हरड़ के 21 चमत्कारी फ़ायदे (21 Amazing Benefits Of Harad)

Benefits Of Harad

हरड़ अनेक बीमारियों में प्रभावी औषधि (Benefits Of Harad) का काम करती है. हर रोज़ हरड़ की चटनी भोजन के साथ सेवन करने से बुद्धि, बल व आयु की वृद्धि होती है. भोजन के अंत में हरड़ का सेवन करने से वात, कफ़ व पित्त से उत्पन्न विकार शांत हो जाते हैं. हरड़ को नमक के साथ मिलाकर खाने से कफ़, खांड के साथ खाने से पित्त, घी के साथ खाने से वायु व गुड़ के साथ खाने से सभी बीमारियों का नाश हो जाता है.

* अजीर्ण होने पर हरड़, पीपरि और सेंधा नमक को समभाग में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें. 5 ग्राम चूर्ण को दही के पानी या गुनगुने पानी के साथ लेने से तुरंत लाभ होता है.
* हरड़ को उबालकर खाने से दस्त बंद हो जाते हैं.
* गुड़ के साथ हरड़ का सेवन करने से वातरक्त से छुटकारा मिलता है.
* हरड़, बहेड़ा व आंवले का चूर्ण समभाग में सेवन करने से कब्ज़ दूर होता है और आंत की शुद्धि होती है.
* पुराना गुड़ व हरड़ का चूर्ण सममात्रा में मिलाकर 15-15 ग्राम के लड्डू बनाएं. एक-एक लड्डू हर रोज़ खाने से शरीर की सूजन में लाभ होता है.

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* हरड़ का चूर्ण 5 ग्राम शहद के साथ सुबह-शाम लेने से मलेरिया में फ़ायदा होता है.
* आंखों की समस्या होने पर हरड़ के पानी से आंखें धोएं. इससे नेत्र विकार दूर होता है और आंखों की रोशनी बढ़ती है.
* 5 ग्राम हरड़ का चूर्ण 40 मि.ली. गोमूत्र में मिलाकर हर रोज़ पीने व खानपान में परहेज़ रखने से कुष्ठ रोग नष्ट हो जाता है.
* खांसी की परेशानी होने पर हरड़, कालीमिर्च और पीपरि तीनों का समभाग चूर्ण 3-3 ग्राम की मात्रा में दिन में तीन बार गुड़ के साथ खाएं.
* 3 ग्राम हरड़ का चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से प्रमेह बीमारी नष्ट हो जाती है.
* हरड़ का चूर्ण गुड़ या सेंधा नमक के साथ निरंतर सेवन करने से भूख खुलकर लगती है और भोजन आसानी से पचता है.
* हरड़ का कपड़छन चूर्ण बनाकर उससे नियमित मंजन करने से दांत साफ़ और निरोगी होते हैं. हरड़ और कत्था मिलाकर चूसने से दांत मज़बूत होते हैं.

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* हरड़, नीम की छाल का चूर्ण, वायविडंग और गुड़ को एक साथ मिलाकर सेवन करने से पेट के कीड़ों का नाश हो जाता है.
* हरड़ का चूर्ण व पुराना गुड़ समान मात्रा में मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करने से पीलिया दूर हो जाता है. सेवन की मात्रा 10 से 20 ग्राम तक रखें.
* हरड़ का चूर्ण समभाग गुड़ के साथ सुबह-शाम सेवन करने से बवासीर ठीक हो जाती है.
* हरड़ का चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में दो किशमिश के साथ लेने से एसिडिटी की परेशानी दूर हो जाती है.
* हरड़ के टुकड़ों को चबाकर खाने से भूख बढ़ती है.
* मुंह के छालों के लिए छोटी हरड़ को पानी में घिसकर छालों पर लगाएं.
* हरड़ के क्वाथ में फिटकरी मिलाकर कुल्ला करने से गला साफ़ होता है और आवाज़ सुरीली बनती है.

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* भोजन के बाद यदि पेट में भारीपन महसूस हो, तो हरड़ का सेवन करने से आराम मिलता है.
* हरड़ का सेवन करने से खुजली जैसी समस्या भी दूर हो जाती है.
सावधानीः हरड़ का सेवन गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए.

– कौशल कदम

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