व्यंग्य- सूर्पनखा रिटर्न (S...

व्यंग्य- सूर्पनखा रिटर्न (Satire Story- Surpnakha Return)

“भइया, मेरी नाक फिर कट गई.”
रावण को बिल्कुल हैरानी नहीं हुई. उसने नॉर्मल लहज़े में पूछा, “तुम नाक लेकर जाती ही क्यों हो ?”
सूर्पनखा ने धमकी दी, “अगर इस केस में आपने कुछ ना किया, तो मैं अपनी कटी हुई नाक का वीडियो विभीषण भइया को पोस्ट कर दूंगी. विभू भइया तुरंत वॉयरल कर देंगे. फिर अपनी नाक कैसे बचाओगे?” इतना कहकर शूर्पी ने फ़ोन काट दिया.

(आप सब कल्पना कीजिए कि आज 2020 में अगर सूर्पनखा की नाक काटी गई होती, तो बाहुबली रावण और उसकी फैमली पर क्या प्रतिक्रिया होती! तो आइए देखते हैं…)

      एक कटी हुई नाक

अपने शानदार फॉर्महाउस अशोक वाटिका में रावण बैठा गृहमंत्री विभीषण के बारे में खुफिया एजेंसी की भेजी गई रिपोर्ट देख रहा था. सुपरसोनिक पुष्पक विमानो के सौदे में ‘विभू’ ने करोडो डॉलर कमीशन खाया था यानी इस जन्म में भी विभीषण अपनी आदत से मजबूर थे. रावण ने फाइल एक तरफ़ रखी, हाथ को सेनेटाइज किया और चेहरे से फेस मास्क उतारते हुए खुलकर सांस ली. उसके बाद वह लैपटॉप पर अपनी फेवरेट फिल्म बजरंगी भाई जान देखने लगा. तभी उसके फोन पर मिस्ड कॉल आई. रावण ने पलटकर फोन किया, उधर से जानी-पहचानी कॉलर ट्यून बजी- मुश्किल कर दे जीना इश्क़ कमीना…
रावण समझ गया कि दूसरी तरफ़ उसकी छोटी बहन सूर्पनखा है. रावण घबरा गया. बहन रोती हुई कह रही थी, “भइया, मेरी नाक फिर कट गई.”
रावण को बिल्कुल हैरानी नहीं हुई. उसने नॉर्मल लहज़े में पूछा, “तुम नाक लेकर जाती ही क्यों हो ?”
सूर्पनखा ने धमकी दी, “अगर इस केस में आपने कुछ ना किया, तो मैं अपनी कटी हुई नाक का वीडियो विभीषण भइया को पोस्ट कर दूंगी. विभू भइया तुरंत वॉयरल कर देंगे. फिर अपनी नाक कैसे बचाओगे?” इतना कहकर शूर्पी ने फ़ोन काट दिया. रावण धर्मसंकट में था. मेघनाथ किडनी बदलवाने इण्डिया गया हुआ था. विभीषण एक और कमीशन का चेक लेने मलेशिया की यात्रा पर था. कुंभकरण था तो लंका में, लेकिन एक कुंटल गांजा पीकर छह महीने के लिए कोमा में जा चुका था. रावण ने डायरी देखकर तीन नाम निकाले और फिर पहला फोन अमेरिका में चुनाव हार चुके डॉनल्ड ट्रंप को मिलाया. रावण ने बहन के नाक कटने की व्यथा बताई, तो उधर से ट्रंप ने रावण का मज़ाक उड़ाते हुए कहा, “भतीजे. तुम समझदार नहीं खोत्ते हो, जो इस ज़माने में भी नाक की परवाह करते हो. हमारे देश में तो महिलाओं का कुछ भी लुट जाए, पर हम उसे नाक पर नहीं लेते.”
“क्यों?”
“इतना भी नहीं समझे कि अब लक्ष्मी बाई का नहीं, जलेबी बाई का ज़माना है. जानम समझा करो.”
रावण ने फोन काट दिया. वाइडन से हारने के बाद ट्रंप अनाप-शनाप बोल रहे थे. रावण ने अपने कुलगुरू का नंबर निकाला, जो शोषण के अपराध में भारत की एक जेल में बंद थे. रावण ने फोन करके कहा, “सत श्री अकाल गुरुजी.”
“ओय रावण पुत्तर! की हालचाल है ट्वाडा.”
“क्या बताऊं गुरुजी. छोटी बहन की नाक कट गई.”
“ओय तो इसमें माइंड करने दी की गल. हुण तुसी ऐवे कर, सूर्पनखा नू साड्डे कोल भेज दे. असी एडजस्ट कर लांगे. साड्डे नाल रहेगी ता ऐश करेगी.”
रावण हैरान था, “मै समझा नहीं गुरुजी.”
“ट्वानू समझने दी की लोढ़! नाक कट गी, तो कट जान दे. त्वाडी बहन विदाउट नाक भी चलेगी. बस तुसी शुर्पी नू साड्डे कोलो भेज दे.”
अब रावण का माथा ठनका, उसने ग़ुस्से से पूछा, “आप कहना क्या चाहते हैं?”
“देख पुत्तर. वाहे गुरु ने किन्नी सोनी जोड़ी बनाई है. कुंडली दा मैच देख- हम दोनों ने ही नाक कटाई है. बल्ले बल्ले, ते याहू याहू…”
रावण ग़ुस्से से चिल्लाया, “सूर्पनखा तुम्हारी बेटी की तरह है. तुम्हें शर्म आनी चाहिए.”
“मै इस दुनियां के रिश्ते मानता ही नहीं. शूरपी ने भेज दे. असी इक नवीं फिल्म बनावांगे और ज़मानत मिली तो अगला वेलेंटाइन लंका आकर मनावांगे.” रावण ने घबराकर फोन रख दिया. थोड़ी देर में नॉर्मल होने के बाद रावण ने आख़िरी फोन अपने फैमिली फ्रैंड प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को लगाया. उधर से हिन्दी में गाने की आवाज़ आई- मोहे ‘पीओके ‘ पे नंदलाल छेड़ गयो रे.. गज़ब भयो रामा जुलम भयो रे…
रावण हैरान था, “ख़ान साहब, क्या हो गया. हिन्दी में रो रहे हो?”
“ओय रावन बिरादर, इस भरी दुनियां में कोई भी हमारा ना हुआ. मै फटेहाल पाकिस्तान को संभालूं या फजलुर रहमान को. पीओके पर हालत ख़राब है निरादर.”
“पीओके पर क्या हुआ?”
“उधर इंडियन आर्मी रोज़ आकर हमारा दरवाज़ा खटखटाकर मेरे बारे में पूछती, “खोचेे बुड्ढा घर पर है?”
“वेरी बैड.”
“खोचे इससे भी बुरा, छप्पन मुस्लिम कंट्री हैं, पर मोदीजी ने क्या शहद चटाई है कि आज की डेट में इस भरी दुनिया में कोई भी हमारा ना हुआ. ख़ैर तुमने कैसे याद किया बिरादर.”
अब रावण ने अपने दर्दे दिल की वजह बताई, “बहन की नाक कट गई ख़ान भाई.”
इमरान ख़ान चौंककर बोले, “सिस्टर ने बताया कि किसने नाक काटा ?”
रावण ने झूठ बोला, “मैंने नहीं पूछा.”
“खोचे पूछने का ज़रूरत ही नहीं, नाक तो ज़रूर किसी हिन्दुस्तानी ने काटा होगा.”
रावण दंग था. इमरान को कैसे पता, “भाईजान, आप तो जीनियस हो. आप को कैसे पता चला. ओह ख़ान तुसी ग्रेट हो.”
“ओय नहीं रावण बिरादर. ये ग्रेटवाली नहीं, शर्म की
बात है. अल्लाह दुहाई है, दुहाई है. कश्मीर से कारगिल तक हमने नाक ही कटाई है. हमकू पता है.”
रावण की उम्मीद ठंडी हो रही थी.
“रावण बिरादर, बीसवीं सदी में तुमने पहली बार नाक कटाई है, इसलिए बिलबिला रहे हो. हम तो पिछले सत्तर साल से रेगुलर नाक कटा रहे हैं.”
“अदभुत नाक है.”
“ट्रेज्डी देखो. हिन्दुस्तान का मुस्लिम भी हमारा सपोर्ट नहीं करता. उधर का हिन्दू-मुस्लिम आपस में लाठियां चलाता है, पर हमारा नाक काटने के लिए दोनो एक हो जाता है.”
“बहुत दुख हुआ”
“इस सर्जिकल स्ट्राइक ने रही सही मेरे नाक की “टीआरपी” ही ख़त्म कर दी…”
“मेरे लिए क्या सलाह है भ्राता श्री?”
“एक बार कटी सो कटी, कोशिश करो कि आगे नाक ना कटे.” इतनी सलाह देने के बाद इमरान ख़ान ज़ोर-ज़ोर से गाने लगे- दुनिया बनानेवाले, क्या तेरे मन में समाई. तूने काहे को नाक बनाई…
रावण सिर पकड़कर बैठ गया!

Sultan Bharti
सुल्तान भारती

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