सजाने के लिए इंटीरियर डिज़ाइनर की खोज भी शुरू कर देते हैं. ऐसे में दिनोंदिन प्रोफेशनल इंटीरियर डिज़ाइनर्स की मांग बढ़ती जा रही है. अत: इस क्रिएटिव फील्ड में करियर बनाना फ़ायदे का सौदा साबित हो सकता है. यदि आप भी इस फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए इस क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख बातों के बारे में जानना ज़रूरी है.

आवश्यक योग्यताएं
इंटीरियर डेकोरेशन के किसी भी कोर्स में दाख़िले के लिए 12वीं पास होना ज़रूरी है. इंटीरियर डेकोरेशन का कोर्स आमतौर पर 2 से 4 वर्ष का होता है.

कोर्सेस व उनकी अवधि
– बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर- 2 वर्ष
– डिप्लोमा इन इंटीरियर डिज़ाइन- 2 वर्ष
– बीएससी इन इंटीरियर डिज़ाइन -3 वर्ष
– एडवांस डिप्लोमा इन इंटीरियर- 2 वर्ष
– डिप्लोमा इन इंटीरियर डिज़ाइन- 1 वर्ष
– पीजी डिप्लोमा इन इंटीरियर डिज़ाइन एंड डेकोरेशन- 1 वर्ष

कोर्स के अंतगर्त आनेवाले विषय
आर्ट एंड बेसिक डिज़ाइन, फर्नीचर डिज़ाइन, फ़र्नीशिंग एंड फ़िटिंग, हिस्ट्री ऑफ़ इंटीरियर डिज़ाइन, कंस्ट्रक्शन एंड मटेरियल्स, सर्विसेस प्रो़फेशनल मैनेजमेंट- इस्टिमेटिंग एंड बजटिंग, डिस्प्ले, कंप्यूटर एडेड डिज़ाइनिंग, लेटरिंग, प्रॉपर्टीज़ ऑफ़ मटेरियल एंड पेंट टेक्नोलॉजी. एग्जिबिशन आदि.

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ज़रूरी क्वालिटीज़
इंटीरियर डिज़ाइनर बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता के साथ ही कुछ अन्य गुणों को होना भी ज़रूरी है, जैसे- क्रिएटिव माइंड और स्ट्रॉन्ग इमेजिनेशन पावर, ड्रॉइंग, आर्ट्स आदि की जानकारी. इसके अलावा कम्युनिकेशन स्किल भी अच्छी होनी चाहिए, ताकि आप अपने आइडियाज़ दूसरों तक पहुंचा सकें.

प्रमुख विश्‍वविद्यालय एवं संस्थान
– स्कूल ऑफ़ इंटीरियर डिज़ाइन, अहमदाबाद.
– जे.जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट्स. मुंबई.
– निर्मला निकेतन, न्यू मरीन लाइन्स, मुंबई.
– सोफ़िया कॉलेज बी. के. सोमानी पॉलिटेक्निक, मुंबई.
– एसएनडीटी वुमन्स यूनिवर्सिटी, मुंबई.
– साउथ दिल्ली पॉलिटेक्निक फ़ॉर वुमन, नई दिल्ली.
– जवाहर लाल नेहरू टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, हैदराबाद.
– नागपुर विश्‍वविद्यालय, रविंद्रनाथ टैगोर मार्ग, नागपुर.
– देवी अहिल्या विश्‍वविद्यालय, इंदौर.
– नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन डिज़ाइनिंग, चंडीगढ़.
– चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ.
– ऐकेडमी ऑफ़ इंटीरियर डेकोरेशन, दिल्ली.

रोजगार की संभावानाएं
इंटीरियर डेकोरेशन का कोर्स पूरा करने के बाद रोजगार के निम्न विकल्प हो सकते हैं.
– आप किसी आर्किटेक्ट या आर्किटेक्चरल फ़र्म, बिल्डर्स, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, होटल व रिजॉर्ट चेन, हॉस्पिटल, टाउन प्लानिंग ब्यूरो या स्टूडियो, थिएटर व एग्ज़िबिशन ऑर्गनाइज़र के साथ काम कर सकते हैं.
– एक बार मार्केट में नाम हो जाने के बाद आप आसानी से ख़ुद का बिज़नेस भी शुरू कर सकते हैं.
– इंटीरियर डिज़ाइनिंग से जुड़ी किसी अच्छी मल्टीनेशनल कंपनी में भी आपको आसानी से नौकरी मिल सकती है.

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