Close

टीनएज बच्चों को पता होने चाहिए लाइफ के ये सबक (Teenagers Should Know These Life Lessons)

कहते हैं ठोकर लगने के बाद इंसान सब सीख जाता है लेकिन वो मौका ही क्यों आए जब इंसान को ठोकर लगे और उसे ज़िंदगी से कुछ सीखने की ज़रूरत पड़े. जी हां, हम यहां पर बात कर रहे हैं आजकल के जेन ज़ी की. जो लाइफ को इतने हलके में लेते हैं. इस लेख में हम ज़िंदगी के उन सबक के बारे में बता रहे हैं जिनको सीखने की ज़रूरत है आजकल की जेन जी को है.

  1. हेल्थ को फर्स्ट प्रायोरिटी दें: जेन जी के लिए लाइफ का मतलब है सिर्फ़ एंजॉयमेंट, फूल ऑन मस्ती, एडवेंचर, ज़िंदगी को एक किनारे पर रखकर रिस्क उठाना. कॉलेज में पढ़ाई करने की बजाय क्लास बंक करके निकलना, स्मोकिंग, अल्कोहल, लेट नाइट मूवीज-पार्टीज, दादागिरी और गुंडागर्दी और भी बहुत कुछ. इन सभी  हरकतों का असर न सिर्फ़ उनके भविष्य पर पड़ता है, बल्कि सेहत पर पड़ता है. जेन जी को ये सबक समझना चाहिए कि उनकी इन ग़लत आदतों से लाइफ और सेहत दोनों बर्बाद हो सकती है.

2. ख़ुद के लिए स्टैंड लेना: लोगों से ये उम्मीद करना कि वे हमेशा आपके साथ खड़े रहेंगे, ग़लत है. टीनेजर्स  ख़ुद में कॉन्फिडेंस के साथ अपने लिए स्टैंड लेने का स्किल डेवलप करें. शुरुआत में ऐसा करना आसान नहीं होता, लेकिन धीरे-धीरे ये स्किल डेवलप की जा सकती है. इस स्किल को डेवलप करने में पैरेंट्स उनकी मदद करें. पैरेंट्स का सपोर्ट और उनका कॉन्फिडेंस दोनों मिलकर टीनेजर्स के लिए बोनस का काम करेंगे.

3. कंफ्यूजन दूर कर क्लैरिटी लाएं: जैसे-जैसे बच्चे किशोरावस्था में प्रवेश करते हैं वे ख़ुद को तनावग्रस्त महसूस करते हैं. वे कंफ्यूज रहते हैं कि लाइफ में क्या बनना है और क्या करना है. करियर को लेकर उनके दिलो-दिमाग़ में कोई क्लैरिटी नहीं होती है  परिणामस्वरूप स्ट्रेस और एंजाइटी में आकर वे अपने फ़ैसले लेते हैं.

4. गुड डिसीजन मेकिंग स्किल: पीयर प्रेशर टीनेजर्स की सबसे कॉमन प्रॉब्लम है, जिसके कारण टीनेजर्स वही करते हैं, जो उनके फ्रेंड्स करते हैं. इसलिए टीनेजर्स गुड डिसीजन मेकिंग स्किल (वो चुनें जिसमें आपका फ़ायदा हो) सीखें. गुड डिसीजन मेकिंग स्किल से वे अपना भविष्य बेहतर बना सकते हैं.

5. अपने सिद्धांतों और उसूलों पर अडिग रहना: लाइफ में क्या बनना है, अपनी जड़ों से कैसे जुड़े रहना है, चीज़ों को देखने का नज़रिया, कैसे ज़मीन से जुड़े रहना है - इस तरह के सबक टीनेजर्स के चरित्र का निर्माण करते हैं. इन सिद्धांतों को छोड़ देने से ज़िंदगी ग़लत दिशा में जा सकती है.

Photo Source: freepik

6. यूनिक बनें: हर बच्चा ख़ास और अलग होता है. इसलिए टीनेजर्स ख़ुद की तुलना अपने दोस्तों के साथ न करें. अपने को भी कम न समझें. आत्मविश्वासी बनें. अपने पैशन और शौक़ को बनाए रखने के लिए दूसरी गतिविधियों में  भाग लें.

7. सम्मान दें और लें: सम्मान/आदर कभी मांगा नहीं जाता. इसे अच्छी आदतों, अच्छे व्यवहार, ईमानदारी और अच्छे कामों से कमाया जाता है. सम्मान का मतलब किसी को रोल मॉडल बनाना नहीं है, बल्कि लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करना है, जैसा आप दूसरों से चाहते हैं.

8. आभार व्यक्त/धन्यवाद करना सीखें: टीनेज बच्चों को ये सबक सीखना बेहद ज़रूरी है कि उनके पास जो है उसमें खुश रहना सीखें, उसके लिए अपने पैरेंट्स और भगवान का धन्यवाद दें. न कि उन चीज़ों की शिकायत करें जो उनके पास नहीं है. पैरेंट्स बच्चों को समझाएं और सिखाएं कि बहुत लोगों को वो भी नहीं मिला है, जो उनको मिला है. टीनेजर्स की ऐसी सोच उनके जीवन जीने का नज़रिया बदल देगी.

9. विनम्र बनें: थोड़ी-सी सफलता मिली नहीं की, टीनेजर्स के तेवर ही बदल जाते हैं, जो कि सही नहीं है. अपनी जड़ों से जुड़ना, उनका सम्मान करना, हमेशा ज़मीन से जुड़े रहना, अपनों के करीब रहना - ये सभी बातें उन्हें सफलता की ओर ले जाएगी. इसलिए टीनेजर्स को इस स्किल का पता होना चाहिए.

10. सॉरी बोलने में संकोच न करें: आजकल की जेन ज़ी का अपना सेल्फ रेस्पेक्ट बहुत बड़ा है. उन्हें 'सॉरी' कहने में शर्म आती है. टीनेजर्स के लिए ये ज़िंदगी का सबसे अहम सबक है कि लाइफ में आगे बढ़ने के लिए अपनी ग़लती को स्वीकार करें और बिना संकोच के माफ़ी मांगकर आगे बढ़ें.

11. कॉन्फिडेंट बनें: किसी भी व्यक्ति की पर्सनालिटी का स्ट्रांग पहलू होता है उसका आत्मविश्वास. शांत और बुद्धिमान टीनेजर की तुलना में कॉन्फिडेंट टीनेजर लाइफ में जल्दी और ज़्यादा तरक्की करता है. टीनेजर्स ख़ुद को एक्सप्लोर करें और कॉन्फिडेंट बनने के लिए नए-नए स्किल्स सीखें.

12. स्ट्रीट स्मार्ट बनें: किसी भी व्यक्ति की पर्सनालिटी को निखारने के लिए शिक्षा एक हद तक मदद करती है, लेकिन एप्लीकेशन ऑफ़ माइंड (दिमाग़ का सही इस्तेमाल) टीनेजर्स के अहम लाइफ लेसन में से एक है. एप्लीकेशन ऑफ माइंड टीनेजर्स सिर्फ़ अपने अनुभव से सीख सकते हैं. और ये स्किल ज़िंदगी भर उनका साथ निभाएगी.

13. सही-ग़लत का ज्ञान: टीनेजर्स को इस स्किल का ज्ञान होना आवश्यक है कि लाइफ में कुछ भी शॉर्टकट नहीं होता है. हर चीज़ की कीमत चुकानी पड़ती है. अपनी नैतिक मूल्यों से समझौता करने से उन्हें सच्ची खुशी नहीं मिलेगी.

14. ईमानदार बनें: लाइफ में सब कुछ जल्दी पा लेने की चाह में टीनेज बच्चे ग़लत रास्ते में चले जाते हैं और ये भूल जाते हैं कि  ग़लत रास्ते और ग़लत तरीकों से उन्हें सफलता जल्दी और कम समय में मिल जाएगी, लेकिन आत्मसंतुष्टि नहीं मिलेगी. इसलिए अपने और अपने काम के प्रति ईमानदार रहें.  

Photo Source: freepik

15. हार न मानना: आज के जेन ज़ी की सबसे बड़ी समस्या है कि किसी काम को करने में अगर थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़े, तो तुरंत हार मान लेते हैं. ये जानते हुए कि बार-बार कोशिश करने पर ही सफलता मिलती है. बेहतर होगा कि कठिन परिस्थितियों में मेहनत करना न छोड़ें और न ही हार मानें. हार न मानने की ये स्किल एक-न-एक दिन उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक ले जाएगी.

16. ख़ुद से प्यार करना: टीनएज ऐसा दौर है, जहां पर बच्चों को कई तरह की जटिल और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए बचपन से ही उन्हें बताएं कि परिस्थितियां कैसी भी हो, हमेशा मुस्कुराएं. ख़ुद से प्यार करें, निराश न हों. फैमिली और फ्रेंड्स का सपोर्ट मिलने पर लाइफ आसान हो जाती है.

17. अच्छा श्रोता बनें: इस उम्र के अधिकतर बच्चों में ये आदतें होती हैं, जैसे- अपने से बड़े लोगों की बातों को बीच में काटना, उन्हें बीच में टोकना, ज़ोर-ज़ोर से बोलना, ज़रूरत से ज़्यादा बोलना, बिना सोचे-समझे बोलना- इस तरह कीआदतों से सामनेवाले का अपमान होता है और ये शिष्टाचार भी नहीं है. बेहतर होगा कि टीनेज बच्चे अपने में अच्छे श्रोता बनने का गुण विकसित करें. कम बोलने और अधिक समझने से बातें जल्दी समझ में आती है. व्यक्तित्व आकर्षक बनता है. वैसे भी आज के दौर में अच्छे श्रोता बहुत कम मिलते हैं.

18. दूसरों की ग़लतियों से सीखें: टीनेजर्स अपनी पिछली ग़लतियों और दूसरों की ग़लतियों से काफी हद तक सीखकर अपनी लाइफ को बेहतर बना सकते हैं. 

सबक सीखने में पैरेंट्स इस तरह से करें टीनेजर्स की मदद

- पैरेंट्स टीनेजबच्चे का मार्गदर्शन करें कि लाइफ और करियर को लेकर कंफ्यूज होने की ज़रूरत नहीं है. उनके पास अभी पर्याप्त समय है.

- पैरेंट्स उनके साथ टीनेजर प्रॉब्लम्स और सोल्युशंस पर डिस्कस करें.

- टीनेजर्स में गुड डिसीजन स्किल डेवलप कर पैरेंट्स उनकी पर्सनलिटी बिल्डिंग में मदद कर सकते हैं.

- अच्छी आदतों सिखाने के लिए पैरेंट्स बच्चों को महान लोगों की किताबें पढ़ने के लिए दें. ताकि उन किताबों से अच्छी बातें सीखकर बच्चे लोगों के सामने मिसाल कायम करें.

- टीनेज बच्चों को ज़रूरत और चाहने के बीच अंतर करना सिखाएं. सेविंग्स और इंवेस्टमेंट्स से जुडी इन बातों को सिखाने के लिए एजुकेशनल ऐप्स की मदद लें. इनसे संबंधित आर्टिकल्स बच्चों को पढ़ने के लिए दें.

- उन्हें कम्युनिकेशन स्किल सिखाएं. इस स्किल को सीखने के बाद वे जीवन की चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकते हैं.

- असफल होने पर पैरेंट्स बच्चों को मोटिवेट करें, जैसे- निराश होने पर उनके साथ पॉजिटिव बातें करें. गर्मजोशी से गले लगाएं. प्यारी-सी मुस्कान के साथ उन्हें सपोर्ट करें. असफल और निराश होने पर उनके कंधे पर हाथ रखें और विश्वास दिलाएं कि कोई बात नहीं, सब अच्छा होगा. पीठ पर हल्का-सा थपथपाना, सिर-बालों को सहलाना- इस तरह की गतिविधियां बच्चों को प्यार और सहयोग का एहसास दिलाते हैं.

- देवांश शर्मा

Share this article