Family Drama

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- दादी डॉट कॉम (Hindi Short Story- Dadi dot com)

इंटरनेट के असीम संसार में दादी, सास, सलाहकार, सहेली, लेखिका जैसी कितनी ही भूमिकाओं को निभाकर ...

Hindi Short Story

कहानी- आव नहीं, आदर नहीं (Hindi Short Story- Aav nahi, aadar nahi)

उनका दृढ़ विश्‍वास था- माता-पिता की सेवा स्वयं की इच्छाशक्ति से होती है. यह पुत्र का कर्त्तव्य ...

Kahani

हिंदी कहानी- स्मॉल टाउन गर्ल (Hindi Short Story- Small town girl)

  रमा दीदी का बात करने का तरीक़ा शुरू से ही इतना प्रभावशाली रहा कि उनसे प्रभावित होकर मैं ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- फैसला (Hindi Short Story- Faisla)

सुमी के अंदर वे सारे गुण मौजूद थे, जो सामाजिक मर्यादा, शालीनता एवं शिष्टता के लिए एक नारी में ...

Hindi Short Story

कहानी- मैं अपूर्ण नहीं हूं… (Hindi Short Story- Main apurna nahi hu…)

मेरा अन्तर्मन चीत्कार कर रहा था. ऐसा लग रहा था कि मैं एक जीवित लाश बन कर रह गयी हूं. शरीर है, पर ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- वो मोम की दीवार (Hindi Short Story- Woh Mom ki diwar)

“एक शरीर में रहते हुए भी नारी मां नहीं होती. मां की दृष्टि में क्षमा होती है. मन में वात्सल्य ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- तरकश (Hindi Short Story- Tarkash)

“प्लीज़ अमित, जीवन की सच्चाइयों और संघर्षों को समझो और स्नेहा को भी समझने दो. अपने ही दायरे में ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- समाधान (Hindi Short Story- Samadhan)

“मुझे लगता है शादी एक जुए की तरह है, जिसमें पति-पत्नी ही नहीं, बच्चे भी छले जाते हैं. मैं शादी ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- ऋतुरंग (Hindi Short Story- Riturang)

  “लगता है पीला रंग आपको बहुत पसंद है.” मेरे इस सवाल को सुनकर उसने राहत भरी मुस्कुराहट के साथ ...

Kahani Short Story Loving Memory

हिंदी कहानी- लविंग मेमोरी (Hindi Short Story- Loving Memory)

मैं सोचने लगी- यह एकदम कैसा बदलाव आ गया विजय पाल में. प्रायश्‍चित के किस क्षण ने उनकी आंखों पर ...

कहानी- रैगिंग (Hindi Short Story – Ragging)

       बेला मुखर्जी   चौंककर अतीत से वर्तमान में लौट आई नीता. सजग हुई, पर चाय के लिए हाथ नहीं ...

कहानी- पासवाले घर की बहू

कहानी- पासवाले घर की बहू ( Hindi Kahani – Paswale Ghar Ki Bahu ) | Hindi Short Story

                  पमा मलिक वह आराम से आठ बजे सोकर उठती, चाय पीती, फिर नहा-धोकर सज-धजकर बैठ जाती. लोगों से ...

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