नज़्म- एहसास (Nazam- Ehsaas)

नज़्म- एहसास (Nazam- Ehsaas)

किसी रिश्ते में
वादे और स्वीकारोक्ति
ज़रूरी तो नहीं
कई बार बिना आई लव यू 
कहे भी तो प्यार होता है
और न जाने
कितने वादे और
आई लव यू 
कहे रिश्ते
उम्र पूरी नहीं कर पाते
इसलिए मुझे
आई लव यू
कहना बेमानी लगता है
और मैं
प्यार को
सिर्फ़ एहसास में जीता हूं
किसी के कहे-अनकहे
शब्द में नहीं
वो एहसास
शब्द से कहीं अधिक क़ीमती होते हैं
जो बिना बोले
समझ लिए जाते हैं…

– शिखर प्रयाग

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