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जोश, जुनून… क्रिकेट और खिलाड़ियों के जीत का ज़बर्दस्त जज़्बा… (Passion, enthusiasm… cricket and the players’ strong desire to win…)

भारत कुछ समय से खेल में कामयाबी की न जाने कितनी इबारतें लिखता जा रहा है, ख़ासकर क्रिकेट में. साल 1983 का वन डे वर्ल्ड कप कोई भला कैसे भूल सकता है. जब साल 1975 से वन डे वर्ल्ड कप शुरू हुआ तो दो बार वेस्ट इंडीज चैंपियन बनीं. लेकिन कपिल देव के नेतृत्व में तीसरे विश्‍व कप में हमारे क्रिकेटर्स ने तो असंभव को संभव करते हुए वेस्ट इंडीज को फाइनल में हराकर न केवल तीसरा वर्ल्ड कप जीता, बल्कि देशवासियों का भी दिल जीत लिया. सही मायने में वहीं से क्रिकेट के प्रति हमारे जोश व जुनून की एक नई शुरुआत हुई.

cricket world cup

क्रिकेट से जुड़े न जाने कितनी कही-अनकही बातों व साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप के रोमांचक लम्हों को मेरी सहेली के पॉडकास्ट में शेयर किया उस समय के भारतीय कोच/मैनजर रहे लालचंद राजपूत ने. पूरा पॉडकास्ट देखने-सुनने के लिए लिंक पर क्लिक करें-

टी20 का क्रिकेट मैच हमेशा ही हमारे लिए ख़ास रहा है, क्यों ना हो आख़िर टी20 विश्‍व कप, जो पहली बार साल 2007 में आगाज़ हुआ और हमने जीतकर हर किसी को आश्‍चर्यचकित कर दिया था. क्योंकि गौर करनेवाली बात यह थी कि इस टूर्नामेंट में भारत के दिग्गज खिलाड़ी, जिसमें सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड आदि नदारद थे. परंतु इसके बावजूद न केवल हमने टी20 का वर्ल्ड कप जीता, बल्कि अपने आक्रामक जज़्बे से यह भी साबित कर दिया कि हम किसी से कम नहीं.

इस विश्‍व कप में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में कुछ ही सीनियर प्लेयर्स थे और यह भी गौर करनेवाली बात है कि हमने इसके पहले न कोई टी20 का टूर्नामेंट खेला था. बकौल पूर्व क्रिकेटर लालचंद राजपूत के हमने एकमात्र टी20 मैच खेला था. लेकिन इसके बावजूद सभी खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. धोनी ने अपनी लाजवाब कप्तानी से हर किसी को प्रभावित किया. इस विश्‍व कप में पहली बार धोनी को कप्तानी मिली थी और मैनेजर के रूप में पहली बार लालचंद राजपूत भी जुड़े थे.

MS Dhoni

जीत की खुमारी कुछ ऐसी रही कि रातभर जश्‍न चलता रहा. भारतीय टीम ने जमकर डांस, मनोरंजन और पार्टी की. यादगार पल... आख़िरकार हम पहली बार आगाज़ हुए टी20 वर्ल्ड कप के चैंपियन बने थे. संयोग की बात है कि दुनियाभर की बेहतरीन टीम के साथ खेलते हुए जहां साल 1983 में हम वन डे का वर्ल्ड कप जीते और चैंपियन बने थे. वहीं साल 2007 में टी20 के पहले विश्‍व कप में ही फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब हासिल किया था.

World Cup Champions


इसी जीत के साथ आईपीएल की भी नींव रखने की प्रेरणा मिली थी ललित मोदी को और साल 2008 क्रिकेट का एक नया दौर आईपीएल के रूप में शुरू हुआ. जहां खेल का जोश, जुनून और रोमांच देखने मिला. साथ ही भारतीय क्रिकेटर्स को एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म भी मिला अपने टैलेंट को दिखाने का.
मेरी सहेली के पॉडकास्ट में क्रिकेटर लालचंद राजपूत ने पहले टी20 विश्‍व कप के समय की भारतीय क्रिकेटर्स की भावनाएं और खेल भावना से जुड़ी तमाम दिलचस्प छोटी-छोटी बातें शेयर कीं. वाकई उस जीत के समय प्लेयर्स किस टैंम्परामेंट से गुज़र रहे थे जानना किसी उत्सुकता से कम नहीं.

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आज आईपीएल क्रिकेट के खेल का फेस्टिवल सा बन गया है, जिसे क्रिकेटर्स भरपूर एंजॉय करते हैं. इससे क्रिकेट और बीसीसीआई को भरपूर फ़ायदा हुआ है इसमें कोई दो राय नहीं है. क्योंकि आज हम उस मुक़ाम पर पहुंच गए हैं कि यदि चाहे तो एक नहीं दो-दो अच्छी टीम प्लान करके किसी भी देश के साथ खेलने के लिए भेज सकते हैं. आईपीएल के कारण न जाने कितने खिलाड़ी स्टार बन गए. साथ ही यंगस्टर्स भी ख़ूब धूम मचा रहे हैं, ख़ासकर वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, यशस्वी जायसवाल.

IPL

कह सकते हैं कि भारतीय क्रिकेट में आईपीएल ने एक नई क्रांति लाई, जिससे हर किसी को फ़ायदा हुआ फिर चाहे वो टीम के मालिक हो, खिलाड़ी हो या फिर स्पांसर. 

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Photo Courtesy: Social Media

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