Short Stories

मेरी सहेली की कहानी (Kahani) भावनाप्रधान, रोमांटिक (Romantic) व मर्मस्पर्शी होती हैं. ये ऐसी हिंदी कहानियां (Hindi Kahaniya) हैं, जो जीने की प्रेरणा देने के साथ-साथ हमें आत्मनिर्भर व आत्मविश्‍वासी भी बनाती हैं

 

 

child psycology1

कहानी- चाइल्ड साइकोलॉजी (Short Story- Child Psychology)

“इंसान बच्चे क्यों पैदा करता है? अपना खानदान चलाने के लिए, अपने ममत्व को परितृप्त करने के लिए. उन्हें पालता-पोसता है, उन पर प्यार लुटाता है, क्योंकि उसे इससे ख़ुशी और तृप्ति मिलती है, तभी तो जो दंपति मां-बाप नहीं बन पाते, वे अपने इस सूनेपन को भरने के लिए बच्चा गोद ले लेते हैं…. … Continue reading कहानी- चाइल्ड साइकोलॉजी (Short Story- Child Psychology) »

pawani final

कहानी- पावन छवि का बाहुपाश (Short Story- Pawan Chhavi Ka Bahupash)

आंखें बंद कर वह बिस्तर पर लेट गए. उनका संकल्प डगमगा रहा था. बेचैनी के बीच उनकी आंख लग गई. जागे तो हतप्रभ. बत्ती बुझी थी. दरवाज़ा बंद. वह मुस्कुराए. निश्‍चित रूप से यहां सरोज आकर गई है. कल्पना लोक में वह शकुन्तला को भुलाकर सरोज के साथ विचरण कर रहे थे. छुटपन से ही … Continue reading कहानी- पावन छवि का बाहुपाश (Short Story- Pawan Chhavi Ka Bahupash) »

Panchtantra ki kahani

पंचतंत्र की कहानी: नीला सियार ( Panchtantra ki kahani: The Blue Jackal)

एक जंगल में एक बहुत ही दुष्ट सियार रहता था. जंगल के सभी जानवर उससे बेहद परेशान थे. यहां तक कि बाकी के सियार भी उससे तंग आ चुके थे, क्योंकि वो ख़ुद को सबसे श्रेष्ठ समझता था और यहां कि बात वहां लगाकर सब में फूट डालता था. एक दिन दुष्ट सियार शिकार की … Continue reading पंचतंत्र की कहानी: नीला सियार ( Panchtantra ki kahani: The Blue Jackal) »

ganga tat final

कहानी- गंगा तट पर (Short Story- Ganga Tat Par)

  “मेरी मृत्यु के बाद जिस रोज़ मेरा अस्थि विसर्जन हो, तब उस अस्थि-कलश के साथ इस संदूक को भी गंगा में विसर्जित करवा देना बिटिया… बड़े दिनों से यह बात दिल में दबाकर रखी थी, पर अब दिल भी कमज़ोर पड़ता जा रहा है. कौन जाने कितनी सांस शेष है. पता नहीं कब गहरी … Continue reading कहानी- गंगा तट पर (Short Story- Ganga Tat Par) »

कहानी

कहानी- करवट (Short Story- Karvat)

  आज मैंने अपनी खोई हुई आवाज़ को पा लिया है. मैंने आज महसूस किया कि यदि लड़ाई अपने हक़ की है, तो आवाज़ उठाना ग़लत नहीं है. अगर हम सच्चे हैं, तो उस सच्चाई के आगे एक न एक दिन सबको झुकना ही होगा. मेरी ख़ामोश प्रवृत्ति के कारण मैं मायके से लेकर ससुराल … Continue reading कहानी- करवट (Short Story- Karvat) »

sudhir-01

कहानी- नारी होने का पुरस्कार (Short Story- Nari Hone Ka Purskar)

उन नौ दिनों में न जाने तमन्ना ने कितने नये सपने संजो लिए थे. कला के प्रति समर्पित होने का संकल्प भी ले लिया. अपने अरमानों की कश्ती का नया किनारा भी तमन्ना ने ढूंढ़ लिया था. अब सास यदि कुछ कह-सुन भी लेती तो उसे कुछ महसूस नहीं होता था.   ‘आपको हर्ष के … Continue reading कहानी- नारी होने का पुरस्कार (Short Story- Nari Hone Ka Purskar) »

कहानी

पंचतंत्र की कहानी: मूर्ख साधू और ठग (Panchtantra Ki Kahani: The Foolish Sage And The Cheat)

पंचतंत्र की कहानी: मूर्ख साधू और ठग (Panchtantra Ki Kahani: The Foolish Sage And The Cheat) एक गांव के मंदिर में देव शर्मा नाम का प्रतिष्ठित साधू रहता था. गांव  में सभी लोग उसका आदर और सम्मान करते थे. उसे दान में कई तरह के वस्त्र, उपहार और पैसे मिलते थे. उन वस्त्रों को बेचकर साधू ने बहुत … Continue reading पंचतंत्र की कहानी: मूर्ख साधू और ठग (Panchtantra Ki Kahani: The Foolish Sage And The Cheat) »

Ek Radha

कहानी- एक राधा यह भी (Short Story- Ek Radha Yeh Bhi)

  प्यार करना अथवा न करना अपने बस में नहीं होता शायद. कहा जाता है कि प्यार पुरुष की ज़िंदगी का तो एक नामालूम-सा हिस्सा होता है, पर स्त्री के लिए उसके पूरे वजूद पर छाया हुआ संपूर्ण जीवन होता है.   घर में अनेक लोग हैं. सामान्यतः जितने होते हैं, उससे भी कुछ अधिक … Continue reading कहानी- एक राधा यह भी (Short Story- Ek Radha Yeh Bhi) »

dil ki dahliz11

कहानी- दिल की दहलीज़ के उस पार (Short Story- Dil Ki Dahleez Ke Us Paar)

  “दीदी! मैं चाय…” आगे के शब्द उसके कंठ में ही रह गये. सामने का दृश्य देखकर वो हतप्रभ रह गयी थी. हाथ में पकड़ी ट्रे छूटकर ज़मीन पर गिर गयी थी…. चाय भरी प्यालियों के टुकड़े छन्न से चारों तरफ़ बिखर गये थे… और फिर कमरे में भयंकर सन्नाटा छा गया था. जया की … Continue reading कहानी- दिल की दहलीज़ के उस पार (Short Story- Dil Ki Dahleez Ke Us Paar) »

कहानी

कहानी- पेइंग गेस्ट (Short Story- Paying Guest)

  सब लोगों की बातों का मातम मनाना छोड़िए. ख़ुश रहिए. आपको अपने तरी़के से जीने का हक़ है. तथ्य क्या है- ये मैं जानता हूं, आप जानती हैं. लोग जानें, ज़रूरी नहीं है. स्त्री और पुरुष के बीच सामाजिक या असामाजिक संबंध हो ही, यह ज़रूरी नहीं है. बिना किसी संबंध के भी सहृदयता … Continue reading कहानी- पेइंग गेस्ट (Short Story- Paying Guest) »

web-12

कहानी- शराफ़त अली (Short Story- Sharafat Ali)

“क्या राय है आपकी? अब तो रिचा को भी देख लिया है आपने.” “उसे अभी कहां देखा? मैं तो आपको देख रहा था…” “जी…” मुझे पसीना आने लगा था. हाथ ठंडे हो गए थे, गला सूखने लगा था. “सोच रहा था कि काश! 30 साल पहले भी ऐसा स्वतंत्र व पॉज़ीटिव माहौल होता. आप बिल्कुल … Continue reading कहानी- शराफ़त अली (Short Story- Sharafat Ali) »

कहानी

कहानी- विरासत (Short Story- Virasat)

  बेटे की ममता, मोहमाया से उबरने में थोड़ा व़़क्त तो लगना था, लेकिन अब उनका अपना संसार अलग था, अपनी विरासत में वे अब पूर्णतया मुक्त थीं. अपने एकान्त का उपयोग अपने तरी़के से कर सकने में स्वतंत्र थीं. वे देर तक स्पंदनहीन-सी जड़ बनी बैठी रहीं.   ऋषिराज ऑफ़िस से लौटा तो वह … Continue reading कहानी- विरासत (Short Story- Virasat) »

1 2 3 14