Close

कहानी- उर्मिला‌ का दर्द  (Short Story- Urmila Ka Dard)

“बहुत बढ़िया!.. रामायण भी पढ़ी होगी? कुछ सुनाओ…कौन-सा प्रसंग, कौन-सा पात्र सबसे ज़्यादा प्रभावित करता है तुम्हें?” ये उसको सहज करने के लिए बातें कर रहे थे, मुझे बहुत ग़ुस्सा आ रहा था. “पापा, वैसे तो सब पसंद हैं, लेकिन उर्मिला सबसे ज़्यादा…”  आशा के विपरीत जवाब आया.

“हैलो, बड़े दिनों बाद याद किया आपने हमें.. बिल्कुल आएंगे, हां-हां सपरिवार आएंगे… नहीं,बेटा नहीं है यहा. वो तो शादी के कुछ ही दिनों बाद कश्मीर चला  गया था… नहीं बहू यहीं है, दरअसल फील्ड पोस्टिंग है ना, परिवार को साथ नहीं रख सकते. क्या करें… सेना में है, देश सेवा की बात है…”

बात करके ये मेरे पास आए, “कल शर्मा जी के पोते का जन्मदिन है, सबको बुलाया है. बहू से भी बोल देना.”

“आप ही बोल दीजिए. जब से विनय गया है, बस मुंह बनाए बैठी रहती है. लगता ही नहीं, नई बहू है. ना सजना-संवरना, ना बात करना, वहीं कमरे में बस…” मैं ग़ुस्से में बड़बड़ाने लगी.

यह भी पढ़ें: फेस्टिवल पर परफेक्शन से ज़्यादा ज़रूरी है हैप्पीनेस (During festivals, happiness is more important than perfection)

मुझे इशारे से चुप कराते हुए इन्होंने बहू को आवाज़ दी, ” सपना, आओ बेटा यहां, हम लोगों के पास भी बैठा करो.विनय बता रहा था तुम्हें पढ़ने का बहुत शौक है.”

“जी पापा, बहुत अच्छा लगता है…” मीठी-सी आवाज़ कानों में पड़ी.

मैंने उसे ध्यान से देखा, सुंदर चेहरा कांतिहीन था,एकदम मुरझाया हुआ.

“बहुत बढ़िया!.. रामायण भी पढ़ी होगी? कुछ सुनाओ…कौन-सा प्रसंग, कौन-सा पात्र सबसे ज़्यादा प्रभावित करता है तुम्हें?” ये उसको सहज करने के लिए बातें कर रहे थे, मुझे बहुत ग़ुस्सा आ रहा था.

“पापा, वैसे तो सब पसंद हैं, लेकिन उर्मिला सबसे ज़्यादा…” आशा के विपरीत जवाब आया.

” उर्मिला? ऐसा क्यों?” मैं भी बीच में कूद पड़ी.

” मांजी, लक्ष्मण तो कर्तव्य मार्ग पर बढ़ गए, पीछे रह गई वो. पति वियोग भीसहा, उसका दर्द भी कोई नहीं समझ पाया…” बोलते-बोलते वो फूट-फूटकर रो पड़ी.

मेरे मन के एक कोने में कुछ सिकुड़ गया; स्त्री होकर भी मैं भी अपनी ‘उर्मिला’ का दर्द नहीं समझ पाई!..

लकी राजीव

यह भी पढ़ें: घर के दरवाज़े पर किस चीज़ को रखने से आती है लक्ष्मी और किस से चली जाती है? (Vastu Tips to Attract Goddess Laxmi at Your Home)

अधिक कहानियां/शॉर्ट स्टोरीज़ के लिए यहां क्लिक करें – SHORT STORIES

Share this article