Family Drama

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- ममाज़ बॉय (Hindi Short Story- Mumma’s Boy)

“मेरे लिए तुम भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जितनी कि मां, पर क्या करूं डियर, तुम्हारी बात मानता हूं ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- अपनी खोज में… (Hindi Short Story- Apni Khoj mein…)

“कुछ बिरले ही ऐसे होते हैं, जो जीवन के मध्यान्तर में भी अपने पैरों में बेड़ियां डाले विकास के पथ ...

हिंदी कहानी- सच (Hindi Short Story- Sach)

  “अपने नसीब में ये सब सुख कहां? अलका को हमारा ध्यान ही कब रहता है? जब घर में रहती है, तो सारा ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- ट्रूज़ो (Hindi Short Story- Trousseau)

“तुमने ये सब सीख रखा है. मुझे तो विश्‍वास ही नहीं हो रहा और ये सब प्रमाणपत्र, मेडल आदि तुमने जीते ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- कार्ड (Hindi Short Story- Card)

“कैसे त्याग दूं मोह-माया?” सरोजिनी बुदबुदायी. इसी मोह-माया ने तो ज़िन्दगी के सत्तर वर्षों को ...

हिंदी कहानी- सोन चिरैया (Hindi Short Story- Son Chirayya)

  सोन चिरैया हंसी. बोली, “हे रानी, मैं तो बस तुम्हारे भीतर बैठी लालसा हूं, जो कुछ तुम सोचती और ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- दो टके की लड़की (Hindi Short Story- Do take ki ladaki)

  “ऐसी मंशा नहीं थी मेरी… तुम्हारा पुरुषार्थ कुंठित हो ऐसा तो मैं कदापि नहीं चाहती थी, ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- चक्कर पे चक्कर (Hindi Short Story- Chakkar Pe Chakkar)

मम्मी-पापा की अकाल मृत्यु के बाद नरेन भैया ही तो उसके सब कुछ थे. उसे पढ़ा-लिखाकर अपने पैरों पर खड़ा ...

hindi short stories

हिंदी कहानी- मिस चार्मिंग (Hindi Short Story- Miss Charming)

  “मैंने बहुत कोशिश की कि मैं वहां से भाग जाऊं, पर मैं तो जैसे किसी अंधे कुएं में गिर चुकी थी. यह ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- यथार्थ (Hindi Short Story- Yatharth)

  क्या लड़का है! कितने अधिकार से अपनी पसंद बताकर लौट गया. सीटी तो ऐसे बजा रहा है, जैसे उसका अपना ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- डायरी का अंतिम पृष्ठ (Hindi Short Story- Dairy ka antim prishth)

  मैं तो आजकल कुछ अधिक ही भावुक होती जा रही हूं. इतने प्यारे और आज्ञाकारी बच्चों के रहते भला मैं ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- वैराग्य (Hindi Short Story- Vairagya)

“इन लुभावनी बातों और शब्दों के जाल में क्यों उलझते हो. जिस संसार में, जिस घर में तुम रहते हो, ...

1 17 18 19 20