किस सर्टिफिकेट की ज़रूरत कब? कैसे बनवाएं?(Documentation Guidelines)

Documentation Guidelinesकिस सर्टिफिकेट की ज़रूरत कब? कैसे बनवाएं?किस सर्टिफिकेट की ज़रूरत कब? कैसे बनवाएं?हर तरह के सरकारीग़ैरसरकारी या प्राइवेट कामों के लिए हमें कुछ सर्टिफिकेट्स और डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत पड़ती है. अगर समय रहते इन डॉक्यूमेंट्स को बनवाया गया, तो बाद में आपको काफ़ी मेहनत मश़क्क़त करनी पड़ सकती है. इसलिए ज़रूरी है कि समय रहते सभी सर्टिफिकेट्स और डॉक्यूमेंट्स बनवा लें

बर्थ सर्टिफिकेट

बर्थ सर्टिफिकेट यानी जन्म प्रमाणपत्र नज़दीकी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफिस या पंचायत से बनवाया जाता है.

कब पड़ेगी ज़रूरत?

  •  स्कूल में एडमिशन व नौकरी के लिए.
  •  ज़रूरत पड़ने पर अपनी उम्र साबित करने के लिए.
  • सोशल सिक्योरिटी के तहत मिलनेवाले फ़ायदों, जैसे- हेल्थ स्कीम्स आदि के लिए.
  • पासपोर्ट बनवाने के लिए (26-01-1989 के बाद जन्म लेनेवाले सभी लोगों के लिए जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है).
  • ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते समय.
  • सर्टिफाइड डॉक्यूमेंट्स, जैसे- वोटर्स आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, मैरिज सर्टिफिकेट आदि के लिए.

कैसे बनवाएं?

  • बच्चे के जन्म के बाद मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज से फॉर्म लेकर भरें और म्युनिसिपल अथॉरिटी के पास ले जाकर जमा करें. ध्यान रहे कि अगर 21 दिनों के भीतर सर्टिफिकेट के लिए रजिस्टर नहीं किया, तो पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही जन्म प्रमाणपत्र मिलेगा.
  • म्युनिसिपल ऑफिस से 7-15 कामकाजी दिनों के भीतर सर्टिफिकेट मिल जाएगा. अगर सर्टिफिकेट खो जाए, तो जहां से बनवाया था, वहीं आवेदन करें.
  • कास्ट सर्टिफिकेट
  • हमारे देश में समानता को बढ़ावा देने के लिए कुछ जाति विशेष के लोगों को जाति प्रमाणपत्र के ज़रिए कुछ सहूलियतें दी गई हैं, जैसे- अनुसूचित जाति व जनजाति.
                                                             

कब पड़ेगी ज़रूरत?

  • सरकारी नौकरी व सरकारी संस्थानों में दाख़िले या एडमिशन के लिए उम्र सीमा पर छूट के लिए.
  • आरक्षण का लाभ उठाने के लिए.
  • स्कूल-कॉलेज में दाख़िले के दौरान पूरी या आधी फीस माफ़ी के लिए.                             

 कैसे बनवाएं?

  • इसे आप ऑनलाइन भी बनवा सकते हैं या फिर अपनी पंचायत, एसडीएम, तहसील के ऑफिस से बनवा सकते हैं.
  • आवेदन के साथ रेसिडेंस प्रूफ, एफिडेविट और कोर्ट स्टैम्प फीस भरकर आप अपना जाति प्रमाणपत्र पा सकते हैं.

डोमिसाइल सर्टिफिकेटइस

सर्टिफिकेट की ज़रूरत आपको अपने किसी राज्य या यूनियन टेरिटरी के लोकल रहिवासी के तौर पर प्रूफ के लिए पड़ती है.

कब पड़ेगी ज़रूरत?

  • कुछ सरकारी संस्थानों में दाख़िले या नौकरियों के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाती है, जिसे प्रमाणित करने के लिए आपको इसकी ज़रूरत पड़ती है.

कैसे बनवाएं?

  • ऑनलाइन फॉर्म भरकर या अपने इला़के के तहसीलदार के ऑफिस, कलेक्टर के ऑफिस, एसडीएम या रेवेन्यू डिपार्टमेंट में फॉर्म भरना होगा.
  • आप उस स्थान पर लंबे समय से रह रहे हैं, इसका प्रूफ आपको देना होगा. इसके लिए आइडेंटिटी प्रूफ, स्कूल सर्टिफिकेट, तहसील इंक्वायरी रिपोर्ट, अटेस्ट किए हुए फॉर्म जमा करने होंगे.

डेथ सर्टिफिकेट

डेथ सर्टिफिकेट सरकार द्वारा मृतक के सबसे नज़दीकी रिश्तेदार को जारी किया जानेवाला सर्टिफिकेट है, जिसमें व्यक्ति की मृत्यु की तारीख़,  तथ्य व कारण का ज़िक्र होता है.

कब पड़ेगी ज़रूरत?

  • सामाजिक, क़ानूनी और आधिकारिक ज़िम्मेदारियों से मुक्त करने के लिए किया जाता है.
  • प्रॉपर्टी के सेटलमेंट और परिवार को इंश्योरेंस आदि का फ़ायदा लेने के लिए ज़रूरी.

कैसे बनवाएं?

  • अगर अस्पताल में मृत्यु हो, तो सर्टिफिकेट उनकी तरफ़ से जारी किया जाता है, पर अगर मृत्यु घर पर हुई है, तो 21 दिनों के भीतर लोकल अथॉरिटीज़ को इसकी सूचना दें.
  • अगर 21 दिनों के भीतर नहीं किया, तो एरिया रजिस्ट्रार से अनुमति लेनी पड़ेगी और लेट फीस के साथ सर्टिफिकेट मिलेगा.
  • राशन कार्ड, कोर्ट स्टैम्प फीस के अलावा जन्म प्रमाणपत्र की ज़रूरत भी पड़ सकती है.

 मैरिज सर्टिफिकेट 

हमारे देश में शादी का रजिस्ट्रेशन द हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 या फिर द स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत किया जाता है. जहां हिंदू मैरिज एक्ट में पहले से हुई शादी का रजिस्ट्रेशन कर मैरिज सर्टिफिकेट प्राप्त किया जाता है, तो वहीं स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी व उसका रजिस्ट्रेशन दोनों एक साथ किया जाता है.

स्पेशल मैरिज एक्ट शादी/रजिस्ट्रेशनइसे आमतौर पर कोर्ट मैरिज कहते हैं. इसमें विवाह के इच्छुक लोगों को अपने इला़के के मैरिज ऑफिसर या सब रजिस्ट्रार को नोटिस देनी पड़ती है. याद रहे, दोनों में से कोई एक उस स्थान पर 30 दिनों से रह रहा हो. इसके बाद मैरिज ऑफिसर से उन्हें एक महीने का नोटिस पीरियड मिलता है, जिसके ख़त्म होने पर तय दिन व समय पर शादी व उसका रजिस्ट्रेशन दोनों एक साथ किया जाता है.

कब पड़ेगी ज़रूरत?

  • शादी की क़ानूनी मान्यता स्थापित करने के लिए व सरनेम बदलने के लिए.
  • पासपोर्ट बनवाने के लिए व पैन कार्ड, बैंक अकाउंट्स, वोटर आईडी कार्ड, फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स, वोटिंग कार्ड, प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स आदि में ज़रूरी बदलाव व अपडेट करने के लिए.

कैसे बनवाएं?

  • शादी के 1 महीने के भीतर ही रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए. अपने माता-पिता/गार्जियन और गवाहों के साथ आपको रजिस्ट्रार के ऑफिस में जाना पड़ता है.
  • इस दौरान जो रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाते हैं, उन्हें क्षमादान के साथ 5 साल के भीतर रजिस्ट्रार के पास यह प्रक्रिया पूरी करवानी पड़ती है.
  • इसके लिए आप दोनों को बर्थ प्रूफ, रेसिडेंस प्रूफ, एफिडेविट, दोनों के पासपोर्ट साइज़ फोटोग्राफ्स, शादी की एक फोटो, शादी का निमंत्रण कार्ड आदि की ज़रूरत पड़ेगी.
  • रजिस्ट्रेशन के 7-90 दिनों के भीतर आपका मैरिज सर्टिफिकेट मिल जाता है.

Documentation Guidelinesपासपोर्ट

यह सबसे ज़्यादा विश्‍वसनीय प्रमाणपत्र माना जाता है, यही वजह है कि इसमें काफ़ी सतर्कता बरती जाती है.

कब पड़ेगी ज़रूरत?

  • विदेश यात्रा पर जाने के लिए. विदेश में आपकी नागरिकता और पहचान का यह सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है.
  • किसी भी सरकारी-ग़ैरसरकारी संस्थान में उम्र व पहचान को स्थापित करने का ये सबसे विश्‍वसनीय डॉक्यूमेंट है. 
       

कैसे बनवाएं?

  • आप ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं या नज़दीक़ी पासपोर्ट सेवा केंद्र में फॉर्म भरकर ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ जमा कर सकते हैं.
  •  डॉक्यूमेंट्स में आपको रेसिडेंस प्रूफ, जन्म प्रमाणपत्र, चेंज ऑफ नेम डॉक्यूमेंट, ईसीएनआर (ईमिग्रेशन क्लियरेंस नॉट रिक्वॉयर्ड) के लिए डॉक्यूमेंट्स, पासपोर्ट साइज़ फोटो देने होंगे. \
  • सभी सेल्फ अटेस्टेड कॉपीज़ के साथ-साथ ओरिजनल्स ले जाना अति आवश्यक है.
  • नया पासपोर्ट बनने में 5-6 हफ़्ते लग जाते हैं, पर उनकी ङ्गतत्कालफ सुविधा भी है.
  • पैन कार्ड                                               

यह सबसे ज़्यादा विश्‍वसनीय प्रमाणपत्र माना जाता है, यही वजह है कि इसमें काफ़ी सतर्कता बरती जाती है.

कब पड़ेगी ज़रूरत?

  • इन्कम टैक्स फाइल करते व़क्त, बैंक से जुड़े सभी कामों, अचल संपत्ति को ख़रीदने-बेचने, गाड़ी ख़रीदने व विदेश यात्रा के लिए.
  • होटल व रेस्टोरेंट्स में एक तय सीमा के बाद भुगतान के लिए.
  • टेलीफोन या मोबाइल नंबर के कनेक्शन के लिए.

कैसे बनवाएं?

  • पैन कार्ड आप अपने सीए या टैक्स कंसल्टेंट की मदद से बनवा सकते हैं. इसमें आपको बस ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स और फीस देनी होगी, बाकी सब काम वो ख़ुद कर देंगे.
  • पर अगर आप ख़ुद भरना चाहते हैं, तो इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट या यूटीआई इन्वेस्टर सर्विसेज़ या फिर नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉज़िटरी लिमिटेड  पर जाकर फॉर्म 49ए डाउनलोड करें.
  • फॉर्म भरकर, फोटो अपलोड करें और उसे अपने नज़दीक़ी आईटी पैन सर्विसेज़ सेंटर या टिन फैसिलिटेशन सेंटर में फीस के साथ जमा कर दें. एक महीने के अंदर आपका पैन कार्ड आपके पते पर भेज दिया जाएगा.
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Documentation Guidelinesआधार कार्ड

देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी यह हर भारतीय की पहचान का प्रतीक बन गया है. पहचान के साथ-साथ 10 डिजिट के इस नंबर में आपसे जुड़ी सारी ज़रूरी जानकारी मौजूद है, जिसे आधिकारिक कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है       

कब पड़ेगी ज़रूरत?                                                                                                                 

  • रोज़गार, शिक्षा, पेंशन स्कीम, हेल्थ केयर, इंश्योरेंस, प्रॉपर्टी ट्रांज़ैक्शन आदि के लिए ज़रूरी है.
  • मनरेगा के मज़दूरों का मेहनताना सीधे उनके अकाउंट में डिपॉज़िट करने के लिए.
  • इंश्योरेंस, डीमैट अकाउंट, म्युचुअल फंड स्कीम्स के केवायसी (नो योर कस्टमर) डिटेल्स को अपडेट करने के लिए.
  • टेलीफोन/मोबाइल नंबर और गैस कनेक्शन लेने के लिए.
  • गाड़ी ख़रीदते व़क्त.

कैसे बनवाएं?

  • भारत में कहीं भी किसी आधार कार्ड एनरोलमेंट सेंटर में जाकर फॉर्म भरें. रेसिडेंस प्रूफ और आइडेंटिटी प्रूफ ज़रूर ले जाएं.
  •  एनरोलमेंट के बाद आपको एक एनरोलमेंट स्लिप मिलेगी, इसे ओरिजनल आधार कार्ड मिलने तक संभालकर रखें.
  •  ईमेल या एसएमएस के ज़रिए आपको कार्ड की सूचना मिल जाएगी.
  • आप ऑनलाइन भी अपने कार्ड को ट्रैक कर सकते हैं. 3-5 हफ़्ते के भीतर आधार कार्ड आपके पते पर भेज दिया जाता है.

वोटर्स आईडी कार्ड

बाकी पहचान पत्र की तरह वोटर्स आईडी कार्ड भी एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र है.

कब पड़ेगी ज़रूरत?

वोटिंग के अलावा एक पहचान पत्र के रूप में भी वोटिंग कार्ड की ज़रूरत पड़ती है.                                                      

कैसे बनवाएं?                                                                                  

  •  इसे आप चुनावों के व़क्त अपने नज़दीक़ी इलेक्शन ऑफिस या इलेक्शन सेंटर से बनवा सकते हैं, जिसके लिए आपको फॉर्म भरकर ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करने होंगे.
  • इसके अलावा eci-citizenservices.nic.in वेबसाइट पर फॉर्म भरकर भी आप अपना वोटर्स आई कार्ड पा सकते हैं.
  •  डॉक्यूमेंट्स में आईडी प्रूफ, रेसिडेंस प्रूफ, एज प्रूफ और लेटेस्ट पासपोर्ट साइज़ फोटो अपलोड करें.
  • इसके बाद आपको एक नंबर मिलेगा, उसे संभालकर रखें. उसकी मदद से आप अपने वोटर्स आई कार्ड को ट्रैक कर सकते हैं.

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– अनीता सिंह