छोटे-छोटे निवेश से करें बड़ी बचत (Small Investments, Big Returns)

छोटे-छोटे निवेश, बड़ी बचत, Small Investments, Big Returns

बच्चों की ट्यूशन फीस, उनके लिए कंप्यूटर व लैपटॉप की ख़रीददारी, घर की मरम्मत करवानी हो या फिर घर के लिए ज़रूरी कोई सामान ख़रीदना हो… कई ऐसे ख़र्चे हैं, जो गाहे-बगाहे सामने आ ही जाते हैं. इस तरह के आकस्मिक ख़र्चों को पूरा करने के लिए एक ‘स्पेशल बचत/फंड’ की ज़रूरत होती है, जिनसे इन आकस्मिक ख़र्चों की पूर्ति की जा सके. आइए जानें, निवेश करने के ऐसे ही कुछ ख़ास तरीक़ों के बारे में.

मुंबई के एक पोस्ट ऑफिस में पोस्ट मास्टर के पद पर कार्यरत प्रमोदिनी कदम के अनुसार, “पोस्ट ऑफिस में समय-समय पर अनेक शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट स्कीम्स निकलती रहती हैं, जिनकी अवधि एक साल, 2 साल, 3 साल या 5 साल की होती है. इस तरह की स्कीम्स में छोटे-छोटे निवेश करके आप बड़ी बचत कर सकते हैं और अपने सपनों को पूरा भी कर सकते हैं.”

पोस्ट ऑफिस
छोटे-छोटे निवेश करने के लिए पोस्ट ऑफिस सबसे अच्छा विकल्प है. अन्य वित्तीय संस्थानों और बैंकों की तरह पोस्ट ऑफिस भी अपने कस्टमर्स को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए समय-समय पर अनेक स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स निकालते रहते हैं. जैसे- पोेस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट स्कीम्स: इस स्कीम के अंतर्गत जमाकर्ता को एक निश्‍चित जमाराशि एक नियत समय के लिए जमा करनी होती है. अवधि पूरी होने पर जमाकर्ता को ब्याज सहित पूरी जमाराशि मिल जाती है. इस स्कीम के तहत जमाकर्ता कम से कम 200 और अधिकतम अपनी इच्छानुसार जमा करा सकता है. इस योजना के अंतर्गत 1 साल में 8.2%, 2 साल में 8.2%, 3 साल में 8.4% और 5 साल में 8.5% ब्याज मिलता है. 6 महीने के बाद कभी भी इस योजना को एनकैशमेंट करा सकते हैं. कम अवधि के लिए निवेश करनेवाले जमाकर्ताओं के लिए यह बहुत लाभकारी योजना है. इस योजना में आयकर छूट भी उपलब्ध है.

पोस्ट ऑफिस मंथली इन्कम स्कीम: इस योजना के तहत जमाकर्ता को शुरुआत में 6,000 का निवेश करना पड़ता है. 5 साल की अवधि वाली इस योजना में 8.4% की दर से प्रति माह ब्याज़ मिलता है. इस योजना के तहत जमाकर्ता 1 साल के बाद कभी भी अपनी जमाराशि निकाल सकते हैं. 1 से 3 साल के बीच जमाराशि निकालने पर कुल राशि का 2% पैनल्टी काटकर बाकी की जमाराशि वापस मिल जाती है. 3 से 5 साल से पहले जमाराशि निकालने पर 1% की पैनल्टी लगती है.

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नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स: छोटे-छोटे निवेश के तौर पर जमाकर्ताओं के लिए नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स भी एक अच्छा विकल्प है. ये सर्टिफिकेट्स 2 तरह के होते हैं. पहला- वे सर्टिफिकेट्स- जिनकी अवधि 10 साल की होती है. दूसरा- जिनकी अवधि 5 साल की होती है. 5 साल की अवधि वाले इन सर्टिफिकेट्स पर जमाकर्ता 100 से लेकर इच्छानुसार अधिकतम निवेश कर सकते हैं. जमाकर्ता को इन सर्टिफिकेट्स पर 8.5% का ब्याज मिलता है. इन पर आयकर छूट भी उपलब्ध है. इन सर्टिफिकेट्स का प्रीमेच्योर एनकैशमेंट केवल कुछ विशेेष परिस्थितियों (जैसे डेथ) में ही हो सकता है.

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉज़िट स्कीम: पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी की गई इस शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट प्लानिंग से जमाकर्ता अपने सपनों को आसानी से पूरा कर सकते हैं. इस योजना में जोख़िम की कोई संभावना नहीं होती. इस योजना के तहत जमाकर्ता को एक निश्‍चित राशि जमा करानी होती है. न्यूनतम राशि 10 से लेकर अधिकतम अपनी इच्छानुसार कर सकते हैं. 5 साल की अवधि वाली इस योजना में ब्याज की दर 8.4% है.

पिग्गी बैंक: निवेश करने के लिए ज़रूरी नहीं है कि आप बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा निकाली गई किसी स्कीम में इंवेस्ट करें. घर बैठे-बैठे, बिना कोई अतिरिक्त ख़र्च किए भी आप थोड़ा-थोड़ा निवेश कर सकते हैं पिग्गी बैंक के ज़रिए. पिग्गी बैंक आकस्मिक ख़र्चों को पूरा करने के लिए एक अच्छा फाइनेंशियल रिसोर्स (आर्थिक साधन) है. इसमें जमा करना अन्य विकल्पों की अपेक्षा बहुत ही आसान है. बस, आपको यह तय करना है कि आपको पिग्गी बैंक में हर महीने कितनी राशि डालनी है. यदि आरंभ से ही निर्धारित जमाराशि नियत समय पर डालते रहेंगे, तो एक बड़ी जमाराशि जोड़ लेगें.

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किट्टी बैंक: निवेश करने का एक और अच्छा तरीक़ा है किट्टी बैंक. पिग्गी बैंक की तरह किट्टी बैंक में भी निवेश करना बहुत आसान है. किट्टी बैंक डालने के लिए कम से कम 12 सदस्यों की ज़रूरत होती है (सदस्यों की संख्या कम या ज़्यादा भी हो कर सकते हैं). आपसी सहमति से प्रति सदस्य फंड की राशि और किट्टी बैंक की तारीख़ तय कर सकते हैं. किट्टी बैंक के लिए एक कॉर्डिनेटर की ज़रूरत भी होती है, जो सब सदस्यों से निर्धारित तारीख़ पर फंड जमा करें. इसके बाद सारे सदस्यों के नाम की परची डालकर उसमें से किसी एक के नाम की परची निकाल लें. जिसके नाम की परची निकलेगी, किट्टी उसी को ही मिलेगी. किट्टी बैंक के 2 लाभ है, पहला- इस तरी़के से निवेश करना बहुत आसान है और दूसरा- दोस्तों आदि के साथ एंजॉय करने का मौक़ा मिल जाता है.

शॉर्ट टर्म्स इन्वेस्टमेंट्स बॉन्ड्स: यह भी ‘छोटे निवेश’ फंड का एक अहम् भाग है. जिसमें बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां निवेशकों को लुभाने के लिए अपनी कंपनी के नाम ‘शॉर्ट टर्म्स इन्वेस्टमेंट बॉन्ड्स’ इश्यू करती हैं. इन बॉन्ड्स की अवधि 1 से लेकर 4 साल तक की होती है. इन बॉन्ड्स में जोख़िम की संभावना कम होती है. इस तरह के बॉन्ड्स में निवेश करने के पीछे जमाकर्ता का उद्देश्य अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अतिरिक्त बोनस/प्रीमियम प्राप्त करना होता है.

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– पूनम नागेंद्र शर्मा