Short Stories

मेरी सहेली की कहानी (Kahani) भावनाप्रधान, रोमांटिक (Romantic) व मर्मस्पर्शी होती हैं. ये ऐसी हिंदी कहानियां (Hindi Kahaniya) हैं, जो जीने की प्रेरणा देने के साथ-साथ हमें आत्मनिर्भर व आत्मविश्‍वासी भी बनाती हैं

 

 

Kahani

कहानी- वैराग्य (Short Story- Vairagya)

  “इन लुभावनी बातों और शब्दों के जाल में क्यों उलझते हो. जिस संसार में, जिस घर में तुम रहते हो, वहां भी वही ईश्‍वर है, जो इस पहाड़ व जंगल में है. संसार भी ईश्‍वर का ही बनाया हुआ है. ईश्‍वर ने तुम्हें माता-पिता, पत्नी-बच्चे सब दिए. घर, कामकाज, व्यापार सब है तुम्हारे पास … Continue reading कहानी- वैराग्य (Short Story- Vairagya) »

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पंचतंत्र की कहानी- बगुला भगत (Panchtantra Story- Greedy crane)

एक वन प्रदेश में बहुत बड़ा तालाब था. वहां हर प्रकार के जीवों के लिए भोजन सामग्री उपलब्ध थी. इसलिए वहां कई प्रकार के जीव, पक्षी, मछलियां, कछुए और केकड़े आदि रहते थें. पास में ही बगुला रहता था, जिसे मेहनत करना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था. उसकी आंखें भी कुछ कमज़ोर थीं. मछलियां पकड़ने … Continue reading पंचतंत्र की कहानी- बगुला भगत (Panchtantra Story- Greedy crane) »

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कहानी- दादी डॉट कॉम (Short Story- Dadi dot com)

इंटरनेट के असीम संसार में दादी, सास, सलाहकार, सहेली, लेखिका जैसी कितनी ही भूमिकाओं को निभाकर शारदा अब बहुत ही उत्साहित थीं. उन्हें अपना जीवन फिर से उद्देश्यपूर्ण लगने लगा. कितने ही लोग इंटरनेट के माध्यम से न केवल उनके परिवार के सदस्य जैसे बन गए थे, बल्कि सब आपस में भावनात्मक डोर से बंधे … Continue reading कहानी- दादी डॉट कॉम (Short Story- Dadi dot com) »

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कहानी- आव नहीं, आदर नहीं (Short Story- Aav nahi, aadar nahi)

उनका दृढ़ विश्‍वास था- माता-पिता की सेवा स्वयं की इच्छाशक्ति से होती है. यह पुत्र का कर्त्तव्य है, याद दिलाने की बात नहीं. पुत्र में यदि सेवा की भावना होगी, तो पत्नी चाहे लाख उग्र या झगड़ालू हो, उसे हर हाल में सेवा करनी होगी. पुत्र ही यदि इसे ‘झंझट’ समझे, दूर रहने की कोशिश … Continue reading कहानी- आव नहीं, आदर नहीं (Short Story- Aav nahi, aadar nahi) »

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कहानी- स्मॉल टाउन गर्ल (Short Story- Small town girl)

  रमा दीदी का बात करने का तरीक़ा शुरू से ही इतना प्रभावशाली रहा कि उनसे प्रभावित होकर मैं उन्हें ही अपना आदर्श मानने लगी. रमा दीदी की शादी के दो साल बाद जब मेरे विवाह की भी चर्चा होने लगी तो रमा दीदी के रंग में रंगी मैं भी बाऊजी से यही कहने लगी … Continue reading कहानी- स्मॉल टाउन गर्ल (Short Story- Small town girl) »

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पंचतंत्र की कहानी- तीन मछलियां (Panchtantra Story- The Three Fishes)

एक नदी के किनारे उसी नदी से जुड़ा एक बड़ा जलाशय था. जलाशय में पानी गहरा होता हैं, इसलिए उसमें काई तथा मछलियों का प्रिय भोजन जलीय सूक्ष्म पौधे उगते हैं. ऐसी जगह मछलियों को बहुत पसंद आती है. उस जलाशय में भी नदी से बहुत-सी मछलियां आकर रहती थी. अंडे देने के लिए तो … Continue reading पंचतंत्र की कहानी- तीन मछलियां (Panchtantra Story- The Three Fishes) »

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कहानी- फैसला (Short Story- Faisla)

सुमी के अंदर वे सारे गुण मौजूद थे, जो सामाजिक मर्यादा, शालीनता एवं शिष्टता के लिए एक नारी में होने चाहिए. फिर न जाने क्यों वो मेरी ओर आकर्षित हो गई? इसे वह व्यभिचार नहीं मानती. सुमी सदा यही कहती, “यह तो मेरी अतृप्त आकांक्षा की विवशता है. एक निःस्वार्थ समर्पण है… भावनाओं का समन्वय … Continue reading कहानी- फैसला (Short Story- Faisla) »

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कहानी- वैलेंटाइन डे (Short Story- Valentine Day)

हमने पश्‍चिम के त्योहारों और दिवसों को तो अपना लिया, पर क्या पश्‍चिमी देशों जैसे आधुनिक हम हो पाए हैं? ‘वैलेंटाइन डे’ तो ‘सेंट वैलेंटाइन’, जिन्होंने प्रेम के नाम पर शहादत दी थी, उनके प्यार के पैग़ाम को नमन करने के लिए मनाया जाता है. इसे वासना के बहाने से किसी के भी सम्मुख इज़हार … Continue reading कहानी- वैलेंटाइन डे (Short Story- Valentine Day) »

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कहानी- कथा पारो और देवदास की (Short Story- Katha Paro aur Devdas ki)

शहर में देवदास फ़िल्म लगी, तो मित्र-मंडली चल पड़ी देखने. फ़िल्म अच्छी थी या बुरी- इस झंझट में कौन पड़े. बस सबको एक नाम मिल गया था ‘देवदास’. कोई लड़का ज़रा ग़मग़ीन दिखा, तो झट उसे फिकरा सुनने को मिलता ‘क्या देवदास बने बैठे हो.’ कोई लड़का किसी लड़की की तरफ़ ज़रा झुका नहीं कि … Continue reading कहानी- कथा पारो और देवदास की (Short Story- Katha Paro aur Devdas ki) »

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पंचतंत्र की कहानी- झूठी शान (Panchtantra Story-The Owl and Swan)

एक जंगल में पहाड़ की चोटी पर एक किला बना था. किले के एक कोने के साथ बाहर की ओर एक बड़ा देवदार का पेड़ था. किले में उस राज्य की सेना की एक टुकड़ी तैनात थी. देवदार के पेड़ पर एक उल्लू रहता था. वह खाने की तलाश में नीचे घाटी में फैले चरागाहों … Continue reading पंचतंत्र की कहानी- झूठी शान (Panchtantra Story-The Owl and Swan) »

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कहानी- मैं अपूर्ण नहीं हूं… (Short Story- Main apurna nahi hu…)

मेरा अन्तर्मन चीत्कार कर रहा था. ऐसा लग रहा था कि मैं एक जीवित लाश बन कर रह गयी हूं. शरीर है, पर स्पन्दन नहीं. नारी की गरिमा से पूरी तरह अपूर्ण हो गयी हूं मैं. मेरी आंखें डबडबा आयीं. न चाहते हुए भी मेरे मुंह से कराह निकल गयी. राहुल चौंक कर उठ बैठे, … Continue reading कहानी- मैं अपूर्ण नहीं हूं… (Short Story- Main apurna nahi hu…) »

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कहानी- वो मोम की दीवार (Short Story- Woh Mom ki diwar)

  “एक शरीर में रहते हुए भी नारी मां नहीं होती. मां की दृष्टि में क्षमा होती है. मन में वात्सल्य होता है और दान में हाथ उठा होता है. नारी की दृष्टि में निषेध व आलोचना होती है, मन में कामना होती है और हाथ याचना में फैला होता है. मां समर्पण का जीवन … Continue reading कहानी- वो मोम की दीवार (Short Story- Woh Mom ki diwar) »

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