Short Stories

मेरी सहेली की कहानी (Kahani) भावनाप्रधान, रोमांटिक (Romantic) व मर्मस्पर्शी होती हैं. ये ऐसी हिंदी कहानियां (Hindi Kahaniya) हैं, जो जीने की प्रेरणा देने के साथ-साथ हमें आत्मनिर्भर व आत्मविश्‍वासी भी बनाती हैं

कहानी- गांव (Short Story- Gaon)

शुक्र है, इतने बदलावों के बीच भी कुछ चीज़ें नहीं बदल रहीं. हमारी वो परंपरा, जो हमारी पहचान है, उन ...

पंचतंत्र की कहानी: दो दोस्त और बोलनेवाला पेड़ (Panchtantra Story: Two Friends And A Talking Tree)

  दो दोस्त और बोलनेवाला पेड़ (Panchtantra Story: Two Friends And A Talking Tree) एक गांव में मनोहर और धर्मचंद नाम के दो दोस्त ...

कहानी- वर्जिन लड़की (Short Story- Virgin Ladki)

“रितु, वर्जिनिटी से बड़ा लिंग भेद कुछ भी नहीं आज हमारे समाज में. एक ओर जहां लड़कों से कुछ भी नहीं ...

कहानी- मैंने तो पहले ही कहा था… (Short Story- Main To Pahle Hi Kaha Tha…)

मंगला को समझ में नहीं आया कि ये अचानक शांता को क्या हो गया? मंगला ने रमेशजी से शांता के पत्र की ...

कहानी- राम-लखन का…? (Short Story- Ram Lakhan Ka…?)

ईश्‍वर से प्रार्थना करती हूं, संसार में सभी भाई-बहन के पावन रिश्ते को समझ सकें. जब कभी अपनी ‘दी’ ...

कहानी- मुखौटे के भीतर (Short Story- Mukhote Ke Bheetar)

बाबूजी की वे कातर निगाहें एवं फैली हथेलियां क्या कभी भूली जा सकती हैं? “बेटा मुझे छोड़कर न ...

तेनालीराम की कहानी : तेनालीराम और सोने के आम (Tenali Rama And The Golden Mangoes)

तेनालीराम की कहानी : तेनालीराम और सोने के आम (Tenali Rama And The Golden Mangoes) आज के हाईटेक युग में जब बच्चों को हर ...

कहानी- उसकी राह (Short Story- Uski Rah)

“क्या यह वरदान मेरे लिए अभिशाप नहीं बन जाएगा? क्या यह सहारा मेरे लिए बोझ नहीं साबित होगा? इसके ...

कहानी- यही सच है (Short Story- Yahi Sach Hai)

मन का वर्चस्व तो हर काल में रहा है. सही है, हमने हाथों में हाथ डाल कभी डांस नहीं किया, होटल के ...

कहानी- माफ़ करना शिखा! (Short Story- Maaf Karna Shikha!)

‘तुम नहीं जानती शिखा, तुम्हें खोने के एहसास ने मुझे किस क़दर झकझोर कर रख दिया था. अगर तुम्हें ...

कहानी- सॉरी आंटी (Short Story- Sorry Aunty)

आंटी की आवाज़ में जो कुछ भी था, वह रिया के संवेदनशील, भावुक मन को अंदर तक छू गया. एक स्त्री होकर भी ...

ग़ज़ल- तेरी पाकीज़गी में हमदम (Gazal- Teri Pakeezgi Mein Humdam)

  मेरी आंख से बता क्यों ख़्वाब झांकता है एहसास का समंदर तेरी आंख में छुपा है दिल मेरा स़िर्फ ...

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