Family Drama

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- नारी होने का पुरस्कार (Hindi Short Story- Nari Hone Ka Purskar)

उन नौ दिनों में न जाने तमन्ना ने कितने नये सपने संजो लिए थे. कला के प्रति समर्पित होने का संकल्प ...

हिंदी कहानी, hindi Short Story

कहानी- दिल की दहलीज़ के उस पार (Short Story- Dil Ki Dahleez Ke Us Paar)

“दीदी! मैं चाय…” आगे के शब्द उसके कंठ में ही रह गये. सामने का दृश्य देखकर वो हतप्रभ रह गयी थी. ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- पेइंग गेस्ट (Hindi Short Story- Paying Guest)

  सब लोगों की बातों का मातम मनाना छोड़िए. ख़ुश रहिए. आपको अपने तरी़के से जीने का हक़ है. तथ्य क्या ...

Hindi Kahani

हिंदी कहानी- विरासत (Hindi Short Story- Virasat)

  बेटे की ममता, मोहमाया से उबरने में थोड़ा व़़क्त तो लगना था, लेकिन अब उनका अपना संसार अलग था, ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- जन्मकुंडली (Hindi Short Story- Janamkundali)

बचपन से दिल की गहराई तक बैठी पंडित की भविष्यवाणी मुझे बार-बार व्याकुल करती रही. ज्योतिष ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- ममाज़ बॉय (Hindi Short Story- Mumma’s Boy)

“मेरे लिए तुम भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जितनी कि मां, पर क्या करूं डियर, तुम्हारी बात मानता हूं ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- अपनी खोज में… (Hindi Short Story- Apni Khoj mein…)

“कुछ बिरले ही ऐसे होते हैं, जो जीवन के मध्यान्तर में भी अपने पैरों में बेड़ियां डाले विकास के पथ ...

हिंदी कहानी- सच (Hindi Short Story- Sach)

  “अपने नसीब में ये सब सुख कहां? अलका को हमारा ध्यान ही कब रहता है? जब घर में रहती है, तो सारा ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- ट्रूज़ो (Hindi Short Story- Trousseau)

“तुमने ये सब सीख रखा है. मुझे तो विश्‍वास ही नहीं हो रहा और ये सब प्रमाणपत्र, मेडल आदि तुमने जीते ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- कार्ड (Hindi Short Story- Card)

“कैसे त्याग दूं मोह-माया?” सरोजिनी बुदबुदायी. इसी मोह-माया ने तो ज़िन्दगी के सत्तर वर्षों को ...

हिंदी कहानी- सोन चिरैया (Hindi Short Story- Son Chirayya)

  सोन चिरैया हंसी. बोली, “हे रानी, मैं तो बस तुम्हारे भीतर बैठी लालसा हूं, जो कुछ तुम सोचती और ...

Hindi Short Story

हिंदी कहानी- दो टके की लड़की (Hindi Short Story- Do take ki ladaki)

  “ऐसी मंशा नहीं थी मेरी… तुम्हारा पुरुषार्थ कुंठित हो ऐसा तो मैं कदापि नहीं चाहती थी, ...

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