Short Stories

मेरी सहेली की कहानी (Kahani) भावनाप्रधान, रोमांटिक (Romantic) व मर्मस्पर्शी होती हैं. ये ऐसी हिंदी कहानियां (Hindi Kahaniya) हैं, जो जीने की प्रेरणा देने के साथ-साथ हमें आत्मनिर्भर व आत्मविश्‍वासी भी बनाती हैं

कहानी- उमंगों का आशियाना (Short Story- Umango Ka Aashiyana)

कावेरीजी ने जिस नज़र से अपने बेटे को देखा, लग रहा था जैसे आज वे कोई पुराना हिसाब चुकता कर रही हों. ...

कहानी- प्रतीक्षा यात्रा (Short Story- Pratiksha Yatra)

“मैं तब तक पूरी तरह तुमसे जुड़ चुका था, मगर इस फ़र्ज़ की जंग में तुम्हारे सपनों की बलि क्यों चढ़ाता, ...

कहानी- क़िस्मतवाली (Short Story- Kismatwali)

“मेरे पति स़िर्फ मेरे प्रति पूर्ण समर्पित हैं, ये ख़्याल मुझे आभासी ख़ुशी देता है, मेरे होंठों पर ...

कहानी- चली-चली रे पतंग (Short Story- Chali-Chali Re Patang)

‘अब जब सब चैन से हैं, तो लोगों को क्यों दर्द हो रहा है? कभी हवाहवाई, तो कभी चली-चली रे पतंग देखो… ...

कहानी- जीत गई ज़िंदगी (Short Story- Jeet Gayi Zindagi)

इस अंतिम अस्पताल में वह यंत्रवत घुसा. निराशा से चारों ओर नज़र दौड़ायी, पर असफल रहा. वापस जाते ...

कहानी- सेल्फी (Short Story- Selfie)

काश! राहुल से उसका अफेयर न होता. अब वह ऐसे चक्रव्यूह में फंस गई थी, जिससे बाहर निकलने का कोई ...

कहानी- परिवेश (Short Story- Parivesh)

आज के ज़माने में अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा होना सुखद है. हम सभी एक अलग परिवेश में पले-बढ़े ...

काव्य- तुम सम्हालो ख़ुद को… (Kavay- Tum Samhalo Khud Ko…)

बेटी तो होती है एक कली अगर खिलेगी वह नन्ही कली तो बनेगी एक दिन फूल वह कली चाहे हो वह बेटी किसी की ...

कहानी- सीक्वल 2 (Short Story- Sequel 2)

माना बच्चा मां के पेट में रहता है, लेकिन जुड़ा तो पिता के दिल से भी रहता है. तुम गर्भस्थ शिशु को ...

कहानी- फ़ैसला (Short Story- Faisla)

ऐसा नहीं था कि मैं अपने परिवार से प्यार नहीं करता था, लेकिन अपने प्यार को जताना मुझे कभी आया ही ...

कहानी- गृहस्थी (Short Story- Grihasthi)

उन्हें सोमेश बाबू को यूं स्त्रियों की भांति गृहस्थी चलाते देख काफ़ी आश्‍चर्य होता था. अक्सर ...

कहानी- परिवर्तन (Short Story- Parivartan)

“बच्चों को हमेशा बड़ों की तरह टोकोगी, तो वो तुमसे दूर होते जाएंगे. ये उम्र तो उन्हें अपना दोस्त ...

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