5 अधिकार, जो देंगे आपको आर्थिक आज़ादी (5 Financial rights you should know )

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फाइनेंशियल फ्रीडम बहुत ही ज़रूरी है, ख़ासतौर पर महिलाओं के लिए. आपका आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना आपकी बहुत-सी परेशानियों को मिनटों में हल कर देता है. आपने हर तरह के अधिकार के बारे में सुना होगा, लेकिन ये आर्थिक अधिकार किसे कहते हैं. आख़िर ये अधिकार पाने से कैसे आप आर्थिक रूप से आज़ाद होते हैं? आइए, जानते हैं.

अगर आप हैं एजेंट
अगर आप किसी इंश्योरेंस कंपनी में काम करते हैं, तो आर्थिक अधिकार में ये भी आता है. उसके कमिशन पर आपका अधिकार है, अगर आपको वो नहीं मिलता है, तो आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

सर्विस चार्ज ना देने का अधिकार
किसी भी रेस्टोरेंट में खाने पर अगर उसकी सर्विस आपको अच्छी नहीं लगी, तो आप उसका सर्विस चार्ज देने से इंकार कर सकते हैं. हाल ही में सरकार ने ये पॉलिसी लॉन्च की. इससे आम लोगों को काफ़ी फ़ायदा पहुंचा है. इतना ही नहीं, अगर आपसे ज़बर्दस्ती होटल का मालिक सर्विस पे करने को कहता है, तो आप उसकी शिकायत कर सकते हैं.

लॉकर से जुड़े अधिकार
अगर आप ज्वेलरी को बैंक में जमा करवाना चाह रहे हैं और बैंक में आपका अकाउंट नहीं, तो ज़रूरी नहीं कि आप वहां अकाउंट खुलवाएं. लॉकर से जुड़े
अधिकार के तहत बिना खाते के भी बैंक में लॉकर खोला जा सकता है. लॉकर के लिए बैंक में निवेश करना जरूरी नहीं होता है. किसी भी बैंक में अगर आपको लॉकर के लिए अकाउंट खोलने के लिए ज़बर्दस्ती की जाए, तो आप उस बैंक के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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समय पर घर के पजेशन का हक
बड़े शहरों में अक्सर लोग अंडर कंस्ट्रक्शन घर ख़रीदते हैं, क्योंकि उन्हें ऐसा करना आसान होता है. उनके ऊपर फाइनेंस का ज़्यादा लोड नहीं होता. कई बार बिल्डर समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं करते और घर का पजेशन नहीं देते. ऐसे में आप उनके ख़िलाफ़ कंप्लेन कर सकते हैं. पजेशन में देरी होने से बिल्डर को ब्याज देना होगा.

टैक्स रिफंड का अधिकार
ईमानदारी से सरकार को टैक्स देते हैं, तो इसका रिफंड लेने का अधिकार भी आपको है. वो आपका ही पैसा है. टैक्स रिफंड के अधिकार के तहत रिटर्न फाइल करने के 90 दिन के भीतर रिफंड देना ज़रूरी होता है. रिफंड 90 दिन के बाद मिलता है तो हर महीने 0.5 फ़ीसदी ब्याज आपको मिलना चाहिए. अगर ऐसा नहीं है, तो आप रिफंड में देरी होने पर असेसमेंट अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं.

– श्वेता सिंह 

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