कविता- ऐसा है मेरा आंचल… (K...

कविता- ऐसा है मेरा आंचल… (Kavita- Aisa Hai Mera Aanchal…)

पूर्णता की चाहत लिए
प्रतीक्षारत कविताएं..

कुछ अधमिटे शब्दों की
प्रस्तावित व्याख्याएं..

कब से, पल-पल संजोई हुई
आशान्वित कल्पनाएं..

संभावनाओं की देहरी पर
राह तकती आकांक्षाएं..

और

मन्नतों के धागों में पिरोई हुई
अनगिनत गांठें..

सुनो,
..ऐसा है मेरा ये आंचल!..

नमिता गुप्ता ‘मनसी’

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